
धमतरी जिले के कुरुद विधानसभा क्षेत्र में ग्राम पंचायत इर्रा के सरपंच सूर्यकांत साहू के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कुरुद से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर द्वारा सरपंच को पार्टी का गमछा पहनाए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। कांग्रेस पार्टी की ओर से पूर्व विधायक लेखराम साहू ने दावा किया था कि सरपंच केवल विकास कार्यों के सिलसिले में विधायक से मिलने गए थे और वे अभी भी कांग्रेस के ही कार्यकर्ता हैं। हालांकि खुद सरपंच सूर्यकांत साहू ने कांग्रेस के इस दावे का खंडन करते हुए स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
पूर्व विधायक लेखराम साहू ने जारी की थी विज्ञप्ति, कांग्रेस में बने रहने का किया था दावा
विवाद की शुरुआत कांग्रेस की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के बाद हुई। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि ग्रामीण कांग्रेस की बैठक में सरपंच सूर्यकांत साहू शामिल हुए थे। पार्टी नेताओं का कहना था कि बैठक के दौरान सरपंच ने खुद को कांग्रेस का निष्ठावान कार्यकर्ता बताते हुए पार्टी में बने रहने की बात कही थी। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने उन्हें दोबारा गमछा पहनाकर पार्टी की सदस्यता में बने रहने की घोषणा की थी।

सरपंच सूर्यकांत साहू ने सार्वजनिक रूप से किया खंडन, बोले- नहीं दी थी ऐसी कोई प्रतिक्रिया
कांग्रेस का बयान सामने आते ही सरपंच सूर्यकांत साहू ने पूरे मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कांग्रेस की विज्ञप्ति में लिखे गए दावों को गलत और मनगढ़ंत बताया। सरपंच ने कहा कि कांग्रेस की बैठक पहले से तय थी और स्थानीय प्रतिनिधि होने के नाते वे उसमें शामिल हुए थे। बैठक में कांग्रेस नेताओं ने अपनी ओर से उन्हें पार्टी में रहने की बात कही, लेकिन उन्होंने इस पर कोई सहमति या प्रतिक्रिया नहीं दी थी।
गांव में विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए लिया भाजपा से जुड़ने का फैसला
सरपंच ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी मर्जी से भाजपा की सदस्यता ली है। उनका एकमात्र मकसद अपने गांव इर्रा का समग्र विकास करना है। उनका मानना है कि सत्ताधारी दल के साथ मिलकर काम करने से पंचायत के रुके हुए विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा सकता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने क्षेत्रीय विधायक के संपर्क में आकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता स्वीकार की थी।
विधायक अजय चंद्राकर ने पहनाया था भाजपा का गमछा
कुछ दिनों पहले कुरुद विधायक अजय चंद्राकर ने सूर्यकांत साहू का भाजपा में स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी का गमछा पहनाया था। कांग्रेस द्वारा इस प्रवेश को खारिज करने के बाद राजनीतिक भ्रम की स्थिति बन गई थी। अब सरपंच के ताजा और स्पष्ट बयान के बाद तमाम अटकलों पर विराम लग गया है। सूर्यकांत साहू ने साफ कहा है कि वे भाजपा के साथ ही मजबूती से काम करेंगे।

दोनों दलों के बीच जुबानी जंग जारी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कुरुद क्षेत्र का सियासी पारा चढ़ गया है। पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों के पाला बदलने को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। एक तरफ जहां भाजपा इसे अपनी नीतियों और विकास कार्यों की जीत बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे केवल शिष्टाचार भेंट भुनाने का आरोप लगा रही है। बहरहाल, सरपंच के सीधे बयान के बाद इस मामले में कांग्रेस की स्थिति असहज हो गई है।



