CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें रायपुर में फर्जी जमानत और NDPS केस में FIR, दुर्ग में साइबर अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई, कांकेर नक्सली बैनर कांड में भाजपा नेता गिरफ्तार, सूरजपुर हिंसा में 150 ग्रामीणों पर मामला दर्ज, बीजापुर का रेस्क्यू बाघ स्वस्थ होने के बावजूद जंगल सफारी में कैद, सक्ती राजपरिवार यौन उत्पीड़न केस में सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, भिलाई मैत्री बाग के सफेद बाघों की गूंज, क्रिस्टीना एस लाल का एसटी प्रमाण पत्र रद्द, रायपुर के मित्तल कैंसर अस्पताल का आयुष्मान योजना से निलंबन, तथा बिलासपुर सर्पदंश मुआवजा घोटाले में बाबू गिरफ्तार और तहसीलदारों को नोटिस समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
रायपुर में फर्जी जमानत का भंडाफोड़, एनडीपीएस मामलों में तीन महिलाओं पर एफआईआर
राजधानी रायपुर में एनडीपीएस (NDPS) मामलों में फर्जी जमानत दिलाने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। विशेष अदालत के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने तीन महिला जमानतदारों के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। जांच में सामने आया कि महिलाओं ने अपनी ऋण पुस्तिकाओं में फेरबदल कर और जरूरी पन्ने हटाकर एक ही दस्तावेज का इस्तेमाल कई आरोपियों की जमानत के लिए किया था। अदालत की छानबीन में यह बात सामने आई कि आरोपी महिलाओं की ऋण पुस्तिकाओं से न्यायालय की सील और पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर वाले पन्ने गायब थे। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अब तक कितने मामलों में इन दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया गया है।
दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने वाले 26 गिरफ्तार
दुर्ग जिले की भिलाई नगर पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई करते हुए 26 म्यूल खाताधारकों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधाएं साइबर ठगों को पैसे लेकर उपलब्ध करा रहे थे। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस मुख्यालय की ओर से चलाए गए विशेष अभियान के दौरान पंजाब नेशनल बैंक के कई संदिग्ध खातों की जांच की गई, जिनसे इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया है। साथ ही, इस ठगी के मुख्य सरगनाओं की तलाश तेजी से की जा रही है।
कांकेर नक्सली बैनर कांड में बड़ा खुलासा, भाजपा नेता समेत दो गिरफ्तार
कांकेर और गढ़चिरौली सीमा क्षेत्र में मिले संदिग्ध नक्सली बैनर और पोस्टरों के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में पता चला कि ये बैनर असली नक्सलियों ने नहीं, बल्कि इलाके में डर का माहौल बनाने के लिए फर्जी तौर पर लगाए गए थे। पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता और जनपद पंचायत सदस्य शिवा अनिल मिस्त्री तथा उनके सहयोगी रंजीत मलिक को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा बलों को सर्चिंग के दौरान एक साइन बोर्ड के पास लाल कपड़े का बैनर मिला था, जिस पर धमकी भरे संदेश लिखे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उन्होंने बैनर लगाने की बात कबूल कर ली। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश के पीछे उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
सूरजपुर हिंसा मामले में पुलिस का कड़ा एक्शन, डेढ़ सौ से अधिक ग्रामीणों पर एफआईआर
सूरजपुर जिले के मदननगर गांव में पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस ने इस घटना को लेकर 15 नामजद और 100 से 150 अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ बलवा, सरकारी काम में बाधा और जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस झड़प में एसडीओपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। यह पूरा विवाद एसईसीएल की प्रस्तावित कोयला खदान के लिए चल रहे जमीन अधिग्रहण के विरोध से जुड़ा है। जब पुलिस कुछ आरोपियों को पकड़ने गांव गई थी, तब भीड़ ने लाठी-डंडों और हथियारों से हमला बोल दिया था। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फिलहाल इलाके में पांच जिलों से बुलाए गए करीब 500 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।
बीजापुर से रेस्क्यू किया गया बाघ स्वस्थ, फिर भी 15 महीने से जंगल सफारी में कैद
छत्तीसगढ़ में एक तरफ सरकार बाघों की बढ़ती संख्या के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बीजापुर से रेस्क्यू किए गए एक युवा बाघ की जंगल वापसी पर सवाल खड़े हो गए हैं। मार्च 2025 में शिकारियों के फंदे में फंसकर घायल हुए इस बाघ को रायपुर के जंगल सफारी लाया गया था, जहां उसकी सर्जरी और सफल इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुका है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने नवंबर 2025 में ही उसकी रिपोर्ट में उसे पूरी तरह फिट घोषित कर दिया था, लेकिन अनुमति और तकनीकी प्रक्रियाओं के चलते उसे अब तक उसके प्राकृतिक आवास में नहीं छोड़ा गया है। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि बाघ को केवल बचाना ही काफी नहीं है, बल्कि समय पर उसे जंगल में वापस भेजना ही असली संरक्षण है।
सक्ती राजपरिवार यौन उत्पीड़न केस, सुप्रीम कोर्ट ने युवराज को भेजा नोटिस
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के चर्चित राजपरिवार से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। हाईकोर्ट द्वारा आरोपी युवराज धर्मेंद्र सिंह उर्फ धर्मेंद्र सिदार को सभी आरोपों से बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ पीड़िता ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और आरोपी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। यह मामला जनवरी 2022 का है, जब पीड़िता ने घर में घुसकर जबरदस्ती करने और उत्पीड़न का प्रयास करने की शिकायत दर्ज कराई थी। निचली अदालत की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने पलट दिया था। अब एक बार फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है।
भिलाई के मैत्री बाग की सफलता, देशभर के चिड़ियाघरों में बढ़ रही सफेद बाघों की संख्या
भिलाई स्थित मैत्री बाग जू ने सफेद बाघों के संरक्षण के क्षेत्र में एक अलग मुकाम हासिल किया है। वर्ष 1999 में भुवनेश्वर से लाई गई सफेद बाघों की जोड़ी तापसी और तरुण से शुरू हुआ यह सफर अब आगे बढ़ चुका है। यहां अब तक 13 सफेद बाघों का जन्म हो चुका है, जिनकी संतानें देश के गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों के चिड़ियाघरों की शोभा बढ़ा रही हैं। वर्तमान में मैत्री बाग में पांच सफेद बाघ मौजूद हैं, जिनकी देखभाल विशेष निगरानी में की जाती है। कोरोना काल के दौरान रोक दी गई प्रजनन प्रक्रिया को प्रबंधन अब दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिससे आने वाले समय में सफेद बाघों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।
सरकारी अफसर क्रिस्टीना एस लाल का एसटी प्रमाण पत्र रद्द, उच्च स्तरीय समिति का फैसला
लगभग दस साल पुराने एक मामले में राज्य स्तरीय उच्च स्तरीय जाति जांच समिति ने कड़ा कदम उठाते हुए क्रिस्टीना एस लाल का अनुसूचित जनजाति (ST) जाति प्रमाण पत्र दोबारा निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आरक्षण और सरकारी नौकरियों का लाभ लेने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सामाजिक संगठनों का मानना है कि इस तरह के मामलों से वास्तव में पात्र और जरूरतमंद आदिवासी युवाओं के अधिकार प्रभावित होते हैं। कानूनी नियमों के अनुसार, फर्जी पाए गए प्रमाण पत्रों के आधार पर हासिल किए गए लाभों को लेकर अब संबंधित विभागों द्वारा आगे की वैधानिक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी, रायपुर का मित्तल कैंसर अस्पताल तीन महीने के लिए निलंबित
रायपुर के कापा स्थित मित्तल कैंसर अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नाम पर मरीजों से अतिरिक्त पैसे वसूलने की शिकायत सही पाए जाने पर अस्पताल को तीन महीने के लिए योजना से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मरीज से लिए गए 90 हजार रुपये वापस लौटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। एक मरीज के परिजनों ने शिकायत की थी कि योजना के तहत पात्रता होने के बावजूद अस्पताल ने सर्जरी और दवाइयों के नाम पर नकद पैसे लिए थे। जांच के बाद विभाग ने इसे नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है। हालांकि, अस्पताल में पहले से भर्ती पुराने मरीजों का इलाज सामान्य रूप से जारी रहेगा, लेकिन नए मरीजों का कैशलेस इलाज इस अवधि में नहीं हो सकेगा।
बिलासपुर सर्पदंश मुआवजा घोटाला, तीन बाबू गिरफ्तार और सात तहसीलदारों को नोटिस
बिलासपुर जिले में सर्पदंश से मौत के मामलों में मिलने वाले सरकारी मुआवजे में हुए फर्जीवाड़े की जांच तेज हो गई है। पुलिस ने इस मामले में तहसील कार्यालय के तीन कर्मचारियों गरीब बिंझवार, नरेंद्र कौशिक और हरिराम राठौर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिसके बाद राजस्व विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया है। इस घोटाले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने सात अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज करने और सात तहसीलदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगने की प्रक्रिया शुरू की है। इस कार्रवाई के बाद से राजस्व कर्मचारियों और लिपिक वर्ग में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि दस्तावेजों की पारदर्शी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।



