
Aadhaar Biometric Update: अगर आपके घर में 5 से 17 साल के बच्चे हैं, तो उनके आधार कार्ड से जुड़ा एक जरूरी काम तुरंत निपटा लें।यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने बच्चों के मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) को 30 सितंबर तक बिल्कुल फ्री रखा है।तय तारीख के बाद बायोमेट्रिक अपडेट कराने पर शुल्क देना पड़ सकता है।UIDAI ने अभिभावकों से अपील की है कि वे आखिरी दिनों की भागदौड़ और लाइनों से बचने के लिए समय रहते नजदीकी आधार सेवा केंद्र जाकर इस प्रक्रिया को पूरा करा लें।
उम्र के साथ बदलती हैं उंगलियां और आंखें, इसलिए दो बार अपडेट कराना है जरूरी
Aadhaar Update: छोटे बच्चों (5 साल से कम) का आधार बनाते समय सिर्फ उनकी फोटो और बेसिक जानकारी ली जाती है।उस उम्र में बच्चों के फिंगरप्रिंट और आईरिस (आंखों की पुतली) के निशान पूरी तरह विकसित नहीं होते। जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसके शारीरिक फीचर्स बदलते हैं। यही वजह है कि 5 साल की उम्र पूरी होने पर पहला बायोमेट्रिक अपडेट और 15 साल की उम्र में दूसरा अपडेट कराना अनिवार्य (Mandatory Biometric Update) होता है।

स्कूल दाखिले और स्कॉलरशिप में नहीं आएगी रुकावट, अपडेट रहना क्यों है जरूरी
बच्चों के आधार का बायोमेट्रिक डेटा सही होना बेहद जरूरी है।स्कूल-कॉलेज में एडमिशन, सरकारी स्कॉलरशिप, बोर्ड परीक्षा या कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स (जैसे NEET, JEE) के रजिस्ट्रेशन में पहचान की पुष्टि आधार के जरिए ही होती है।अगर बायोमेट्रिक डेटा पुराना होगा, तो फिंगरप्रिंट मैच न होने के कारण बच्चे को सरकारी योजनाओं और जरूरी परीक्षाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
अब तक 2 करोड़ बच्चों का हुआ डेटा अपडेट, स्कूलों में चला विशेष अभियान
UIDAI के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में अब तक करीब 2 करोड़ स्कूली बच्चों का मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट पूरा हो चुका है।इसके लिए पिछले साल सितंबर से एक विशेष मुहिम चलाई गई थी, जिसके तहत 1.56 लाख से ज्यादा स्कूलों तक पहुंच बनाई गई।जिन बच्चों का अपडेट अब तक नहीं हो पाया है, उनके माता-पिता 30 सितंबर की समयसीमा खत्म होने से पहले इस मुफ्त सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

कैसे और कहां कराएं बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट, जानिए आसान प्रक्रिया
बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट पूरी तरह से ऑफलाइन होता है क्योंकि इसमें फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन और नई फोटो कैप्चर की जाती है।
- अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र या एनरोलमेंट सेंटर पर बच्चे को साथ लेकर जाएं।
- बच्चे का आधार नंबर और जरूरी पहचान पत्र (यदि मांगा जाए) साथ रखें।
- सेंटर पर ऑपरेटर बच्चे की फोटो, दसों उंगलियों के फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन लेगा।
- प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक एक्नॉलेजमेंट स्लिप (पावती) मिलेगी, जिससे आप अपडेट स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।



