
CG School Education Department: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों और भृत्यों के लिए एक बड़ी खबर है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग में लंबे समय से चल रहे संलग्नीकरण यानी अटैचमेंट के खेल को पूरी तरह से बंद कर दिया है। संचालनालय ने तुरंत प्रभाव से सभी कर्मचारियों के अटैचमेंट निरस्त करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही विभाग ने सभी को एक हफ्ते के भीतर अपनी पुरानी और मूल पदस्थापना वाली जगहों पर ड्यूटी ज्वाइन करने का सख्त निर्देश दिया है।
तय समय पर मूल संस्था नहीं लौटे तो रुक जाएगा जुलाई का वेतन
शासन ने साफ कर दिया है कि जो कर्मचारी एक सप्ताह के भीतर अपने मूल कार्यालय या स्कूल में जाकर कार्यभार नहीं संभालेंगे, उन्हें इसका बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ऐसे लापरवाह कर्मचारियों का जुलाई 2026 का मासिक वेतन रोक दिया जाएगा। केवल सैलरी रोकना ही नहीं, बल्कि आदेश का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय नियमों के तहत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
हाजिरी के लिए वीएसएसके मोबाइल एप का उपयोग हुआ अनिवार्य
कर्मचारियों की मनमानी पर लगाम लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब नई तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। मूल संस्थाओं में लौटने वाले सभी कर्मचारियों के लिए वीएसएसके मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए रोजाना अपनी ऑनलाइन हाजिरी लगाना जरूरी कर दिया गया है। बिना इस एप पर उपस्थिति दर्ज कराए किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी मान्य नहीं होगी और न ही उनका रिकॉर्ड आगे भेजा जाएगा।
पूर्व में जारी चार सरकारी आदेशों को नजरअंदाज करने पर कड़ा एक्शन
लोक शिक्षण संचालनालय को यह सख्त कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि इससे पहले विभाग की तरफ से लगातार चार बार निर्देश जारी किए जा चुके थे। डीपीआई ने पहले 12 जून, 17 जून, 25 जून और फिर 7 जुलाई को आदेश जारी कर कर्मचारियों को लौटने को कहा था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में बाबू और भृत्य जुगाड़ जमाकर पसंदीदा दफ्तरों में ही जमे रहे। इस लापरवाही को देखते हुए विभाग ने इसे अपना अंतिम फैसला माना है।
जिला शिक्षा अधिकारियों को एक हफ्ते के भीतर देनी होगी रिपोर्ट
आदेश को पूरी तरह लागू कराने के लिए राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार बनाया गया है। संचालनालय ने सभी डीईओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में यह पक्का करें कि कोई भी कर्मचारी अटैचमेंट पर न रहे। इसके साथ ही एक सप्ताह के भीतर कितने कर्मचारियों ने अपनी मूल जगह पर ज्वाइन कर लिया है, इसकी पूरी लिखित रिपोर्ट मुख्यालय को भेजनी होगी।
दफ्तरों और स्कूलों का कामकाज सुधरेगा और प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
इस बड़े प्रशासनिक फैसले का सीधा असर स्कूलों और दफ्तरों के कामकाज पर देखने को मिलेगा। अक्सर देखा जाता है कि जुगाड़ के जरिए कर्मचारियों के बड़े दफ्तरों में अटैच होने से मूल स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों के कार्यालयों में कामकाज ठप हो जाता है। बाबुओं और चपरासियों की कमी से प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती थी। अब सभी के वापस लौटने से पेंडिंग काम तेजी से निपटेंगे और व्यवस्था दुरुस्त होगी।



