CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र पर 186 अधिकारियों की जांच, कृषि विवि का पेपर रद्द, ED की दुर्ग में दबिश, सदर बाजार वक्फ दुकान खाली करने के आदेश, अम्बेडकर अस्पताल में पद खाली, KBC में योगेश साहू ने जीते 50 लाख, चीनी की स्टॉक लिमिट घटी, अभनपुर नपा अध्यक्ष पर FIR, अफसरों का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड, और बिलासपुर हाईकोर्ट की सख्ती समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
186 अधिकारी-कर्मचारियों की होगी विशेष मेडिकल जांच, 7 डिप्टी कलेक्टर भी दायरे में
Government: छत्तीसगढ़ में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र के जरिए सरकारी नौकरी, आरक्षण और दूसरी सुविधाओं का लाभ लेने की शिकायतों की जांच अब तेज होने जा रही है। सरकार ने 186 अधिकारी-कर्मचारियों की विशेष मेडिकल जांच कराने का फैसला किया है। इसके लिए रायपुर में विशेष मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा। बोर्ड संबंधित कर्मचारियों की वर्तमान शारीरिक और चिकित्सकीय स्थिति की जांच करने के साथ यह भी देखेगा कि उनके पास मौजूद दिव्यांग प्रमाणपत्र वास्तविक स्थिति के अनुरूप हैं या नहीं। जांच के दायरे में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी बताए जा रहे हैं। सूची में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग से चयनित सात डिप्टी कलेक्टर के अलावा तीन नायब तहसीलदार, तीन लेखाधिकारी, तीन पशु चिकित्सक और दो सहकारिता निरीक्षक शामिल होने की जानकारी है। करीब 65 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के नाम भी सूची में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा व्याख्याता, शिक्षक, उपअभियंता और ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारियों सहित अन्य विभागों के कर्मचारी भी जांच के दायरे में हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के बाद सरकार ने मेडिकल जांच की दिशा में कदम बढ़ाया है। जांच पूरी होने के बाद बोर्ड अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। यदि किसी प्रमाणपत्र में गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। इससे सरकारी भर्ती और आरक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर भी अहम असर पड़ने की संभावना है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में एंटोमोलॉजी का पेपर रद्द, पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
Education News: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर वायरल होने की सूचना के बाद हड़कंप मच गया। विश्वविद्यालय प्रशासन को गुरुवार सुबह करीब 8.50 बजे कवर्धा से पेपर लीक की जानकारी मिली। परीक्षा शुरू होने में कुछ ही समय बचा था, इसलिए सूचना मिलते ही प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा रोकने की प्रक्रिया शुरू कर दी। करीब दो घंटे की कवायद के बाद सुबह 10.30 बजे परीक्षा निरस्त करने का फैसला लिया गया। विश्वविद्यालय ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति यह पता लगाएगी कि प्रश्नपत्र सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा, उसे परीक्षा से पहले किसने हासिल किया और लीक की पूरी कड़ी कहां से शुरू हुई। फिलहाल पेपर वायरल होने की सूचना सामने आई है, लेकिन जिम्मेदार व्यक्ति या पेपर लीक की सटीक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। प्रश्नपत्र की सेटिंग और छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर होने तथा उसके बाद संबंधित महाविद्यालयों तक भेजे जाने की व्यवस्था के कारण परीक्षा सुरक्षा पर सवाल उठे हैं। परीक्षा रद्द होने से बीएससी द्वितीय वर्ष के हजारों परीक्षार्थियों की तैयारी प्रभावित हुई है। विश्वविद्यालय का कहना है कि नई परीक्षा तारीख जल्द तय की जाएगी और छात्रों को समय पर जानकारी दी जाएगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
दुर्ग में ED की बड़ी कार्रवाई, रियल एस्टेट कारोबारियों के ठिकानों पर जांच
Crime Update: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने गुरुवार को रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े कई ठिकानों पर कार्रवाई की। टीम ने कारोबारी सजल जैन के जैन गली स्थित निवास सहित अन्य परिसरों और रियल एस्टेट कारोबारी विश्वास गुप्ता से जुड़े ठिकानों पर जांच की। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की तैनाती भी की गई। सुबह कई वाहनों से पहुंची टीम में एक दर्जन से अधिक अधिकारियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों ने घर और कार्यालयों में मौजूद जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेज, संपत्ति रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से संबंधित कागजात खंगाले। एजेंसी का फोकस यह पता लगाने पर बताया जा रहा है कि रियल एस्टेट कारोबार में संपत्तियों की खरीद-बिक्री, निवेश या अन्य वित्तीय गतिविधियों में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई। कुछ दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी जांच किए जाने की भी जानकारी है। इस कार्रवाई को कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े मामले में मिले कथित इनपुट से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि ED की ओर से इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रायपुर में रामगोपाल अग्रवाल से जुड़े ठिकानों और जीडी लॉजिस्टिक से जुड़े कारोबारी अनूप अग्रवाल के परिसरों में कार्रवाई की जानकारी है। धमतरी में रामगोपाल अग्रवाल के भतीजे प्रतीक अग्रवाल के आवास पर भी टीम पहुंची। आगे की तस्वीर दस्तावेजों की जांच और ED की आधिकारिक कार्रवाई के बाद साफ होगी।
रायपुर सदर बाजार की वक्फ दुकान खाली करने का आदेश, 45 दिन की मिली मोहलत
Legal Update: रायपुर के सदर बाजार में वक्फ संपत्ति पर कब्जे के विवाद में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ अधिकरण ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। 28 जुलाई 2026 को पारित आदेश में कब्जाधारी को 45 दिनों के भीतर दुकान और गोदाम खाली कर संबंधित वक्फ संस्था को कब्जा सौंपने का निर्देश दिया गया है। विवाद अंजुमन-ए-सैफी दाऊदी बोहरा जमात रायपुर की पंजीकृत वक्फ संपत्ति से जुड़ा है। मामला सदर बाजार स्थित मकान नंबर 923 और 924 की करीब 900 वर्गफुट जमीन तथा मकान नंबर 523 और 524 में बने दुकान-गोदाम से संबंधित है। वक्फ बोर्ड के अनुसार इन संपत्तियों पर सुभाष चंद्र जैन, प्रोपराइटर सूरज ज्वेलर्स का कब्जा था। अवैध कब्जा हटाने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने वक्फ अधिनियम की धारा 54 के तहत कार्रवाई की थी और संपत्ति खाली करने का आदेश दिया था। बोर्ड की कार्रवाई के खिलाफ चले विवाद में राज्य वक्फ अधिकरण ने बोर्ड के आदेश को सही माना है। पीठासीन अधिकारी जिला न्यायाधीश कमलेश कुमार जुर्री, सदस्य हामिद हुसैन खान और वीके राजपूत की पीठ ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया। वक्फ बोर्ड ने इसे प्रदेश की वक्फ संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने की दिशा में अहम कदम बताया है। अब 45 दिन की अवधि पूरी होने के बाद आदेश के अनुपालन की स्थिति महत्वपूर्ण होगी और इससे अन्य विवादित वक्फ संपत्तियों पर कार्रवाई का रास्ता भी तेज हो सकता है।
अम्बेडकर अस्पताल में 725 पद खाली, 494 नए पदों की जरूरत
Health News: रायपुर के डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, डीकेएस अस्पताल और 100 बिस्तर वाले कैंसर अस्पताल में स्वीकृत कुल 1382 पदों में से 725 पद खाली हैं। सरकार के अनुसार इन अस्पतालों में 657 कर्मचारी कार्यरत हैं। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है और स्वीकृति मिलने के बाद तीन से चार महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। अम्बेडकर अस्पताल की बेड क्षमता में पिछले समय में बड़ा विस्तार हुआ है। पहले यहां करीब 700 बेड की सुविधा थी, जबकि जून 2026 तक मरीजों के लिए 1355 बेड उपलब्ध बताए गए हैं। डीकेएस अस्पताल में 450 बेड की सुविधा है। मौजूदा बेड क्षमता और निर्धारित मानकों को देखते हुए अम्बेडकर अस्पताल के लिए करीब 350 अतिरिक्त पद और डीकेएस अस्पताल के लिए करीब 144 अतिरिक्त पदों की जरूरत बताई गई है। इस तरह दोनों अस्पतालों के लिए लगभग 494 अतिरिक्त पदों की आवश्यकता सामने आई है। शासकीय हृदय रोग संस्थान यानी एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में भी 53 स्वीकृत पदों में 32 पद रिक्त हैं। अस्पतालों में बेड बढ़ने के बावजूद पर्याप्त मानव संसाधन नहीं होने से मरीजों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव पड़ सकता है। सरकार का दावा है कि स्वीकृति और भर्ती की प्रक्रिया पूरी होने के बाद कर्मचारियों की कमी कम होगी। अब सबसे बड़ी चुनौती समयबद्ध भर्ती और बढ़ी हुई स्वास्थ्य सुविधाओं के अनुरूप पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराना है।
KBC में छत्तीसगढ़ के योगेश साहू ने जीते 50 लाख, IAS बनने का है सपना
Achievement: बलौदाबाजार जिले के ग्राम टेहका निवासी योगेश साहू ने कौन बनेगा करोड़पति 18 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 लाख रुपये जीत लिए। योगेश की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि वह IIT बॉम्बे में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं और पढ़ाई में टॉपर रहे हैं। कैंपस प्लेसमेंट के जरिए उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपये महीने की नौकरी मिली थी, लेकिन IAS अधिकारी बनने के लक्ष्य को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। योगेश की शुरुआती पढ़ाई बलौदाबाजार के जेसीज कॉन्वेंट और मयूर शिशु मंदिर से हुई। आगे की पढ़ाई के लिए वह बिलासपुर पहुंचे, जहां कोचिंग सेंटर संचालक रोहन चावला ने उन्हें 11वीं और 12वीं की पढ़ाई में मदद की। तत्कालीन कलेक्टर कार्तिकेय गोयल और अन्य स्तरों से भी उनकी शिक्षा में सहयोग मिला। IIT बॉम्बे में उन्होंने पहले प्रयास में प्रवेश हासिल किया और बेहतर प्रदर्शन किया। KBC में 50 लाख रुपये के सवाल में कोलकाता-1913, एक अज्ञात शहर-1930, स्कोप्जे-1979, शांतिनिकेतन-1998 और विदिशा-2014 जैसे शहर-साल दिए गए थे। आखिरी लाइफलाइन से तमिलनाडु का संकेत मिलने पर योगेश ने तिरुचिरापल्ली चुना, जो सही उत्तर निकला। इसके बाद एक करोड़ रुपये के सवाल पर उन्होंने जोखिम नहीं लिया और 50 लाख रुपये लेकर गेम छोड़ दिया। मुंबई से लौटने पर भाटापारा रेलवे स्टेशन पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
चीनी का स्टॉक अब सिर्फ 15 दिन, 1 सितंबर से लागू होगा नया नियम
Government: त्योहारी सीजन में चीनी की जमाखोरी और बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने चीनी कारोबारियों की स्टॉक लिमिट घटाकर 15 दिन कर दी है। नया नियम 1 सितंबर 2026 से लागू होगा और 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिन डीलरों और थोक कारोबारियों का मासिक चीनी कारोबार 10 मीट्रिक टन से अधिक है, उनके लिए निर्धारित स्टॉक सीमा लागू होगी। इससे पहले अगस्त की शुरुआत में 30 दिनों की स्टॉक लिमिट तय की गई थी। अब करीब एक महीने के भीतर इसे घटाकर 15 दिन किया गया है। सरकार का मानना है कि अगस्त से नवंबर के बीच त्योहारी मांग बढ़ने के कारण चीनी की जमाखोरी की आशंका भी बढ़ जाती है। मिठाई कारोबार, कन्फेक्शनरी, सॉफ्ट ड्रिंक और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में इसका असर पड़ सकता है। मिठाई विक्रेताओं और बड़े कारोबारियों को भी स्टॉक प्रबंधन उसी सीमा के अनुरूप करना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एक महीने में चीनी की खुदरा कीमत में करीब 13 से 14 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। सरकार अब कारोबारियों के स्टॉक और बिक्री की निगरानी पिछले एक साल की औसत मासिक खपत, GST रिटर्न और चीनी के HSN कोड के आधार पर करेगी। चीनी मिलों से थोक खरीदारों को होने वाली सीधी बिक्री पर भी नजर रखी जाएगी। केंद्र और राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों की प्रशासनिक संस्थाओं तथा स्थानीय प्रशासनिक निकायों को नियम से छूट दी गई है।
अभनपुर नपा अध्यक्ष पर अधिकारियों से बदसलूकी का आरोप, FIR दर्ज
Crime Update: रायपुर जिले के अभनपुर में नगर पालिका अध्यक्ष उत्रसेन गहिरवारे के खिलाफ CMO निलेश केरकेट्टा और सब इंजीनियर दुशांत चौहान की शिकायत पर FIR दर्ज की गई है। अधिकारियों ने अध्यक्ष पर गाली-गलौज, धमकी और मारपीट के लिए दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार घटना 13 अगस्त की है, जब बिना काम किए फंड से भुगतान को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि अध्यक्ष ने करीब 20 मिनट तक अधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया। शिकायत में अध्यक्ष द्वारा गंभीर धमकी देने और डंडा मंगवाने का भी आरोप लगाया गया है। मामले से संबंधित CCTV फुटेज सामने आने की बात कही गई है, जिसमें एक व्यक्ति डंडा लेकर आते हुए दिखाई देने का दावा किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। CMO के अनुसार कार्यालय में महिला कर्मचारी और स्कूली बच्चे भी मौजूद थे और उन्होंने इस तरह के व्यवहार को बेहद गंभीर बताया है। मामले में अभी नगर पालिका अध्यक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। उनसे संपर्क करने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। इसलिए फिलहाल आरोप शिकायतकर्ताओं के पक्ष पर आधारित हैं और उनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। इससे पहले रायपुर नगर निगम से जुड़े एक अन्य मामले में भी जनप्रतिनिधि पर अधिकारी को धमकाने का आरोप लगा था। अब अभनपुर मामले में पुलिस जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
जेन-जी आंदोलन के बाद सोशल मीडिया से तय होगा अफसरों का रिपोर्ट कार्ड
Administration: छत्तीसगढ़ सरकार ने अधिकारियों के कामकाज के आकलन के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों को भी रिपोर्ट कार्ड में शामिल करने की नई व्यवस्था लागू की है। डेल्टा मार्किंग के तहत अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन 100 अंकों के आधार पर किया जाएगा। इसमें प्रेस रिलीज के लिए 15 अंक, सक्सेस स्टोरी के लिए 15 अंक, सोशल मीडिया सक्रियता के लिए 30 अंक और एक्शन टेकन रिपोर्ट यानी ATR के लिए 40 अंक निर्धारित किए गए हैं। इस व्यवस्था के तहत विभागों को इंस्टाग्राम समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहना होगा। प्रिंट मीडिया में प्रकाशित खबरों पर उसी दिन जवाब देने की व्यवस्था है, जबकि सोशल मीडिया पर किसी भ्रामक या नकारात्मक खबर का जवाब छह घंटे के भीतर देने पर जोर दिया गया है। देरी से दिए गए जवाब के अंक नहीं जोड़े जाएंगे। सोशल मीडिया पर केवल मूल यानी ओरिजिनल पोस्ट को गणना में शामिल किया जाएगा; री-पोस्ट या शेयर को नहीं। जनसंपर्क अधिकारियों के माध्यम से रोजाना का डेटा एक विशेष Google Form में दर्ज किया जाएगा और इसके आधार पर व्यवस्था को अपडेट किया जाएगा। गलत एंट्री या गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। सूत्रों के मुताबिक सचिवों और कलेक्टरों की मासिक रैंकिंग भी तैयार होगी और इसे ट्रांसफर तथा प्रमोशन जैसे प्रशासनिक फैसलों से जोड़े जाने की संभावना है। इससे अधिकारियों पर जनसंचार और शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर दबाव बढ़ेगा।
कोयला परिवहन से होने वाले प्रदूषण पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट सख्त, एसईसीएल और सरकार से मांगा जवाब
Weather Alert: बिलासपुर संभाग में पर्यावरणीय प्रदूषण और जनस्वास्थ्य से जुड़े एक गंभीर मामले में उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। कोरबा जिले के दीपका स्थित गौरव पथ मार्ग से कोयला लदे भारी वाहनों की आवाजाही और उससे फैलने वाले धूल प्रदूषण पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस महत्वपूर्ण जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने हाल ही में एसईसीएल और राज्य शासन को नोटिस जारी किया है। यह पूरा मामला कोरबा जिले के घनी आबादी वाले गौरव पथ कॉलोनी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। भारी वाहनों के बेरोकटोक आवागमन से उठने वाली कोयले की धूल के कारण स्थानीय नागरिकों, स्कूली बच्चों और राहगीरों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने संबंधित विभागों से तीन प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस मामले में केवल कागजी और औपचारिक जवाब स्वीकार नहीं किए जाएंगे, बल्कि धरातल पर किए गए ठोस उपायों का ब्यौरा देना होगा। हाईकोर्ट ने एसईसीएल प्रबंधन को धूल नियंत्रण और स्थानीय नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए विशेष कार्ययोजना पेश करने का आदेश दिया है। इस न्यायिक सख्ती से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और उन्हें उम्मीद जगी है कि प्रदूषण की समस्या से निजात मिलेगी। क्षेत्र में ओवरब्रिज निर्माण के दौरान बरती जा रही लापरवाही और भारी ट्रकों के अवैध संचालन से प्रदूषण लगातार बढ़ रहा था। इस मामले की अगली अहम सुनवाई आगामी 31 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें प्रशासन को अपना विस्तृत जवाब पेश करना होगा।



