CG Shramik e-KYC: छत्तीसगढ़ में पंजीकृत मजदूरों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य, ये 5 दस्तावेज हैं बेहद जरूरी, जानिए कितनी लगेगी फीस

CG Shramik e-KYC: छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने राज्य के लाखों पंजीकृत श्रमिकों के हित में एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी पंजीकृत मजदूरों के लिए ई-केवाईसी कराना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था के सुचारू रूप से लागू होने के बाद जरूरतमंद श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों को सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ बिना किसी बिचौलिए या अड़चन के आसानी से मिल सकेगा।

ई-केवाईसी से पहले आधार कार्ड के अनुसार पंजीयन रिकॉर्ड को सुधारने का विशेष अभियान शुरू

श्रमिकों को ई-केवाईसी की प्रक्रिया में किसी भी तरह की तकनीकी परेशानी न हो इसके लिए श्रम विभाग ने एक पूर्व-सुधार अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पंजीकृत श्रमिकों के पुराने पंजीयन कार्ड में दर्ज जानकारी जैसे उनका नाम, जन्मतिथि, लिंग और मोबाइल नंबर का मिलान उनके आधार कार्ड में दर्ज आधिकारिक विवरण से किया जा रहा है। यदि दोनों दस्तावेजों की जानकारियों में कोई अंतर मिलता है तो उसे तुरंत संशोधित किया जा रहा है ताकि भविष्य में पहचान का मिलान आसानी से हो सके।

लोक सेवा और च्वाईस सेंटरों को मिला जिम्मा

इस पूरी सुधार और सत्यापन की प्रक्रिया को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आसान बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। जिले भर में संचालित सभी लोक सेवा केंद्रों (Lsk), कॉमन सर्विस सेंटरों (Csc) और च्वाईस सेंटरों को इस विशेष कार्य के लिए अधिकृत किया गया है। कोई भी पंजीकृत श्रमिक अपने नजदीकी केंद्र पर जाकर अपने दस्तावेजों में सुधार करवा सकता है। सरकार ने इसके लिए बेहद मामूली शुल्क तय किया है जिसके तहत प्रति आवेदन केवल 20 रुपये का सेवा शुल्क हितग्राही को देना होगा।

सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य

श्रम पदाधिकारी एनके साहू ने बताया कि विभाग द्वारा इस पूरी कवायद को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा करना और पूरी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना है। आधार आधारित ई-केवाईसी की मदद से विभाग के पास एक सटीक और प्रामाणिक डेटाबेस तैयार हो जाएगा। इससे फर्जीवाड़ा पूरी तरह समाप्त होगा और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा नकद लाभ या अन्य सुविधाएं केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों तक ही समय पर पहुंच सकेंगी।

इन 5 महत्वपूर्ण दस्तावेजों और शर्तों का पालन जरूरी

कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट कराने के लिए श्रमिकों को कुछ महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना होगा। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पांच मुख्य आवश्यकताएं तय की गई हैं जो इस प्रकार हैं:

  • आधार कार्ड
  • श्रमिक द्वारा हस्ताक्षरित सहमति पत्र
  • डिजिटल हस्ताक्षर (ई-साइन)
  • आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर आने वाला ओटीपी प्रमाणीकरण
  • केंद्र पर उपस्थित श्रमिक की मौके पर खींची जाने वाली लाइव फोटो

यह लाइव फोटो लाभार्थी की वास्तविक भौतिक पहचान को सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी की गई है।

निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने नजदीकी केंद्र में जाकर करवाएं सत्यापन

आवेदन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो जाने के बाद सिस्टम द्वारा प्रत्येक श्रमिक को एक विशिष्ट आवेदन संख्या (एप्लीकेशन नंबर) प्रदान की जाएगी। इस नंबर की मदद से श्रमिक अपने मोबाइल या इंटरनेट के जरिए अपने आवेदन की वर्तमान स्थिति को कभी भी ट्रैक कर सकेंगे। श्रम विभाग ने सभी वर्ग के पंजीकृत असंगठित कर्मकारों और निर्माण मजदूरों से पुरजोर अपील की है कि वे समय रहते अपने नजदीकी च्वाईस सेंटर या जिला श्रम कार्यालय से संपर्क कर इस प्रक्रिया को पूरा कर लें ताकि उनकी पेंशन, छात्रवृत्ति या अन्य सहायता राशि बिना किसी रोक-टोक के उनके बैंक खातों में आती रहे।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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