
Durg Doctor Bad Touch Pocso Act Arrest: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में एक जनरल फिजिशियन पर 17 वर्षीय नाबालिग के साथ अश्लील हरकत करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी डॉक्टर सुधीर कुमार हिसीकर को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दोस्त का मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचा था नाबालिग
नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) सत्यप्रकाश तिवारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 17 वर्षीय नाबालिग लड़का अपने एक दोस्त का मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आरोपी डॉक्टर के क्लिनिक पहुंचा था। आरोप है कि स्वास्थ्य जांच के बहाने डॉक्टर उसे एक अलग कमरे में ले गया। वहां डॉक्टर ने नाबालिग के साथ अनुचित व्यवहार किया, उसके निजी अंगों को छुआ और जबरन गले लगाया।

परिजनों ने दर्ज कराई पद्मनाभपुर थाने में शिकायत
घटना के बाद पीड़ित नाबालिग बुरी तरह डर गया। उसने क्लिनिक से बाहर आकर सबसे पहले अपने दोस्तों को पूरी घटना बताई और फिर घर पहुंचकर अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। बेटे की बात सुनकर परिजन तुरंत पद्मनाभपुर पुलिस थाने पहुंचे और डॉक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी।
पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर और गिरफ्तारी
नाबालिग के बयान और शुरुआती पड़ताल के आधार पर पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने आरोपी डॉक्टर सुधीर कुमार हिसीकर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला पंजीकृत किया। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लिया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
आरोपी डॉक्टर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड आया सामने
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर सुधीर कुमार हिसीकर का अतीत भी विवादास्पद रहा है। वह इससे पहले एक अवैध गर्भपात कराने के मामले में भी जेल की हवा खा चुका है। मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला आरोपी बीएएमएस की डिग्री धारक है। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और अन्य शिकायतों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
एडॉप्शन सेंटर के दस्तावेजों की जांच करेगी पुलिस
आरोपी डॉक्टर की पत्नी भी पेशे से डॉक्टर हैं और ग्राम अंडा में संविदा पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा यह दंपती ‘सेवा भारती मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर’ नाम से एक गोद लेने वाले केंद्र का संचालन भी करता है। डॉक्टर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन इस एडॉप्शन सेंटर से जुड़ी व्यवस्थाओं और दस्तावेजों की भी गहराई से जांच करने की तैयारी कर रहा है।



