Petrol Pump New Options: अब पेट्रोल पंप पर मिलेंगे दो विकल्प, ऐसे मिलेगा ईंधन, सरकार की नई तैयारी!

Petrol Pump New Rules: : देशभर के पेट्रोल पंपों पर आने वाले दिनों में ग्राहकों को एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार इस समय एक नए प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है जिसके तहत पेट्रोल पंपों पर दो अलग-अलग विकल्प दिए जा सकते हैं। इस योजना के मुताबिक अब पंपों पर ई-20 (E-20) एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के साथ-साथ पहले की तरह मिलने वाला सामान्य पेट्रोल भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि वाहन मालिक अपनी गाड़ी के इंजन और जरूरत के हिसाब से सही ईंधन का चुनाव खुद कर सकेंगे।

ई-20 ईंधन से माइलेज घटने की शिकायतों के बाद सरकार ने लिया संज्ञान

पिछले कुछ महीनों में देशभर के तमाम वाहन चालकों ने इस बात की शिकायत दर्ज कराई है कि ई-20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने से उनकी गाड़ियों के माइलेज पर बुरा असर पड़ा है। खासकर पुराने मॉडल के वाहनों और दोपहिया गाड़ियों के मालिकों को इस नए ईंधन के कारण इंजन में तकनीकी दिक्कतें और कम एवरेज की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जनता से मिल रही इसी प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय अब सभी संबंधित पक्षों और ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों से सलाह ले रहा है ताकि उपभोक्ताओं की इस परेशानी का कोई व्यावहारिक हल निकाला जा सके।

दोनों तरह के पेट्रोल की कीमतें तय करना सरकारी एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती

अगर सरकार पेट्रोल पंपों पर दोनों तरह के ईंधन बेचने की हरी झंडी दे देती है तो उसके सामने सबसे बड़ा काम इनकी रिटेल कीमतें तय करने का होगा। सामान्य पेट्रोल और एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को तैयार करने में आने वाली लागत में काफी अंतर होता है। इस समय देश की सरकारी तेल कंपनियां ई-20 पेट्रोल को बेहद कम मुनाफे या कई बार घाटा सहकर भी बाजार में बेच रही हैं। आर्थिक विश्लेषकों की रिपोर्ट बताती है कि यदि आने वाले समय में कच्चे तेल की वैश्विक स्थितियां सुधरती हैं तो ई-20 पेट्रोल के दाम में करीब 10 रुपये तक की बड़ी कटौती की जा सकती है जिससे लोग खुद ब खुद इसकी तरफ आकर्षित होंगे।

नए नियम लागू होने से पंप मालिकों को करना पड़ेगा भारी अतिरिक्त निवेश

पेट्रोल पंप परिसरों में दोनों तरह के ईंधन को एक साथ रखने और बेचने के लिए बुनियादी ढांचे में बदलाव करना पड़ेगा। इसके लिए पंपों पर अलग से अंडरग्राउंड स्टोरेज टैंक और नई डिस्पेंसिंग मशीनें (तेल भरने वाली मशीनें) लगानी होंगी। इस पूरे सेटअप को तैयार करने में पेट्रोल पंप संचालकों को अपनी जेब से अतिरिक्त पूंजी लगानी पड़ेगी जो इस पूरी योजना की राह में एक बड़ा रोड़ा माना जा रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि देश के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर केवल ई-20 पेट्रोल या फिर कुछ चुनिंदा कंपनियों के प्रीमियम ब्रांडेड पेट्रोल ही मिल पा रहे हैं।

सभी पक्षों के सुझावों के बाद जल्द जारी हो सकती है आधिकारिक नीति

सरकार इस योजना से जुड़े तकनीकी और आर्थिक पहलुओं का बारीकी से अध्ययन कर रही है। बहुत जल्द तेल कंपनियों, पंप एसोसिएशन और वाहन निर्माताओं से मिलने वाले सुझावों को मिलाकर एक अंतिम नीति दस्तावेज तैयार किया जाएगा। अगर यह दोहरे ईंधन का विकल्प पूरे देश में अनिवार्य रूप से लागू हो जाता है तो इससे वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी। वे इस बात के लिए स्वतंत्र होंगे कि उन्हें अपनी कीमती गाड़ी में एथेनॉल वाला सस्ता ईंधन डलवाना है या फिर इंजन की लंबी उम्र के लिए सामान्य पेट्रोल का इस्तेमाल करना है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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