
15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार देश को संबोधित किया। संबोधन से पहले उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और तत्पश्चात लाल किले पर तीनों सेनाओं एवं दिल्ली पुलिस की सलामी लेकर स्वदेशी 105 एमएम लाइट फील्ड गन की 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण किया। अपने ऐतिहासिक भाषण में पीएम मोदी ने ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष का विशेष उल्लेख करते हुए बीते 12 वर्षों की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया और वर्ष 2047 तक भारत को एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का संकल्प देश के सामने रखा।
हथियारबंद नक्सलवाद अंतिम सांसों पर, लेकिन ‘दिमागी नक्सलियों’ से सतर्क रहने की सख्त जरूरत
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि चार दशकों तक देश के बड़े भू-भाग को हिंसा की आग में झोंकने वाला नक्सलवाद अब अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। 2014 के संकल्प के बाद सुरक्षा बलों के 3,500 से अधिक जवानों के बलिदान के बल पर आज नक्सल प्रभावित इलाकों में गोलियों की जगह विकास और विश्वास का तिरंगा लहरा रहा है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि भले ही जंगलों से हथियारबंद माओवादी खत्म हो चुके हैं, लेकिन व्यवस्था और नीतियों को प्रभावित करने वाले ‘दिमागी नक्सल’ अब भी मौके की तलाश में हैं। समाज को भ्रमित करने वाले ऐसे तत्वों की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करना अत्यंत आवश्यक है।
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12 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकल भारत बना तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था
बीते 12 वर्षों की अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों के सम्मिलित प्रयासों से 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी के चक्रव्यूह से बाहर आए हैं। 2014 से पहले ‘फ्रेजाइल फाइव’ का हिस्सा माना जाने वाला भारत अब दुनिया की सबसे तेज आर्थिक वृद्धि दर्ज करने वाले देशों में शामिल है। इस अवधि के दौरान रक्षा उत्पादन में 4 गुना, खादी ग्रामोद्योग में 5 गुना, मोबाइल उत्पादन में 33 गुना, डिजिटल लेनदेन में 100 गुना तथा पेटेंट मंजूरी में 4 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ और ‘लोकल फॉर वोकल’ के जरिए आत्मनिर्भरता के पथ पर देश मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
सेमीकंडक्टर, सोलर पावर और ‘समुद्र मंथन योजना’ से मजबूत होगी भारत की ऊर्जा व तकनीक सुरक्षा
प्रौद्योगिकी और ऊर्जा के क्षेत्र में देश की छलांग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में 3 सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं और आगामी वर्षों में 5 से 8 नए प्लांट स्थापित होंगे। ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए ₹85,000 करोड़ की लागत से ‘समुद्र मंथन योजना’ की शुरुआत की गई है, जिसके तहत तटीय नो-गो एरिया को खोज अभियानों के लिए खोल दिया गया है। बीते 12 सालों में 700 शहरों तक पाइप गैस सुविधा और 160 गीगावाट तक सोलर क्षमता का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही, एक दशक के भीतर रेलवे का 70 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा कर देश की पहली हाइड्रोजन चालित ट्रेन भी पटरी पर उतारी गई है।
वैश्विक युद्ध और महामारियों के बीच ‘नागरिक देवो भव’ के विचार से मिली राहत, किसानों को दी बड़ी सब्सिडी
वैश्विक संकटों का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि कोरोना महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों को ईंधन और आवश्यक खाद्य वस्तुओं की किल्लत का सामना नहीं करने दिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरिया की कीमतें ₹3,000 प्रति बोरी तक पहुंचने के बावजूद भारतीय किसानों को यह महज ₹300 में उपलब्ध कराई जा रही है। इसी प्रकार डीएपी खाद पर भी बड़ी सब्सिडी जारी रखकर सरकार ने किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा की है।
‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ से बदलेगा वर्क कल्चर, 2.5 लाख स्टार्टअप्स के साथ युवा संवारेंगे विकसित भारत का भविष्य
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पीएम मोदी ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होने और नए वर्क कल्चर को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में ‘जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट’ और वैश्विक गुणवत्ता मानदंडों को अपनाने का आह्वान किया। इसके साथ ही, देश के ढाई लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स और उनके लिए आवंटित ₹1 लाख करोड़ के कोष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प की सबसे बड़ी संवाहक और लाभार्थी देश की युवा शक्ति ही होगी।



