
CG Legislative Assembly Monsoon Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन विधायी और राजनीतिक दोनों ही नजरिए से काफी सरगर्मियों भरा रहने वाला है। बुधवार को होने वाली सदन की बैठक में कई जनहित से जुड़े मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। प्रश्नकाल से लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्तावों तक, कार्यसूची में कई ऐसे विषय शामिल हैं जिन पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बनाकर तैयार है। वहीं सरकार की तरफ से भी मंत्रियों ने पलटवार और जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली है।
प्रश्नकाल में डिप्टी सीएम विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल देंगे विधायकों के जवाब
बुधवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े जनहित के मामलों पर चर्चा होगी। इस दौरान गृह और गृह निर्माण जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और सहकारिता मंत्री गुरु खुशवंत साहेब अपनी बारी आने पर विधायकों के तीखे सवालों के जवाब देंगे। विपक्ष स्वास्थ्य सुविधाओं और कानून व्यवस्था को लेकर मंत्रियों से जवाब तलब करने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सदन के पटल पर रखेंगे दो सरकारी कंपनियों का वार्षिक ब्योरा
विधायी कार्यों के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सदन के पटल पर कुछ बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएमडीसी) और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के ताजा वार्षिक प्रतिवेदनों की प्रतियां सदन के सामने रखेंगे। मुख्यमंत्री के अलावा वाणिज्य और उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी अपने विभागों से जुड़े आवश्यक शासकीय पत्र पटल पर सौंपेंगे।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों के शिकार को लेकर सरकार से जवाब मांगेगा विपक्ष
सदन में आज दो बेहद महत्वपूर्ण ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इनमें से पहला और सबसे गंभीर मामला बस्तर संभाग के इंद्रावती टाइगर रिजर्व का है, जहां पिछले दिनों वन्यजीवों की सुरक्षा में चूक और बाघों के अवैध शिकार की घटनाएं सामने आई थीं। विपक्ष इस मुद्दे को उठाकर वन विभाग की लापरवाही पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग करेगा, जिससे इस विषय पर सदन का माहौल गर्म होना तय माना जा रहा है।
शासकीय मुद्रणालय में छपाई कार्य में हुई कथित गड़बड़ियों पर ध्यानाकर्षण के तहत होगी बहस
बाघों के शिकार के मामले के अलावा दूसरा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव सरकारी प्रिंटिंग प्रेस से जुड़ा हुआ है। शासकीय मुद्रणालय में विभिन्न विभागों के प्रिंटिंग कार्यों के आवंटन और छपाई की प्रक्रिया में कथित तौर पर भारी अनियमितताएं होने की बात सामने आई है। विपक्षी सदस्य इस कथित गड़बड़ी को लेकर सदन में सरकार का ध्यान आकर्षित करेंगे और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने या जिम्मेदार अधिकारियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगेंगे।
गैर सरकारी सदस्यों की समिति की पहली रिपोर्ट और कई जनहित याचिकाएं होंगी पेश
सदन में विभिन्न समितियों की रिपोर्ट और विधायकों की तरफ से प्राप्त याचिकाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। इसी कड़ी में वरिष्ठ विधायक विक्रम उसेंडी गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयकों और संकल्पों से संबंधित समिति का पहला प्रतिवेदन सदन के सामने रखेंगे। इसके बाद जनहित के अलग-अलग मुद्दों को लेकर विधायक कुंवर सिंह निषाद, सावित्री मंडावी और राघवेंद्र सिंह अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं से जुड़ी विभिन्न औपचारिक याचिकाएं सदन में पेश करेंगे।
कार्यसूची में शामिल सात महत्वपूर्ण सरकारी विधायी कार्यों को मिलेगी मंजूरी
सत्र के तीसरे दिन केवल बहसों और सवालों पर ही बात नहीं होगी, बल्कि कई कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी आगे बढ़ाया जाएगा। विधानसभा सचिवालय की ओर से जारी कार्यसूची के मुताबिक, सदन की मंजूरी के लिए आज कुल सात शासकीय विधि विषयक यानी विधायी कार्य प्रस्तुत किए जाने हैं। इन विधेयकों और संशोधनों के पारित होने के बाद राज्य सरकार को अपनी आगामी योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों को जमीन पर लागू करने में काफी मदद मिलेगी।



