
CG Sahu Samaj Dharmantaran Survey Ghar Wapsi: छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन के बढ़ते मामलों के बीच साहू समाज ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है. छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू समाज ने धर्मांतरण की गतिविधियों को रोकने और प्रभावित परिवारों को वापस अपने मूल धर्म में लाने के लिए पूरे राज्य में एक व्यापक जनजागरण अभियान शुरू करने की घोषणा की है. यह महत्वपूर्ण निर्णय राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित साहू समाज भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया. लगभग छह घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में समाज को मजबूत बनाने और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने सहित कई अहम विषयों पर गंभीर मंथन हुआ.
राजधानी में जुटी समाज की बड़ी हस्तियां, डिप्टी सीएम अरुण साव भी रहे मौजूद
इस प्रांतीय बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार के उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित साहू समाज के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रमुख राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए. बैठक के दौरान समाज के भीतर बढ़ रहे बाहरी प्रभावों और परिवारों के टूटने की स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई. डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि यह बैठक पूरी तरह से सामाजिक सरोकारों और समाज के भीतर आ रही चुनौतियों पर केंद्रित थी जिसमें सभी प्रतिनिधियों ने खुले मन से अपने विचार साझा किए और भावी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया.
तहसील और जिला स्तर पर बनाई जाएंगी विशेष कमेटियां, घर-घर जाकर लोगों को करेंगी जागरूक
साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेन्द्र साहू ने बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि अब समाज के भीतर संस्कार विकास और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्मांतरण की वजह से कई परिवार बिखर रहे हैं जिन्हें एकजुट करना समाज की प्राथमिकता है. इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए जिला और तहसील स्तर पर विशेष कमेटियों का गठन किया जाएगा. ये कमेटियां सीधे गांवों और मोहल्लों में जाकर प्रभावित परिवारों से संवाद स्थापित करेंगी.
धर्म बदलने वाले परिवारों की पहचान के लिए होगा सर्वे
योजना के तहत कमेटियों के सदस्य घर-घर जाकर उन लोगों की वास्तविक सूची तैयार करेंगे जिन्होंने किन्हीं कारणों से अपना मूल धर्म छोड़ दिया है. इस सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि समाज के कितने लोग अब तक धर्मांतरित हो चुके हैं. सूची तैयार होने के बाद उन सभी लोगों की काउंसलिंग की जाएगी और उन्हें समझा-बुझाकर सनातनी परंपरा में वापस लाया जाएगा. समाज के पदाधिकारियों का मानना है कि इस कदम से भटके हुए लोगों को दोबारा अपने भाइयों के साथ खड़े होने का हौसला मिलेगा.
उपमुख्यमंत्री ने कहा सामाजिक एकजुटता से रुकेगा धर्मांतरण
बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि साहू समाज हमेशा से राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक संरक्षण में अग्रणी रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस तरह के प्रयासों से समाज के भीतर आंतरिक सुधार आएंगे और अवैध रूप से होने वाले धर्म परिवर्तन पर पूरी तरह से रोक लगाने में मदद मिलेगी. साव ने कहा कि सरकार भी राज्य में कानून व्यवस्था और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है और सामाजिक संगठनों के ऐसे सकारात्मक प्रयासों की सराहना करती है.



