CG Legislative Assembly Monsoon Session 2026: छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक बैन पर एकजुट हुए सत्ता और विपक्ष, चर्चा के बाद विधायक अजय चंद्राकर ने वापस लिया संकल्प

CG Assembly Plastic Ban Resolution: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से जुड़े एक बेहद गंभीर मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के सुर एक समान नजर आए। कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने राज्य में प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल और उससे होने वाले नुकसान को रोकने के लिए विधानसभा में एक अशासकीय संकल्प लाया गया । इस विषय की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों के विधायकों ने इस पर चिंता जताई और प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की। पर्यावरण मंत्री के जवाब और भरोसे के बाद इस संकल्प को वापस ले लिया गया।

विधानसभा में गूंजा प्लास्टिक प्रदूषण का मुद्दा, गंभीर खतरों को देख एकजुट हुए सभी विधायक

Kurud MLA Ajay Chandrakar: प्लास्टिक आज के समय में केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा संकट बन चुका है। यह न केवल हमारे पर्यावरण और हवा-पानी को प्रदूषित कर रहा है, बल्कि बेजुबान जानवरों के साथ-साथ इंसानों की सेहत को भी सीधा नुकसान पहुंचा रहा है। हालिया वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि प्लास्टिक के बेहद बारीक कण यानी माइक्रो प्लास्टिक अब इंसानों के दिमाग तक में प्रवेश कर चुके हैं। इसी गंभीर खतरे को देखते हुए भाजपा विधायक अजय चंद्राकर विधानसभा में इस पर नियंत्रण के लिए एक अशासकीय संकल्प लेकर आए थे।

पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के आश्वासन के बाद भाजपा विधायक ने वापस लिया अपना प्रस्ताव

सदन में इस विषय पर हुई लंबी चर्चा के बाद पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने माना कि छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक प्रदूषण इस समय एक बड़ी चुनौती बन चुका है जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। मंत्री ने सदन को भरोसा दिलाया कि सरकार इस दिशा में कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने विधायक अजय चंद्राकर से संकल्प वापस लेने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार करते हुए चंद्राकर ने अपना प्रस्ताव वापस ले लिया।

प्लास्टिक कचरे के निपटारे और सामाजिक जागरूकता पर विभिन्न विभागों के साथ मिलकर काम करेगी सरकार

पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि राज्य सरकार प्लास्टिक कचरे के सही निपटारे और रिसाइक्लिंग के लिए एक ठोस कार्ययोजना पर काम कर रही है। इसके तहत विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बैठाया जा रहा है ताकि इस प्रतिबंध को जमीन पर सख्ती से लागू किया जा सके। इसके अलावा समाज में लोगों को जागरूक करने के लिए भी विशेष अभियान चलाए जाएंगे। मंत्री ने साफ किया कि आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में हर दिन इस्तेमाल होता है 140 टन प्लास्टिक, 40 टन कचरे का नहीं हो पा रहा रिसाइकिल

चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने राज्य में प्लास्टिक के उपयोग को लेकर कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने रखे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में रोजाना लगभग 140 टन प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है जिसमें से करीब 40 टन प्लास्टिक कचरे का सही तरीके से निपटारा नहीं हो पाता है। उन्होंने प्लास्टिक की थैलियों और बोतलों के कारण दूषित हो रहे जल और जमीन पर चिंता जताई। पटेल ने शराब को प्लास्टिक की बोतलों में बेचे जाने का भी कड़ा विरोध किया और इसे जनस्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह बताया।

प्लास्टिक के खिलाफ जन आंदोलन बनाने की जरूरत, विपक्ष ने भी दिया सरकारी प्रयासों को पूरा समर्थन

उमेश पटेल ने सदन में कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए इसे एक सामाजिक आंदोलन का रूप देना होगा जिसमें सरकार को मुख्य भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सड़कों के निर्माण में रिसाइकिल किए गए प्लास्टिक का उपयोग बढ़ाया जाना चाहिए। विपक्ष ने इस मुद्दे पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सरकार का साथ देने की घोषणा की। पटेल ने इस गंभीर विषय को सदन में लाने के लिए अजय चंद्राकर को बधाई दी और कहा कि पर्यावरण के मुद्दे पर पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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