CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबर महादेव सट्टा ऐप मामले में शेफाली बग्गा से ED की पूछताछ, धमतरी ATM से 3.20 करोड़ की विदेशी फंडिंग का खुलासा, बलरामपुर में शिक्षकों का अटैचमेंट खत्म, सरकारी अस्पतालों में 9,392 पद खाली, रायपुर में रैलियों पर दो महीने का बैन तिल्दा-नेवरा में फर्जी NOC से खुले दो उद्योग, स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर नया नियम ऑनलाइन हाजिरी से खुला 10 हजार शिक्षकों का अटैचमेंट खेल, रेलवे परीक्षा में अंडरगारमेंट में मोबाइल छिपाकर नकल करता आरोपी गिरफ्तार, राजिम में अवैध प्लाटिंग के लिए नहर और तालाब पाटने पर बवाल समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
महादेव बेटिंग ऐप मामला: शेफाली बग्गा से ED की पूछताछ, मिले कई अहम डिजिटल सबूत
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने गुरुवार को टीवी होस्ट और ‘बिग बॉस 13’ की पूर्व कंटेस्टेंट शेफाली बग्गा को रायपुर स्थित जोनल ऑफिस बुलाकर पूछताछ की। एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े उनके वित्तीय लेनदेन और संबंधों की गहराई से जांच कर रही है। ED के सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कुछ ऐसे डिजिटल सबूत और प्रमोशनल वीडियो मिले हैं, जिनमें शेफाली बग्गा दुबई और लंदन से चलने वाले इस सट्टेबाजी ऐप का प्रचार करती नजर आ रही हैं। इसके अलावा जांच एजेंसी का दावा है कि वह सिर्फ ऐप का प्रचार ही नहीं कर रही थीं, बल्कि एक टेलीग्राम चैनल के जरिए खिलाड़ियों को सट्टेबाजी से जुड़े टिप्स भी दे रही थीं। एजेंसी फिलहाल महादेव बुक नेटवर्क के मुख्य हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर और शेफाली बग्गा के बीच के आर्थिक रिश्तों को खंगाल रही है।
धमतरी में विदेशी फंडिंग का बड़ा भंडाफोड़: ATM से 3200 बार में निकाले 3.20 करोड़ रुपये
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में विदेशी फंडिंग से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां टिकरापारा स्थित एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के एक एटीएम से विदेशी डेबिट कार्ड के जरिए 3.20 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। राज्य की विशेष जांच एजेंसी (SIA) इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि शातिर अपराधियों ने सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए एक बार में बड़ी रकम निकालने के बजाय कुल 3200 बार में यह कैश निकाला। आरोपी हर बार एटीएम से सिर्फ 10-10 हजार रुपये ही निकालते थे। यह एटीएम सुन्दरगंज चर्च के पास स्थित है। जांच टीम ने बैंक से लेनदेन का पूरा रिकॉर्ड और एटीएम के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। प्रदेश में करीब 90 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जांच के दौरान इस मामले का पता चला। फिलहाल मुख्य संदिग्ध आरोपी मौके से फरार है जिसकी तलाश की जा रही है।
बलरामपुर शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: अटैचमेंट व्यवस्था खत्म, मूल स्कूलों में लौटेंगे शिक्षक
बलरामपुर जिले में शिक्षा विभाग ने सालों से चली आ रही अटैचमेंट (संलग्नीकरण) व्यवस्था को पूरी तरह खत्म कर दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने इस संबंध में कड़ा आदेश जारी किया है जिसके बाद पूरे विभाग में खलबली मच गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) से मिले सख्त निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है। इस नए आदेश के तहत व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और भृत्य समेत जो भी कर्मचारी अपनी मूल जगह छोड़कर दूसरे कार्यालयों में काम कर रहे थे, उन्हें तुरंत कार्यमुक्त कर दिया गया है। इन सभी को अपनी मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में तुरंत ड्यूटी जॉइन करने को कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी और बच्चों की पढ़ाई बेहतर होगी। हालांकि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, प्रयास विद्यालय, मंडल संयोजक और छात्रावास अधीक्षकों को इस आदेश से अभी राहत दी गई है।
छत्तीसगढ़ के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों का अकाल: विधानसभा में खुली स्वास्थ्य विभाग की पोल
छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। विधायक उमेश पटेल के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने माना कि राज्य में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के कुल 9,392 पद खाली पड़े हैं। सबसे खराब स्थिति विशेषज्ञ डॉक्टरों की है जहां स्वीकृत 2,025 पदों में से केवल 408 डॉक्टर ही काम कर रहे हैं। यानी करीब 80 फीसदी पद खाली हैं। इसके अलावा स्टाफ नर्सों के 2,745 पद और चिकित्सा अधिकारियों के 308 पद रिक्त हैं। सरकार ने बताया कि इस कमी को दूर करने के लिए बस्तर और सरगुजा संभाग में लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्तियां की जा रही हैं। साथ ही मेडिकल कॉलेजों से निकलने वाले डॉक्टरों को बांड के तहत गांवों में भेजा जा रहा है और जहां डॉक्टर नहीं हैं वहां टेलीमेडिसिन की मदद ली जा रही है।
रायपुर में रैलियों और प्रदर्शनों पर लगा प्रतिबंध: अगले दो महीने तक व्यस्त सड़कों पर नो-एंट्री
राजधानी रायपुर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और आम जनता को जाम से राहत दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू करते हुए शहर के प्रमुख व्यस्त मार्गों पर अगले दो महीने तक किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस और धरने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 14 जुलाई से शुरू होकर अगले दो महीने तक प्रभावी रहेगा। इसके तहत सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक की अवधि में शहर की मुख्य सड़कों जैसे जीई रोड, एमजी रोड, मालवीय रोड और सदर बाजार में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि इन व्यापारिक क्षेत्रों में रैलियों के कारण अक्सर एम्बुलेंस और स्कूली बसें घंटों फंसी रहती थीं। स्थानीय व्यापारियों ने भी पुलिस के इस फैसले का स्वागत किया है और आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
तिल्दा-नेवरा में ग्राम सभा की फर्जी एनओसी पर खुले दो उद्योग: जांच के एक साल बाद अज्ञात पर FIR
रायपुर के तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में ग्राम सभा की फर्जी अनुमति के आधार पर दो बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित करने का गंभीर मामला सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में बालाजी स्पंज एंड आयरन लिमिटेड और अग्रसेन स्टील एंड पावर लिमिटेड के जमीन आवंटन और एनओसी को लेकर सरकार को घेरा। जांच में यह बात साबित हो चुकी है कि ग्राम पंचायत अल्दा की ग्राम सभा ने उद्योगों को एनओसी नहीं देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया था, लेकिन बाद में कार्यवाही पंजी में दो अतिरिक्त लाइनें जोड़कर फर्जी अनुमति तैयार कर ली गई। राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति ने जून 2025 में ही इसकी जांच रिपोर्ट सौंप दी थी, जिसके एक साल बाद 22 जून 2026 को तिल्दा-नेवरा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सदन में माना कि यह अनुमति फर्जी थी और पुलिस जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। इन उद्योगों को अभी तक पर्यावरण मंत्रालय से भी मंजूरी नहीं मिली है।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा पर कड़े निर्देश: छुट्टी के बाद टॉयलेट और मैदान की जांच करेंगे प्रिंसिपल
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के लोक शिक्षण संचालनालय ने एक नई गाइडलाइन जारी की है। अब स्कूल की छुट्टी होने के बाद शिक्षक और प्रिंसिपल तुरंत घर नहीं जा सकेंगे। उन्हें ताला लगाने से पहले पूरे परिसर की सघन जांच करनी होगी। नए आदेश के मुताबिक हर स्कूल में रोटेशन के आधार पर एक नोडल शिक्षक की ड्यूटी लगाई जाएगी। छुट्टी के बाद यह शिक्षक क्लासरूम, शौचालय, प्रयोगशाला और खेल के मैदान का चक्कर लगाकर यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी बच्चा गलती से अंदर न छूटा हो। इसके अलावा छुट्टी के समय मुख्य गेट पर भी शिक्षकों की मौजूदगी अनिवार्य कर दी गई है ताकि वाहनों और बच्चों की भीड़ को सुरक्षित संभाला जा सके। मानसून को देखते हुए परिसर में खुले गड्ढों, बोरवेल और बिजली के खराब तारों को तुरंत ठीक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
ऑनलाइन हाजिरी से खुला बड़ा खेल: 10 हजार से ज्यादा शिक्षक और बाबू मूल विभाग से गायब
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में एक जुलाई से लागू हुई लोकेशन आधारित ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली ने संलग्नीकरण (अटैचमेंट) के बड़े खेल को बेनकाब कर दिया है। इस नई व्यवस्था के कारण अब उन कर्मचारियों की पोल खुल रही है जो अपनी मूल पदस्थापना वाले स्कूलों या दफ्तरों को छोड़कर सालों से दूसरे विभागों में मलाईदार पदों पर जमे हुए हैं। विभागीय पड़ताल में सामने आया है कि राज्य में करीब 10 हजार से अधिक शिक्षक, लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कलेक्टोरेट, तहसील, पंचायत कार्यालयों या जनप्रतिनिधियों के निजी स्टाफ के रूप में काम कर रहे हैं। चूंकि ऑनलाइन हाजिरी केवल उसी स्थान से दर्ज हो सकती है जहां उनकी वास्तविक नियुक्ति है, इसलिए ये कर्मचारी अब उपस्थिति दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। बिलासपुर जिले में ही ऐसे 57 शिक्षकों की सूची सामने आई है। कोंडागांव जिला प्रशासन ने तो कर्मचारियों की कमी का हवाला देकर शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर इन्हें न हटाने का आग्रह किया है। विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिलों से ऐसे कर्मचारियों की सूची मांगी है और वेतन रोकने के संकेत दिए हैं।
रायपुर में रेलवे भर्ती परीक्षा का अनोखा मामला: अंडरगारमेंट में मोबाइल छिपाकर नकल करता पकड़ा गया छात्र
रायपुर कमिश्नरेट की डीडी नगर थाना पुलिस ने रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ऑनलाइन परीक्षा में नकल करने के आरोप में एक अभ्यर्थी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह मामला सरोना स्थित आईओएन डिजिटल जोन (iDZ) परीक्षा केंद्र का है, जहां कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) की दूसरी पाली चल रही थी। परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक को एक छात्र की हरकतें संदिग्ध लगीं। जब सीसीटीवी फुटेज और बारीकी से जांच की गई तो पता चला कि आरोपी डबल अंडरगारमेंट पहनकर उसके भीतर मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा केंद्र के अंदर ले आया था। वह इस मोबाइल से कंप्यूटर स्क्रीन पर आ रहे वास्तविक प्रश्नों की तस्वीरें खींच रहा था ताकि बाहर से मदद ले सके। पुलिस ने जब उसका मोबाइल जब्त किया तो उसमें परीक्षा के प्रश्नों के फोटो मिले। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
राजिम में भू-माफिया बेखौफ: अवैध प्लाटिंग के लिए सरकारी नहर और तालाब पर चलाया बुलडोजर
छत्तीसगढ़ के पवित्र तीर्थ स्थल राजिम में भू-माफियाओं द्वारा नियम-कायदों को ताक पर रखकर सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का बड़ा मामला सामने आया है। यहां बिना डायवर्सन कराए कृषि भूमि पर कॉलोनियां तो काटी ही जा रही हैं, साथ ही रास्तों के लिए सरकारी नहरों और तालाबों को भी पाटा जा रहा है। बरोंडा निवासी नेतराम धृतलहरे ने कलेक्टर से शिकायत की है कि खसरा नंबर 584 में दर्ज करीब डेढ़ एकड़ के सरकारी केतकी तालाब को रसूखदारों ने मिट्टी डालकर पाट दिया। यही नहीं, राजिम-गरियाबंद मार्ग पर सिंचाई विभाग की मुख्य नहर के ऊपर ह्यूम पाइप डालकर अवैध रास्ता बना लिया गया है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण अधिकारी इस पर मूकदर्शक बने हुए हैं और हर महीने क्षेत्र में करीब 200 अवैध प्लॉट की रजिस्ट्रियां हो रही हैं। मामले पर राजिम एसडीएम विशाल महाराणा ने कहा कि अब तक 100 से ज्यादा भूखंडों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाई गई है और तालाब तथा नहर पाटने के मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



