CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें बेमेतरा में खुली प्रदेश की पहली ओपन जेल, राजिम बना नगर पालिका, महादेव एप केस में दिल्ली से विकास गर्ग गिरफ्तार, धमतरी में 11 करोड़ के धान शॉर्टेज का रिकॉर्ड ‘जीरो’ करने पर उठे सवाल, महिला आयोग की कुर्सी के लिए किरणमयी नायक और ममता साहू में छिड़ी जंग, बिलासपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भी पीपीपी मोड पर देने की तैयारी, उड़ान योजना के तहत 6 शहरों में शुरू होगी हवाई सेवा, रविवि की लापरवाही से 10% छात्रों की छूटी परीक्षा, रायपुर नकटी जमीन विवाद में रमन सिंह के OSD के बेटे का नाम आया सामने और विधानसभा में पेश सीएजी रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ पर 1.53 लाख करोड़ से अधिक का कर्ज होने का खुलासा समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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बेमेतरा में बनी छत्तीसगढ़ की पहली ओपन जेल, सलाखों के बिना रहेंगे कैदी

छत्तीसगढ़ सरकार ने जेल में बंद कैदियों को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश की पहली ‘ओपन जेल’ बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में बनकर तैयार हो गई है। जेल विभाग ने इसे शुरू करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। लगभग 23 करोड़ रुपए की लागत से बने इस आधुनिक केंद्र में उन कैदियों को रखा जाएगा जो उम्रकैद की सजा काट रहे हैं और जिनका जेल में व्यवहार अच्छा रहा है। यह जेल आम जेलों जैसी नहीं होगी। यहां न तो कोई ऊंची दीवारें होंगी और न ही लोहे की सलाखें। सुरक्षा के लिए कंटीले तार या बंदूकधारी गार्ड भी तैनात नहीं किए जाएंगे। यह पूरी व्यवस्था कैदियों के भरोसे और उनके खुद के अनुशासन पर चलेगी। यहां करीब 200 कैदी अपने परिवार के साथ रह सकेंगे। इसके अलावा वे जेल परिसर के अंदर ही खेती-किसानी और पशुपालन जैसे काम भी कर सकेंगे।

राजिम अब बनी नगर पालिका, विकास के लिए मिलेंगे ज्यादा सरकारी फंड

राजिम के लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने राजिम नगर पंचायत को अपग्रेड करके अब नगर पालिका बना दिया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार के इस फैसले से राजिम शहर की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं होगा। जो सीमाएं पहले थीं, वही अब भी रहेंगी। उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि इस फैसले से राजिम के विकास को नई दिशा मिलेगी। नगर पालिका का दर्जा मिलने से शहर को सरकार से ज्यादा बजट और संसाधन मिलेंगे। इससे नागरिकों के लिए सुविधाएं बढ़ाना आसान होगा। आने वाले समय में राजिम में अच्छी सड़कें, बेहतर नाली व्यवस्था, साफ पीने का पानी और आधुनिक पार्क बनाए जाएंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए मौके भी मिलेंगे।

महादेव एप केस में ED की बड़ी कार्रवाई, कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार

महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी और स्काई एक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली में उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि विकास गर्ग ने सट्टेबाजी से कमाए गए अवैध पैसे को अलग-अलग कंपनियों और जमीनों में निवेश किया था। ED अब उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश कर रायपुर लाने की तैयारी कर रही है। इस गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही ED ने विकास गर्ग और उनके परिवार से जुड़ी 940.77 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां जब्त की थीं। इनमें दिल्ली, गोवा और नैनीताल के मकान, बैंक खाते और कंपनियों के शेयर शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि गर्ग ने एक कंपनी के जरिए ‘एबिक्सकैश’ में करीब 64 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी, जिसमें सट्टेबाजी का पैसा लगा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह सट्टा नेटवर्क हर महीने 450 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध कमाई कर रहा था।

धमतरी में 11 करोड़ के धान की कमी का मामला, सीपेज के नाम पर रिकॉर्ड किया ‘जीरो’

धमतरी जिले में धान खरीदी को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिले के 100 खरीदी केंद्रों में जांच के दौरान करीब 35 हजार क्विंटल धान कम पाया गया था, जिसकी कीमत लगभग 11 करोड़ रुपए थी। हैरान करने वाली बात यह है कि अब सरकारी रिकॉर्ड में इस कमी को पूरी तरह से शून्य (जीरो) दिखा दिया गया है, जिससे सहकारिता विभाग और जिला प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि समय पर धान का उठाव न होने के कारण मई और जून की गर्मी में धान का वजन कम हो गया था। नुकसान की भरपाई के लिए अधिकारियों ने ‘सीपेज धान’ (जो स्टॉक पहले से अतिरिक्त बचा हुआ था) का सहारा लिया और कागजों पर शॉर्टेज को खत्म कर दिया। अब लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में धान की कमी की जिम्मेदारी किसकी थी और इस अतिरिक्त धान को किस नियम के तहत एडजस्ट किया गया।

छत्तीसगढ़ महिला आयोग में अध्यक्ष पद को लेकर छिड़ी जंग, आमने-सामने दो दावेदार

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद को लेकर दो महिला नेताओं के बीच विवाद गहरा गया है। पूर्व अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं, जबकि सरकार द्वारा नियुक्त नई अध्यक्ष ममता साहू कार्यभार संभालने की तैयारी में हैं। किरणमयी नायक का कहना है कि सरकार ने जब उन्हें दिसंबर 2023 में हटाया था, तब उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। मामला अभी अदालत में लंबित है, इसलिए अंतिम फैसला आने तक वे ही वैधानिक अध्यक्ष हैं। दूसरी तरफ नई अध्यक्ष ममता साहू का तर्क है कि राज्य सरकार का आदेश पूरी तरह प्रभावी है क्योंकि कोर्ट ने इस पर कोई रोक (स्टे) नहीं लगाई है। वे जल्द ही शुभ मुहूर्त देखकर पद संभालेंगी। इस बीच किरणमयी नायक ने अपने छह साल के कार्यकाल का ब्योरा देते हुए बताया कि उनके समय में 6 हजार से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया और महिलाओं को जागरूक करने के लिए ‘मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ’ जैसे अभियान चलाए गए।

बिलासपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भी जाएगा पीपीपी मोड पर, इलाज महंगा होने की आशंका

छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव करते हुए सरकारी सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को निजी हाथों में सौंप रही है। जगदलपुर के बाद अब बिलासपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को भी सार्वजनिक निजी भागीदारी (PPP) मोड पर चलाने की तैयारी है। इस फैसले से सरकारी डॉक्टरों और स्टाफ में काफी नाराजगी है, वहीं आम मरीजों की चिंता भी बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि अस्पताल का संचालन प्राइवेट एजेंसी के पास जाने से ओपीडी (OPD) में इलाज और जांचें महंगी हो जाएंगी। चूंकि आयुष्मान कार्ड का लाभ केवल अस्पताल में भर्ती होने पर मिलता है, इसलिए ओपीडी में आने वाले मरीजों को सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी महंगी जांचों के लिए खुद अपनी जेब से 7 से 10 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ेंगे। जगदलपुर में भी शुरुआत में ओपीडी फीस बहुत ज्यादा रख दी गई थी, जिसे विवाद के बाद कम करना पड़ा था।

उड़ान योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 6 शहरों में जल्द शुरू होंगी हवाई सेवाएं

छत्तीसगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार किया गया है। राज्य के 6 प्रमुख शहरों— रायगढ़, जशपुर, कोरबा, दल्लीराजहरा, बस्तर और राजनांदगांव में नए एयरस्ट्रिप (हवाई पट्टियां) विकसित किए जाएंगे। इसके लिए अंग्रेजों के जमाने के पुराने रनवे को सुधारा जाएगा और उनकी लंबाई-चौड़ाई बढ़ाकर आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस काम के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने देश भर में हवाई अड्डों और हेलीपैड के विकास के लिए 28,840 करोड़ रुपए का बजट रखा है, जिससे छत्तीसगढ़ को भी बड़ा हिस्सा मिलेगा। इस योजना से छोटे शहरों के लोगों को सस्ती हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी। साथ ही बस्तर जैसे इलाकों में पर्यटन बढ़ेगा और कोरबा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के व्यापारियों को फायदा होगा।

रविवि ने बार-बार बदला परीक्षा का टाइम टेबल, 10% छात्रों का छूटा पेपर

पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU) की एक बड़ी लापरवाही के कारण सैकड़ों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने हाल ही में परीक्षाओं की समय-सारणी में कई बार बदलाव किए, जिसकी सही जानकारी छात्रों तक नहीं पहुंच पाई। इसका नतीजा यह हुआ कि 10 जुलाई को हुई परीक्षा में रिकॉर्ड 10 फीसदी छात्र अनुपस्थित रहे। इन सभी छात्रों को अब दोबारा पूरक परीक्षा देनी होगी। सबसे ज्यादा गड़बड़ी बीसीए (BCA) दूसरे वर्ष की जेनेरिक इलेक्टिव विषय की परीक्षा में हुई। यह परीक्षा पहले जून में होनी थी, लेकिन तारीख बदलकर 10 जुलाई कर दी गई। कॉलेज के प्रोफेसरों और प्रबंधन का कहना है कि जब से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत सेमेस्टर सिस्टम लागू हुआ है, तब से साल में दो बार परीक्षा कराने के कारण काम का बोझ बहुत बढ़ गया है। छात्रों ने मांग की है कि टाइम टेबल बनाने की प्रक्रिया में सुधार किया जाए।

रायपुर के नकटी जमीन विवाद में नया खुलासा, रमन सिंह के OSD के बेटे का नाम आया सामने

रायपुर के पास नकटी गांव में बनने वाली नई विधायक आवासीय कॉलोनी को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। राजस्व विभाग के सरकारी दस्तावेजों से पता चला है कि इस प्रस्तावित कॉलोनी की जमीन के रिकॉर्ड में पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के ओएसडी वीके सिसोदिया के बेटे शौर्य सिंह सिसोदिया का नाम दर्ज है। करीब ढाई एकड़ की इस जमीन की बाजार कीमत 25 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इस खुलासे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या विधायक कॉलोनी की योजना सार्वजनिक होने से पहले ही कुछ रसूखदार लोगों को इसकी जानकारी मिल गई थी? जमीन के रिकॉर्ड में साल 2022 और 2025 की एंट्रियां मिली हैं। इस मामले पर डॉ. रमन सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि विधायक कॉलोनी का प्रस्ताव 15-20 साल पुराना है और विस्थापन के अलावा कोई रास्ता नहीं था। विपक्ष अब इस पूरी परियोजना की समय-रेखा (टाइमलाइन) को सार्वजनिक करने की मांग कर रही है।

विधानसभा में पेश हुई CAG रिपोर्ट, छत्तीसगढ़ की कमाई तो बढ़ी पर कर्ज भी 1.53 लाख करोड़ पार

छत्तीसगढ़ विधानसभा में महालेखाकार (CAG) ने साल 2024-25 की वित्तीय रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ की कुल आय में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसके साथ ही राज्य पर कर्ज का बोझ भी बढ़ गया है। इस अवधि में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 10.89 प्रतिशत बढ़कर 5.67 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। अच्छी बात यह है कि केंद्र सरकार के अनुदान पर राज्य की निर्भरता कम हुई है। हालांकि चिंता की बात यह है कि मार्च 2025 तक राज्य पर कुल बजटीय देनदारी 1.53 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गई है। साल 2024-25 में सरकार ने जो नया कर्ज लिया, उसका 47 फीसदी हिस्सा पुराने लोन की किस्तें और ब्याज चुकाने में ही चला गया। केवल 53 प्रतिशत पैसा ही नए विकास कार्यों के लिए बच पाया। सीएजी ने यह भी खामी पकड़ी कि 25 नई योजनाओं के लिए 261 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था, लेकिन उनमें से एक भी पैसा खर्च नहीं किया गया।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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