
SAGES Teacher Recruitment: छत्तीसगढ़ के महत्वाकांक्षी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों (SAGES) में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे बच्चों और नौकरी की आस लगाए बैठे युवाओं को एक बड़ा झटका लगा है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने रायपुर जिले के आत्मानंद स्कूलों में चल रही संविदा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को अचानक बीच में ही रोक दिया है। राजधानी रायपुर के ही लगभग 33 आत्मानंद स्कूलों में इस समय विभिन्न श्रेणियों के 152 पद पूरी तरह से खाली पड़े हैं। आवेदन मंगाने और पात्रता सूची जारी करने के बाद इस तरह अचानक भर्ती निरस्त किए जाने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
ऐन वक्त पर लोक शिक्षण संचालनालय ने बदला फैसला, मेरिट का इंतजार कर रहे छात्र परेशान
इस संविदा भर्ती के लिए शिक्षा विभाग ने कुछ महीने पहले ही आवेदन पत्र मंगाए थे। इसके बाद पूरी मुस्तैदी से स्क्रूटनी करते हुए 26 मई को योग्य और अयोग्य उम्मीदवारों की शुरुआती सूची भी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई थी। उम्मीदवार अंतिम मेरिट सूची और काउंसिलिंग की तारीखों का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इसी बीच 30 मई को विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने एक नया प्रशासनिक आदेश जारी कर पूरी चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। इस फैसले ने महीनों से तैयारी कर रहे युवाओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही खड़ी हुई बड़ी मुसीबत, आधे से ज्यादा स्टाफ गायब
सूबे के सभी सरकारी और आत्मानंद स्कूलों में नया पढ़ाई का सत्र शुरू हो चुका है। ऐसे समय में इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली होने से स्कूलों की दैनिक पढ़ाई और समय-सारणी पूरी तरह चरमरा गई है। रायपुर के कई नामचीन स्कूलों में तो हालात इतने खराब हैं कि वहां स्वीकृत पदों के मुकाबले आधे से भी कम शिक्षक काम कर रहे हैं। विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की इस भारी कमी के कारण न सिर्फ बच्चों की बुनियादी पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि स्कूल प्रशासन के लिए भी रोज कक्षाएं संचालित करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
देवेंद्र नगर स्कूल के बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजना पड़ा बाहर, पालकों में गहरा आक्रोश
शिक्षकों के टोटे का एक गंभीर उदाहरण पिछले दिनों देवेंद्र नगर स्थित आत्मानंद स्कूल में देखने को मिला। वहां कक्षा 12वीं के कॉमर्स संकाय के छात्रों के लिए मुख्य विषयों के शिक्षक ही उपलब्ध नहीं थे। स्थिति को संभालने के लिए स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को अस्थाई रूप से दूसरे स्कूल में जाकर क्लास अटेंड करने का निर्देश जारी कर दिया। इस अजीबो-गरीब व्यवस्था के कारण छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा जिससे नाराज होकर अभिभावकों ने स्कूल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। तब से यह मामला पूरे जिले में तूल पकड़े हुए है।
रायपुर के इन प्रमुख आत्मानंद स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े हैं दर्जनों पद
आधिकारिक रिपोर्टों पर गौर करें तो रायपुर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के कई प्रमुख स्कूलों में लंबे समय से संविदा स्टाफ की कमी बनी हुई है। इनमें मुख्य रूप से डूमरतराई, काशीराम नगर, माना बुढ़ापारा, रायपुरा और गुढ़ियारी के सरकारी आत्मानंद स्कूल शामिल हैं। इन शैक्षणिक संस्थानों में केवल व्याख्याताओं के ही नहीं, बल्कि प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक, प्रयोगशाला सहायक, ग्रंथपाल और पीटीआई जैसे तकनीकी व खेलकूद से जुड़े महत्वपूर्ण पद भी महीनों से खाली पड़े हैं जिसके कारण खेल और प्रैक्टिकल की कक्षाएं पूरी तरह ठप हैं।
मेरिट सिस्टम खत्म कर कंप्यूटर आधारित परीक्षा लेने के मूड में है शिक्षा विभाग
अब तक छत्तीसगढ़ के आत्मानंद स्कूलों में संविदा शिक्षकों की नियुक्ति पूरी तरह से शैक्षणिक रिकॉर्ड और अनुभव के आधार पर बनने वाली मेरिट लिस्ट से की जाती थी। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब इस पूरी व्यवस्था को बदलने की तैयारी चल रही है। शिक्षा विभाग अब भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाने और भाई-भतीजावाद को रोकने के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी सीबीटी मॉडल लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। इसी नए भर्ती प्रारूप और परीक्षा नियमों को अंतिम रूप देने के लिए पुरानी व्यवस्था को रोका गया है।



