
Onion Sugar Price Hike: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रसोई गैस की किल्लत और बढ़ी हुई कीमतों से राहत मिलने के तुरंत बाद अब खाद्य सामग्रियों की महंगाई ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले त्योहारों के सीजन से ठीक पहले प्याज, शक्कर और दालों के दामों में आई तेजी ने घरेलू बजट को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। इस महंगाई का सीधा असर केवल आम घरों के किचन तक सीमित नहीं है, बल्कि शहर के होटल, भोजनालय और मिठाई कारोबार पर भी इसका गहरा प्रभाव देखने को मिल रहा है।
एक सप्ताह में 55 रुपये किलो तक पहुंचा प्याज, थोक और चिल्हर दोनों बाजारों में उछाल
Raipur Mandi Rate Update: रायपुर के खुदरा बाजार में पिछले सात दिनों के भीतर प्याज की कीमतों में 15 से 20 रुपये प्रति किलो की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महज एक सप्ताह पहले तक जो प्याज 35 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वह अब खुदरा दुकानों पर 50 से 55 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। इसी तरह थोक मंडी में भी प्याज के दाम 25-26 रुपये से छलांग लगाकर 40 से 42 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।

कमजोर फसल और बारिश के कारण बिगड़ी आवक, नासिक से सप्लाई प्रभावित
CG Vegetable Rate Today: थोक सब्जी कारोबारियों के अनुसार, इस साल देश के प्रमुख प्याज उत्पादक क्षेत्रों में फसल अपेक्षाकृत कमजोर रही है। कुछ इलाकों में फसलों में बीमारी लगने से उत्पादन घटा है, तो वहीं भारी बारिश के कारण गोदामों में रखा पुराना स्टॉक खराब हो गया है। रायपुर मंडी में प्याज की मुख्य आपूर्ति महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र से होती है। वहां से आवक कम होने के कारण बाजार में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में अचानक तेजी आई है।

सितंबर में दक्षिण भारत से राहत की उम्मीद, नवंबर-दिसंबर में सामान्य होंगे दाम
व्यापारियों का कहना है कि प्याज की आसमान छूती कीमतों से फिलहाल तुरंत राहत मिलने के आसार कम हैं। सितंबर महीने में जब दक्षिण भारत के राज्यों से नए प्याज की आवक शुरू होगी, तब बाजार में थोड़ी स्थिरता आ सकती है। इसके बाद नवंबर और दिसंबर के महीनों में देश भर की मंडियों में नई फसल की आवक पूरी तरह से शुरू होने पर ही प्याज के भाव सामान्य स्तर पर आ पाएंगे।
होटल और रेस्तरां कारोबार पर बढ़ा दबाव, मेन्यू कार्ड के रेट बदलने की तैयारी
प्याज के दामों में आई तेजी ने होटल, ढाबा और रेस्तरां संचालकों की गणित भी बिगाड़ दी है। प्याज भारतीय व्यंजनों और ग्रेवी की मुख्य सामग्री है, इसलिए इसके दाम बढ़ने से खाना तैयार करने की लागत में इजाफा हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि यदि थोक और चिल्हर बाजार में प्याज के रेट इसी तरह बढ़ते रहे, तो उन्हें मजबूरी में अपने मेन्यू कार्ड की कीमतों में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी।
71 रुपये किलो पहुंची शक्कर, त्योहारों में महंगी हो सकती हैं मिठाइयां
प्याज के साथ-साथ शक्कर की कीमतों में भी भारी तेजी दर्ज की गई है। शहर के बाजारों में शक्कर के भाव 71 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंचे हैं। शक्कर महंगी होने के साथ ही काजू, बादाम और अन्य सूखे मेवों की दरों में वृद्धि हुई है। मिष्ठान कारोबारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि आगामी गणेशोत्सव और दिवाली तक कच्चे माल के दाम इसी तरह ऊंचे रहे, तो त्योहारों के दौरान मिठाइयों की कीमतें बढ़ाना तय है।
दालों पर भी मंडराया महंगाई का साया, जमाखोरी से कारोबारियों का इनकार
कमजोर मानसून और बुवाई का रकबा घटने के कारण चना, अरहर (तुअर) और उड़द की दालों के भाव पर भी दबाव बना हुआ है। कुछ बाजारों में दालों के रेट 4 से 6 रुपये प्रति किलो तक बढ़े हैं। हालांकि, स्थानीय थोक मंडी के व्यापारियों ने जमाखोरी या मुनाफाखोरी के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि यह तेजी विशुद्ध रूप से आवक में कमी और फसल खराब होने के कारण आई है, जिसमें आने वाले महीनों में सुधार होने की संभावना है।



