धमतरी में तेंदुए और ग्रामीणों के बीच खूनी संघर्ष, आधी रात घर में घुसा तेंदुआ: दो युवकों पर किया हमला, जान बचाने के संघर्ष में तेंदुए की मौत

Karaghati Leopard Attack: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक स्थित कर्राघाटी गांव में आधी रात को एक खौफनाक घटना सामने आई है। बिरगुड़ी रेंज के अंतर्गत आने वाले इस गांव में देर रात एक तेंदुआ अचानक एक रिहायशी मकान के अंदर दाखिल हो गया। घर में सो रहे ग्रामीणों पर तेंदुए ने सीधा हमला बोल दिया। अपनी जान बचाने के लिए युवकों ने भी तेंदुए का सामना किया। इस संघर्ष में दोनों ग्रामीण घायल हो गए, जबकि तेंदुआ मौके पर ही मृत अवस्था में पाया गया। घटना की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और वन विभाग की टीम ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

आधी रात घर में घुसा तेंदुआ और किया हमला

कर्राघाटी गांव में शुक्रवार की देर रात ग्रामीण अपने घरों में सो रहे थे। इसी दौरान जंगल की ओर से भटक कर आया एक तेंदुआ अंजोर सिंह नेताम के मकान में घुस गया। घर के भीतर सो रहे हेमंत नेताम और गांधी राम पर तेंदुए ने अचानक झपट्टा मार दिया। अचानक हुए इस हमले से घर में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। खुद को घिरा देखकर दोनों युवकों ने अपनी सुरक्षा के लिए तेंदुए का डटकर मुकाबला किया।

संघर्ष में तेंदुआ मृत मिला, दोनों ग्रामीण अस्पताल में भर्ती

तेंदुए के हमले में हेमंत नेताम और गांधी राम गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगरी पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि दोनों युवकों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। वहीं दूसरी ओर, हमले के बाद तेंदुआ उसी घर के भीतर मृत पाया गया।

वन विभाग ने चलाया सर्च ऑपरेशन और जांच शुरू की

घटना की सूचना मिलते ही नगरी वन परिक्षेत्र का प्रशासनिक अमला और बिरगुड़ी रेंज के अधिकारी दलबल के साथ गांव पहुंचे। शुरुआत में अधिकारियों को आशंका थी कि हमला करने के बाद घायल तेंदुआ आसपास किसी दूसरे मकान में छिपा हो सकता है। इसी डर के कारण वन विभाग ने पूरे इलाके की घेराबंदी करके कई घंटों तक सर्च ऑपरेशन चलाया। बाद में जांच करने पर तेंदुआ उसी मकान के अंदर मृत अवस्था में मिला जहां उसने हमला किया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होंगे मौत के कारण

वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए के शव को कब्जे में ले लिया है और वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार वन्यजीव के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि तेंदुए की मौत चोट लगने से हुई या फिर किसी अन्य अंदरूनी कारण से। फिलहाल विभाग ने आधिकारिक तौर पर मौत की वजह की पुष्टि नहीं की है।

पीड़ित ग्रामीणों को मिली तत्काल राहत राशि

वन्यप्राणी हमले की इस घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने घायलों को फौरन सहायता पहुंचाई है। उप वनमंडलाधिकारी संजय राउतिया ने बताया कि विभाग की नीति के अनुसार पीड़ित ग्रामीणों को अंतरिम राहत राशि दी गई है। इसके तहत हेमंत नेताम को 5,000 रुपये और गांधी राम को 1,000 रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इलाज के खर्च और शासन के नियमों के आधार पर आगे भी आवश्यक मदद दी जाएगी।

मौसम में बदलाव और गांवों में बढ़ती सतर्कता

घटना के बाद वन विभाग ने कर्राघाटी और आसपास के ग्रामीण इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। अधिकारियों का मानना है कि लगातार हो रही बारिश और जंगलों के प्राकृतिक वातावरण में आए बदलावों के कारण वन्यजीव कभी-कभी भोजन या आश्रय की तलाश में आबादी वाले इलाकों का रुख कर लेते हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगलों की तरफ अकेले जाने से बचें, बच्चों को घर से बाहर अकेला न छोड़ें और किसी भी वन्यजीव की आहट मिलने पर तुरंत प्रशासन को सूचित करें।

Also Read: Kurud Ramsagar Talab: कुरुद के रामसागर तालाब में दशगात्र कार्यक्रम में जलांजलि देने उतरा युवक डूबा, 24 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने निकाला शव

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button