CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें तुरंत कराएं केवाईसी वरना महंगा मिलेगा सिलेंडर जगदलपुर साख समिति में 3 करोड़ के गबन छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द विदेश भी नहीं खरीद रहा भारतीय कृषि उत्पाद स्वतंत्रता दिवस पर दुर्ग में बड़ी लापरवाही कैलाश गुफा क्षेत्र में 30 हाथियों का डेरा छत्तीसगढ़ में 15 लाख मीट्रिक टन धान खुले में भीगने का आरोप ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र 0.4’ जेल में बंदी की मौत की CBI ने शुरू की जांच तिरंगे की तस्वीर से छेड़छाड़ का आरोप समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
इंडेन गैस ई-केवाईसी की अंतिम तिथि नजदीक, तुरंत कराएं सत्यापन वरना महंगा मिलेगा सिलेंडर
Government: गैस सिलेंडरों के उपयोग को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार सख्त कदम उठा रही हैं। इसी कड़ी में पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, इंडेन गैस उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए 16 अगस्त की अंतिम तिथि तय की गई है। समय पर सत्यापन न होने पर घरेलू सब्सिडी पर रोक लग सकती है और उपभोक्ताओं को बाजार की व्यावसायिक दरों पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। गैस कंपनियों का मुख्य उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शनों की पहचान कर उन्हें समाप्त करना है ताकि केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों तक ही सरकारी सब्सिडी का लाभ पहुंच सके। इंडेन गैस के संचालक धनेश टंडन ने बताया कि एजेंसियों द्वारा लगातार फोन कॉल और संदेश भेजकर ग्राहकों को जागरूक किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा नहीं किया है, वे अपनी नजदीकी गैस एजेंसी या मोबाइल ऐप के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। समय सीमा समाप्त होने के बाद निष्क्रिय श्रेणी में डाले गए कनेक्शनों की सब्सिडी पूरी तरह बंद हो जाएगी।
जगदलपुर साख समिति में 3 करोड़ के गबन मामले में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी, प्रधान आरक्षक चढ़ा पुलिस के हत्थे
Crime Update: जगदलपुर की 5वीं वाहिनी सशस्त्र बल कर्मचारी कल्याण साख समिति में करीब 3 करोड़ रुपए की कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। परपा थाने की पुलिस ने मामले में संलिप्तता पाए जाने पर प्रधान आरक्षक संजय चौहान को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह इस बहुचर्चित मामले में दूसरी बड़ी गिरफ्तारी है, जिससे पुलिस महकमे और साख समिति से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। इससे पहले पुलिस ने समिति के अध्यक्ष और प्रधान आरक्षक शिवकांत तिवारी को 29 जुलाई को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, लोन खातों और कर्मचारियों की जमा राशि की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा घोटाला वर्ष 2012 से 2021 के बीच के वित्तीय लेन-देन से जुड़ा हुआ है, जिसमें दस्तावेजों में हेरफेर कर बड़ी रकम की हेराफेरी की गई थी। बस्तर एसपी शलभ कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और वित्तीय दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने तथा अन्य संलिप्त कर्मचारियों की गिरफ्तारी की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।
छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग कॉलेजों की INC मान्यता रद्द, छात्रों के भविष्य पर मंडराया संकट
Education News: छत्तीसगढ़ के चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) ने कड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 42 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी। यह कार्रवाई इंडियन नर्सिंग काउंसिल एक्ट 1947 की धारा 14 के तहत की गई है, जिसकी जद में शासकीय और निजी दोनों तरह के संस्थान आए हैं। रायपुर स्थित प्रतिष्ठित डीकेएस (DKS) सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का एमएससी कोर्स भी इस कार्रवाई से प्रभावित हुआ है। काउंसिल के इस अचानक लिए गए फैसले से प्रदेशभर के नर्सिंग छात्रों और उनके अभिभावकों में भारी चिंता व्याप्त हो गई है। नियमों और मानकों की अनदेखी के चलते हुई इस कार्रवाई के बाद अब इन कॉलेजों से उत्तीर्ण होने वाले छात्र राज्य के बाहर अन्य किसी भी प्रदेश में नौकरी करने के पात्र नहीं होंगे। साथ ही वे विदेशों में भी अपनी सेवाएं नहीं दे सकेंगे और उनका पंजीकरण केवल छत्तीसगढ़ तक ही सीमित रह जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग (DME) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कई संस्थान निर्धारित मानकों, पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और 23 हजार वर्गफीट के नियमों को ताक पर रखकर किराए के छोटे भवनों में संचालित हो रहे थे, जिसके कारण यह सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
खेत से थाली तक पहुंचा जहर, कीटनाशकों की अधिकता के कारण विदेशी बाजारों में रिजेक्ट हुए भारतीय कृषि उत्पाद
Health News: हमारी रोजाना की थाली में परोसा जाने वाला अनाज, फल और सब्जियां अब गंभीर स्वास्थ्य संकट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। भारत के फल, सब्जियों और मसालों में तय सुरक्षित सीमा से कहीं अधिक कीटनाशक और हानिकारक रसायन पाए जा रहे हैं, जिसके चलते जापान, चीन और यूरोपीय देशों ने कई भारतीय कृषि उत्पादों के आयात पर रोक लगा दी है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में देश के 23 राज्यों से लिए गए 70 हजार से अधिक नमूनों में से 3.1 प्रतिशत सैंपल FSSAI द्वारा निर्धारित मैक्सिमम रेसिड्यू Limit (MRL) से अधिक जहरीले पाए गए हैं। वर्ष 2026 में यह संकट और गहरा गया है जब जापान ने भारतीय प्रसंस्करण संयंत्रों में खामियां पाकर आमों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया, वहीं चीन ने जीएमओ (GMO) अंश और अत्यधिक मेथामिडोफॉस की मौजूदगी के कारण चावल और मिर्च के कंसाइनमेंट लौटा दिए। इसके अलावा यूरोपीय खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण (EFSA) के आंकड़ों के मुताबिक, महज दो साल में भारत के 365 से अधिक उत्पाद रिजेक्ट किए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फसल कटाई के बाद उन्हें जल्दी पकाने, सुखाने या चमकदार दिखाने के लिए उपयोग किए जाने वाले प्रतिबंधित रसायनों जैसे पैराक्वाट और कैल्शियम कार्बाइड के अंधाधुंध इस्तेमाल से आम जनमानस के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है।
स्वतंत्रता दिवस पर दुर्ग में बड़ी प्रशासनिक लापरवाही, स्कूल में सरपंच ने फहराया उल्टा तिरंगा
General News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के बोरी स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल से स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर एक बड़ी और शर्मनाक लापरवाही का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय पर्व के जश्न के दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित किए गए स्थानीय सरपंच ने अनजाने में उल्टा तिरंगा झंडा फहरा दिया, जिसमें केसरिया रंग नीचे और हरा रंग ऊपर नजर आ रहा था। इस गंभीर चूक की भनक लगते ही स्कूल परिसर में मौजूद ग्रामीणों और छात्रों के बीच हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि ध्वजारोहण के तुरंत बाद और राष्ट्रगान शुरू होने से ठीक पहले वहां मौजूद सतर्क लोगों की नजर झंडे की गलत दिशा पर पड़ गई, जिन्होंने तुरंत स्कूल स्टाफ को इस बारे में टोका। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए शिक्षकों ने तुरंत राष्ट्रगान की प्रक्रिया को बीच में ही रोक दिया और कर्मचारियों की मदद से झंडे को नीचे उतारकर उसकी डोरी को ठीक किया। इसके बाद केसरिया पट्टी को ऊपर कर सही तरीके से दोबारा ध्वजारोहण किया गया और पूरी गरिमा व सम्मान के साथ राष्ट्रगान गाया गया। हालांकि समय रहते गलती सुधार ली गई, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से जुड़ी इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर स्कूल प्रबंधन की तैयारियों और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
कैलाश गुफा क्षेत्र में 30 हाथियों के दल का डेरा, सावन में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर बढ़ा खतरा
Environment Update: छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल कैलाश गुफा क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक चरम पर है। लगभग 30 हाथियों का एक बड़ा दल क्षेत्र के जंगलों में लगातार विचरण कर रहा है, जिससे आसपास के ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथियों के इस दल द्वारा एक ग्रामीण पर हमला किए जाने की घटना के बाद से प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। सावन का महीना होने के कारण कैलाश गुफा स्थित प्रसिद्ध महादेव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए दूर-दूर से कांवड़िए और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के बीच हाथियों की मौजूदगी ने सुरक्षा एजेंसियों और वन विभाग की चिंता काफी बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन और वन अधिकारियों ने कांवड़ियों तथा आम नागरिकों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है। जशपुर जिले के बगीचा तहसील मुख्यालय के सामरबार क्षेत्र में संत रामेश्वर गहिरा गुरु जी द्वारा पहाड़ी चट्टानों को तराशकर बनाई गई इस ऐतिहासिक और धार्मिक गुफा में सावन मास के दौरान भक्तों का तांता लगा रहता है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ में 15 लाख मीट्रिक टन धान खुले में भीगने का आरोप, कांग्रेस सभी जिलों में करेगी भौतिक परीक्षण
Political News: छत्तीसगढ़ में धान के रखरखाव और सरकारी नीतियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण लगभग 15 लाख मीट्रिक टन धान आज भी संग्रहण केंद्रों में खुले में तिरपाल के भरोसे पड़ा है और बारिश के कारण भीगकर खराब हो रहा है। कांग्रेस का कहना है कि 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भारी भरकम राशि खर्च कर खरीदे गए इस धान का समय पर उठाव और उचित निराकरण नहीं किया जा रहा है, जिससे जनता के पैसों की बड़े पैमाने पर बर्बादी हो रही है। इस स्थिति से निपटने और सरकार की पोल खोलने के लिए कांग्रेस पार्टी ने अब आक्रामक रुख अपनाते हुए प्रदेश के सभी जिलों में जांच समितियां भेजने की घोषणा की है। कांग्रेस कार्यकर्ता राज्यभर के सभी संग्रहण केंद्रों पर जाकर धान के स्टॉक, परिवहन की स्थिति और उसकी वर्तमान गुणवत्ता का भौतिक परीक्षण करेंगे। कांग्रेस ने आशंका जताई है कि धान के खराब होने के नाम पर भविष्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और लीपापोती की साजिश रची जा रही है। पार्टी का यह भी तर्क है कि केंद्र सरकार द्वारा पूरा चावल नहीं खरीदे जाने और अतिरिक्त धान के निस्तारण में राज्य सरकार की विफलता के कारण यह संकट पैदा हुआ है।
‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र 0.4’ अभियान के तहत छत्तीसगढ़ से सरहद के प्रहरियों के लिए भेजी गईं रिकॉर्ड 21 लाख राखियां
Social News: देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले वीर जवानों के अदम्य शौर्य, समर्पण और अटूट बलिदान के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए छत्तीसगढ़ में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान 2026’ (संस्करण 0.4) ने इस वर्ष एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री राजवाड़े की भावुक अपील पर इस बार पूरे प्रदेश से रिकॉर्ड 21 लाख से अधिक राखियां एकत्र की गई हैं। रक्षाबंधन के इस पवित्र अवसर पर सरहद के प्रहरियों के लिए भेजी जा रही इन पावन राखियों, शुभकामना पत्रों और छत्तीसगढ़ के आंगनों की पवित्र मिट्टी को पूर्व सैनिक महासभा के माध्यम से जवानों तक पहुंचाने के लिए अंबिकापुर से विशेष रूप से रवाना किया गया है, जो जशपुर के रास्ते सेना मुख्यालय नई दिल्ली पहुंचेगी। इस ऐतिहासिक अभियान को सफल बनाने में महिला एवं बाल विकास विभाग के मैदानी अमले ने रीढ़ की हड्डी की तरह सराहनीय भूमिका निभाई है। जिला कार्यक्रम अधिकारियों, परियोजना अधिकारियों, सुपरवाइजरों के अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका बहनों ने गांव-गांव जाकर बहनों के स्नेह को सहेजा है। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, महिला स्व-सहायता समूहों और आम नागरिकों ने इस महान राष्ट्रभक्ति के कार्य में बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी सुनिश्चित की, जिससे यह अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल हुई है।
बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंदी की मौत का मामला, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने शुरू की जांच
Crime Update: बिलासपुर सेंट्रल जेल में विचाराधीन बंदी श्रवण सूर्यवंशी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया है। माननीय उच्चतम न्यायालय के कड़े आदेश के बाद अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी है। सीबीआई की विशेष टीम ने बिलासपुर पहुंचकर सेंट्रल जेल और सिविल लाइन थाने के तमाम दस्तावेजों व रिकॉर्ड्स को खंगाला है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच एजेंसी को इस संवेदनशील मामले की रिपोर्ट आगामी 13 अक्टूबर 2026 तक पेश करने का सख्त निर्देश दिया है। सीपत के मोहरा निवासी 34 वर्षीय श्रवण सूर्यवंशी को आबकारी अधिनियम के तहत 18 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया गया था और 20 जनवरी को उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल भेजा गया था, जहां तबीयत बिगड़ने पर इलाज के दौरान 22 जनवरी 2024 को उसकी मौत हो गई थी। न्यायिक मजिस्ट्रेट की जांच रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और कठोर वस्तु से प्रहार किए जाने की संभावना जताई गई थी, जिसके बाद परिजनों ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले में लंबी कानूनी लड़ाई और हाईकोर्ट के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का आदेश दिया और राज्य के डीजीपी को एक हफ्ते के भीतर सभी दस्तावेज सीबीआई निदेशक को सौंपने को कहा।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस IT सेल के नेता पर सिविल लाइन थाने में FIR, तिरंगे की तस्वीर से छेड़छाड़ का आरोप
Political News: राजधानी रायपुर में राष्ट्रीय ध्वज की तस्वीर से कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उसे मॉर्फ्ड रूप में सोशल मीडिया पर प्रसारित करने को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता गौरी शंकर श्रीवास ने कांग्रेस IT सेल से जुड़े नेता अरुण साहू के खिलाफ सिविल लाइन थाने में आधिकारिक रूप से लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भाजपा का मुख्य आरोप है कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन द्वारा अपने निवास पर फहराए गए राष्ट्रीय ध्वज की मूल तस्वीर को तकनीकी रूप से एडिट कर भ्रामक और अपमानजनक तरीके से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल किया गया। भाजपा नेताओं का दावा है कि इस तस्वीर के साथ गलत और भ्रामक जानकारी भी जोड़ी गई थी, जिससे आम जनता और समाज के बीच राष्ट्रध्वज तथा पार्टी नेताओं के खिलाफ गलत संदेश प्रसारित हुआ। हालांकि शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विवादास्पद पोस्ट को सोशल मीडिया से हटा लिया गया, लेकिन तब तक वह काफी यूजर तक पहुंच चुकी थी। इस घटना के बाद भाजपा ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि राष्ट्रीय पर्व और तिरंगे जैसी संवेदनशील राष्ट्रीय पहचान के साथ छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानूनी कार्रवाई पूरी दृढ़ता से आगे बढ़ाई जाएगी।
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