
Arun Pannalal Arrested: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर भगवान शिव को लेकर विवादित टिप्पणी करने के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार कर लिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी और हंसराज गोयल की शिकायत के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई थी। इससे पहले शुक्रवार रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोपी के निवास का घेराव कर कड़ा विरोध जताया था।
विधायक अजय चंद्राकर ने लगाया धर्मांतरण रैकेट चलाने का आरोप
अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी के बाद पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने इस मामले पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी महज एक घटना है, जबकि पन्नालाल छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण के एक बड़े नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आरोपी की पूरी पृष्ठभूमि की जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि पन्नालाल को किन-किन संस्थाओं से पैसा मिल रहा है और उसकी आजीविका का जरिया क्या है।
विदेशी फंडिंग की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग
अजय चंद्राकर ने पन्नालाल पर विदेश से धन प्राप्त कर स्थानीय स्तर पर गतिविधियां संचालित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इस पूरे नेटवर्क और विदेशी फंडिंग के स्रोतों की उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए। उनका तर्क है कि केवल एक टिप्पणी के आधार पर मामला खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके पीछे काम करने वाली शक्तियों और वित्तीय लेनदेन का सच जनता के सामने आना चाहिए।

कांग्रेस का पलटवार: माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे संगठन
वहीं, अरुण पन्नालाल की गिरफ्तारी और बीजेपी के बयानों पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के प्रदेश संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बजरंग दल और आरएसएस के लोग राज्य का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सभी धर्मों और वर्गों का देश है, जहां संत-महात्माओं का हमेशा आदर रहा है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि धर्म स्वातंत्र्य कानून की आड़ में लोगों को उकसाकर एकतरफा कार्रवाइयां करवाई जा रही हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्षों की रैंकिंग पर बीजेपी का तंज
पार्टी हाईकमान द्वारा कांग्रेस जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग के बाद उन्हें रैंकिंग दिए जाने की खबरों पर भी अजय चंद्राकर ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास इन सब बातों के लिए समय नहीं है और वे अन्य विषयों में व्यस्त हैं। चंद्राकर ने इस रैंकिंग प्रक्रिया को केवल कार्यकर्ताओं को व्यस्त रखने की एक कवायद करार दिया।
रायपुर कमिश्नरेट प्रणाली को लेकर बीजेपी में अलग-अलग सुर
रायपुर में लागू कमिश्नरी प्रणाली को लेकर भी दोनों दलों के बीच बयानबाजी देखने को मिली। सांसद बृजमोहन अग्रवाल द्वारा इस व्यवस्था में सुधार के लिए लिखे गए पत्र पर अजय चंद्राकर ने कहा कि किसी भी नई प्रशासनिक व्यवस्था को स्थापित होने में समय लगता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि रायपुर को टुकड़ों में बांटने के बजाय पूरे शहर को एक ही कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत रखा जाना चाहिए, ताकि भ्रम की स्थिति न बने।
कमिश्नरी व्यवस्था पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
सांसद और विधायक के अलग-अलग विचारों पर कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली राज्य सरकार की विफलता का प्रमाण है। सुशील आनंद शुक्ला ने दावा किया कि इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद भी अपराधों पर रोक नहीं लग पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि थानों में एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी की जा रही है और कमिश्नरी प्रणाली से शहर की कानून-व्यवस्था में कोई सकारात्मक बदलाव देखने को नहीं मिला है।



