सीएम विष्णुदेव साय का बड़ा ऐलान: कुलगाम आतंकी हमले में मारे गए छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के परिजनों को मिलेंगे 20-20 लाख रुपए की सहायता

Kulgam Terror Attack: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी सहायता राशि की घोषणा की है। दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद रायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने हमले में जान गंवाने वाले राज्य के दो श्रमिकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।

आतंकी हमले के पीड़ितों को 20-20 लाख रुपए का मुआवजा

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई थी। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक के आश्रितों को 20 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार पीड़ितों के परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उन्हें हर संभव प्रशासनिक व आर्थिक मदद पहुंचाई जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और बस्तर में एम्स की मांग

अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री को नक्सल मुक्त बस्तर अभियान के तहत संचालित की जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों की प्रगति से अवगत कराया। इसके साथ ही उन्होंने बस्तर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक विद्युतीकरण प्रस्तावों की स्वीकृति मांगी और छत्तीसगढ़ में आयुर्वेद क्षेत्र का एम्स (AIIMS) संस्थान खोलने की मांग रखी। प्रधानमंत्री ने इन सभी विषयों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

बस्तर और कटघोरा-डोंगरागढ़ रेल नेटवर्क का विस्तार

केंद्रीय रेल मंत्री से हुई बैठक की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि कटघोरा-डोंगरागढ़ रेल लाइन के निर्माण में आ रही अड़चनों को दूर कर लिया गया है। इस परियोजना पर जल्द ही काम तेजी से शुरू होगा। इसके अतिरिक्त बस्तर संभाग में रेलवे नेटवर्क के विस्तार पर भी सहमति बनी है, जिसमें किरंदुल से बीजापुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को रेल सेवा से जोड़ने की योजना शामिल है। इन रेल लाइनों के बिछने से बस्तर में व्यापार और यात्री परिवहन को नई दिशा मिलेगी।

महानदी जल विवाद का 3 महीने में समाधान संभव

ओडिशा के साथ लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर भी दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और ओडिशा के मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हुई इस चर्चा के संबंध में सीएम साय ने बताया कि वार्ता सकारात्मक रही है। दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला लिया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले तीन महीनों के भीतर जल बंटवारे के इस संवेदनशील मुद्दे का सर्वसम्मत समाधान निकाल लिया जाएगा।

ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर: 400 गांवों में बिजली और नए मोबाइल टावर

दूरसंचार और ऊर्जा क्षेत्र में केंद्र सरकार से मिले सहयोग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहले ही 500 से अधिक मोबाइल टावर स्वीकृत किए जा चुके हैं। अब संचार व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त टावरों की मांग की गई है। इसके अलावा बस्तर के 400 से अधिक वनांचल गांवों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नई सड़कों के निर्माण पर विभागीय मंत्रियों से विस्तृत चर्चा हुई है, जिस पर जल्द ही काम शुरू होगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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