
CG Panchayat Secretary Strike: छत्तीसगढ़ में लंबे समय से अपनी हड़ताल अवधि को नियमित कराने की मांग कर रहे पंचायत सचिवों के लिए राहत की खबर आई है। राज्य सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। सरकार ने पिछले साल हुई पंचायत सचिवों की 31 दिनों की हड़ताल अवधि को विशेष अवकाश के रूप में मान्यता देने का निर्णय लिया है। इस फैसले से राज्य के हजारों पंचायत सचिवों को बड़ी प्रशासनिक राहत मिलेगी और उनके सेवा रिकॉर्ड से जुड़ा एक बड़ा विवाद सुलझ जाएगा।
साल 2025 की 31 दिनों की हड़ताल अवधि को नियमित करने के लिए सरकार ने जारी किया आदेश
प्रदेश में पंचायत सचिवों ने पिछले साल अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 17 मार्च 2025 से 16 अप्रैल 2025 तक कुल 31 दिनों की कामबंद हड़ताल की थी। इस अवधि के दौरान पंचायतों का काम पूरी तरह से ठप रहा था और सचिवों के वेतन और अवकाश को लेकर संशय बना हुआ था। प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ द्वारा इस अवधि को नियमित करने की लगातार मांग की जा रही थी। शासन स्तर पर गहन विचार विमर्श करने के बाद अब इस हड़ताल के समय को नियमित करने की मंजूरी दे दी गई है।
अर्जित अवकाश से किया जाएगा पहले तालमेल, बची हुई अवधि के लिए मिलेगा विशेष अवकाश
विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार, हड़ताल के इन 31 दिनों का समायोजन कर्मचारियों के अवकाश खाते से किया जाएगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सबसे पहले संबंधित पंचायत सचिव के खाते में जमा अर्जित अवकाश (Earned Leave) का उपयोग इस अवधि को पाटने के लिए किया जाएगा। यदि किसी सचिव के खाते में 31 दिनों से कम का अर्जित अवकाश उपलब्ध है, तो केवल बची हुई शेष अवधि को ही विशेष अवकाश के रूप में स्वीकृत किया जाएगा। इससे सचिवों के सेवा रिकॉर्ड में कोई तकनीकी व्यवधान नहीं आएगा।

राहत के साथ सरकार ने जोड़ी बड़ी शर्त
पंचायत सचिवों को दी गई इस बड़ी राहत के साथ ही सरकार ने एक बेहद सख्त और अनिवार्य शर्त भी लागू की है। विभाग के आदेश में साफ तौर पर लिखा गया है कि हड़ताल अवधि को नियमित करने और विशेष अवकाश की यह सुविधा केवल इसी शर्त पर दी जा रही है कि संबंधित पंचायत सचिव भविष्य में किसी भी प्रकार की हड़ताल या कार्य बहिष्कार के आंदोलन में हिस्सा नहीं लेंगे। यदि कोई सचिव भविष्य में हड़ताल पर जाता है तो यह आदेश स्वतः ही बेअसर माना जा सकता है।
सभी कलेक्टर्स और जिला पंचायतों को दिए गए निर्देश
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा यह महत्वपूर्ण आदेश 14 जुलाई 2026 को महानदी भवन मंत्रालय नवा रायपुर से आधिकारिक रूप से जारी किया गया है। इस आदेश की प्रतियां उप मुख्यमंत्री, अपर मुख्य सचिव, पंचायत संचालनालय समेत सभी संभागों के आयुक्त, जिलों के कलेक्टर और जनपद व जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं। इस सरकारी फैसले से लंबे समय से अटके पड़े सर्विस मामलों का तेजी से निपटारा होने की उम्मीद है।



