
CG Legislative Assembly Monsoon Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में सामने आई बड़ी लापरवाहियों पर सत्ता पक्ष के ही विधायकों ने अपनी सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया। इस तीखी बहस के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसका सीधा असर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।
विधानसभा में गूंजा मेकाहारा अस्पताल की लापरवाही का मामला
मानसून सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक धरम लाल कौशिक ने रायपुर के अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के इस सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान में ठेके पर रखे जाने वाले कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन की कोई पुख्ता व्यवस्था ही नहीं है। इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अपनी ही पार्टी के विधायकों के तीखे सवालों का जवाब देते नजर आए।
बिना पुलिस जांच के हो रही प्लेसमेंट कर्मचारियों की भर्ती
बीजेपी विधायक धरम लाल कौशिक ने सदन में कहा कि अस्पतालों में बिना किसी पुलिस जांच और सत्यापन के बाहरी कर्मचारियों को नौकरी पर रखा जा रहा है। इस लापरवाही की वजह से अस्पतालों में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके साथ रहने वाले परिजनों की सुरक्षा पूरी तरह खतरे में पड़ गई है। उन्होंने बिना जांच-परख के की जा रही इन भर्तियों पर तत्काल रोक लगाने और पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की।
अस्पताल परिसर में चोरी और पत्रकारों से मारपीट का मुद्दा उठा
सदन में अपनी बात रखते हुए विधायक ने कुछ हालिया घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिस वेरिफिकेशन न होने की वजह से अस्पतालों में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। इसके अलावा पिछले दिनों सुरक्षा गार्डों द्वारा पत्रकारों के साथ की गई मारपीट की घटना के पीछे भी यही कारण था क्योंकि वहां काम करने वाले लोगों का कोई पुराना रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि प्लेसमेंट एजेंसियों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई।
स्वास्थ्य मंत्री ने सदन को दी कार्रवाई की जानकारी
विधायक के आरोपों पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। उन्होंने सदन को बताया कि रायपुर के मेकाहारा और डीकेएस अस्पताल में वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और उनका पुलिस वेरिफिकेशन कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सुरक्षा के मानकों में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने की बड़ी घोषणा, छत्तीसगढ़ के सभी अस्पतालों के प्लेसमेंट स्टाफ का होगा वेरिफिकेशन
बहस के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में एक बड़ी नीतिगत घोषणा की। उन्होंने एलान किया कि अब से छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी अस्पतालों में प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से आने वाले हर एक कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। मंत्री ने साफ किया कि जिन अस्पतालों में प्लेसमेंट के टेंडर पहले ही हो चुके हैं और कर्मचारी काम कर रहे हैं, वहां भी पुलिस से उनका पुराना रिकॉर्ड चेक कराया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।



