
CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
रायपुर सेंट्रल जेल में मुलाकात के नियम सख्त, कैदियों तक बाहर से सामान भेजने पर अस्थायी रोक
रायपुर केंद्रीय जेल में सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पिछले दिनों मुलाकात के दौरान दैनिक उपयोग की चीजों में प्रतिबंधित सामग्री छिपाकर अंदर भेजने की कोशिश पकड़ी गई थी। इसे देखते हुए जेल प्रशासन ने बाहर से आने वाले सामान पर अस्थायी रोक लगा दी है। अब बंदियों को जरूरी चीजें सीधे जेल की कैंटीन से मिलेंगी। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए यह फैसला लिया गया है। हालांकि, कैंटीन में मिलने वाली सामग्री की कीमत बाजार से कम रखी गई है ताकि परिवारों पर आर्थिक बोझ न पड़े। हालात सामान्य होने के बाद इस व्यवस्था की फिर से समीक्षा की जाएगी।
1 अगस्त से पावर कंपनी पूरी तरह डिजिटल, 800 कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली अनिवार्य
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने के लिए कड़ा कदम उठाया है। एक अगस्त से प्रदेश के सभी क्षेत्रीय और संभागीय कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली अनिवार्य कर दी गई है। इसके तहत करीब 800 कार्यालयों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा गया है। नई व्यवस्था के तहत फाइलें, पत्राचार और अनुमोदन पूरी तरह ऑनलाइन होंगे। कंपनी ने इसके लिए करीब 5 हजार यूजर आईडी तैयार की हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से फाइलों के अटकने की समस्या खत्म होगी, काम में पारदर्शिता आएगी और जवाबदेही तय हो सकेगी।
CGPSC भर्ती घोटाला: पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, अब ED की नजर मनी ट्रेल पर
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीजीपीएससी भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच तेज हो गई है। पूछताछ की अवधि पूरी होने के बाद पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी को विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। अब जांच एजेंसियों का पूरा फोकस इस बात पर है कि घोटाले में अवैध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग कैसे हुई। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा में गड़बड़ी कर पदों पर चयन कराने के एवज में पैसा कहां से आया और किन लोगों तक पहुंचा। इस मामले में आगे और भी खुलासे होने की उम्मीद है।
अटल प्रतिमा घोटाला: निर्माण में लापरवाही पर उप अभियंता निलंबित, बड़े जिम्मेदारों पर कार्रवाई बाकी
कटघोरा के अटल परिसर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने में हुई गड़बड़ी के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कांस्य की जगह सीमेंट और कंक्रीट से मूर्ति तैयार करने के मामले में उप अभियंता चंद्र प्रकाश जायसवाल को निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि स्वीकृत बजट और नियमों के विपरीत जाकर घटिया निर्माण कराया गया था, जिससे पहली बारिश में ही मूर्ति की परतें उखड़ने लगीं। हालांकि, इस मामले में केवल एक निचले स्तर के इंजीनियर पर कार्रवाई होने से अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
रायपुर के अंबेडकर अस्पताल में 18 करोड़ की मशीन कबाड़, अब नई पेट-सीटी स्कैन मशीन खरीदने की तैयारी
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से आई पेट-सीटी स्कैन मशीन पिछले छह साल से बंद पड़ी है। मामूली मरम्मत न होने के कारण यह मशीन आज तक मरीजों के काम नहीं आ सकी। अस्पताल में जांच सुविधा बंद होने के कारण कैंसर मरीजों को बाहर महंगे दामों पर टेस्ट कराने पड़ रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि पुरानी मशीन को चालू करने के बजाय अब सरकार करीब 20 करोड़ रुपए खर्च कर नई मशीन खरीदने की तैयारी कर रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग के पुराने फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं।
रायपुर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर खुले में मांस बिक्री पर रोक, महापौर के निर्देश पर प्रशासन मुस्तैद
सावन महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए रायपुर नगर निगम ने कड़े कदम उठाए हैं। यात्रा मार्ग पर खुले में मांस की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। महापौर के निर्देश के बाद जोन कमिश्नर लगातार क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। विशेष तौर पर महादेवघाट और रायपुरा मार्ग पर सुरक्षा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि शिवभक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके अलावा बारिश के मौसम को देखते हुए मुक्तिधामों में जलभराव की समस्या को तुरंत दूर करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
धनबाद के अवैध कोयला कारोबार में छत्तीसगढ़ कनेक्शन, ईडी की छापेमारी में संपत्तियों के बड़े खुलासे
झारखंड के धनबाद में अवैध कोयला खनन और काली कमाई के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई से छत्तीसगढ़ का पुराना कनेक्शन फिर चर्चा में आ गया है। हाल ही में हुई छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में नकदी, म्यूचुअल फंड निवेश और दो साल पुरानी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच एजेंसी को शक है कि अवैध कारोबार से कमाए गए पैसों का एक बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में खपाया गया है। पूर्व में भी आयकर विभाग की टीम ने इस नेटवर्क से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी थी। अब ईडी के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी वित्तीय लेन-देन की जांच का दायरा बढ़ सकता है।
रायपुर में खजूर कारोबारियों पर जीएसटी का शिकंजा, कबाड़ में मिले कंप्यूटर से खुली टैक्स चोरी की पोल
रायपुर के एक बड़े खजूर कारोबारी पर टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। जीएसटी विभाग की टीम ने जांच के दौरान 1.30 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों को लंबे समय से टैक्स छुपाने की शिकायत मिल रही थी, लेकिन मुख्य गोदाम का सही पता नहीं चल पा रहा था।जांच के दौरान गोदाम में रखे एक पुराने और बेकार पड़े कंप्यूटर की पेन ड्राइव से सारा हिसाब-फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। फर्म द्वारा सऊदी अरब से आयात किए जाने वाले खजूर के कारोबार की सही जानकारी छिपाकर कच्चा बिल चलाया जा रहा था। पकड़े जाने के बाद कारोबारी ने तुरंत जुर्माना अदा किया।
साजा में विधायक निधि से कंप्यूटर खरीदी में अनियमितता, कलेक्टर ने बनाई चार सदस्यीय जांच समिति
छत्तीसगढ़ के साजा विधानसभा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के लिए खरीदी गई कंप्यूटर सामग्री विवादों में आ गई है। विधायक निधि से खरीदे गए इन कंप्यूटरों की कीमत बाजार मूल्य से कई गुना ज्यादा बताए जाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। शिकायत के मुताबिक, जिन कंप्यूटर सेट की कीमत बाजार में बहुत कम है, उन्हें भारी भरकम दामों पर खरीदा गया। कई स्कूलों के प्राचार्यों का कहना है कि उन्होंने ऐसी कोई मांग ही नहीं की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक समिति गठित कर दी है, जो सात दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
बलरामपुर में नीट विवाद पर राजनीतिक पोस्ट करना पड़ा भारी, पटवारी को अफसरों ने किया निलंबित
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सरकारी सेवा के नियमों का उल्लंघन करने पर एक पटवारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। तहसील कार्यालय में पदस्थ पटवारी संप्रीत एक्का ने नीट परीक्षा विवाद और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे से जुड़ा एक राजनीतिक पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया था। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद एसडीएम ने पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। तय समय सीमा के भीतर जवाब न देने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय ही तय किया गया है।



