
Raipur Gen-Z Protest: छत्तीसगढ़ की एमबीबीएस नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग प्रक्रिया को लेकर प्रदेश का माहौल गरमा गया है। मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों के निवास (डोमिसाइल), जाति और कैटेगरी संबंधी दस्तावेजों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के नेतृत्व में मंगलवार को नीट अभ्यर्थी राजधानी रायपुर की सड़कों पर उतरकर ‘Gen-Z प्रदर्शन’ करने जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्र घड़ी चौक से रवाना होकर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के शासकीय आवास का घेराव करेंगे और पूरी काउंसलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग करेंगे।
डोमिसाइल और कैटेगरी में हेरफेर का आरोप
CG Medical Admission Alert: प्रदर्शनकारियों और NSUI ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपकर मेरिट लिस्ट में बड़े पैमाने पर विसंगतियों की आशंका जताई है। शिकायत में मुख्य रूप से 9 अभ्यर्थियों के दस्तावेजों को उदाहरण के तौर पर सामने रखा गया है। इनमें से कई अभ्यर्थियों पर दो अलग-अलग राज्यों से डोमिसाइल बनवाकर लाभ लेने का आरोप है। इसके अलावा कुछ मामलों में अभिभावक के नाम और जाति प्रमाण पत्र में असमानता, तो कुछ में पिछले साल और इस साल की कैटेगरी में बदलाव की बात कही गई है। छात्रों की मांग है कि सिर्फ इन 9 मामलों की ही नहीं, बल्कि पूरी नीट मेरिट लिस्ट के दस्तावेजों की गहन जांच कराई जाए।

MBBS प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ा है हजारों छात्रों का भविष्य
CG MBBS NEET Merit List: छात्र नेताओं का कहना है कि किसी निर्दोष अभ्यर्थी को परेशान करना उनका मकसद नहीं है, लेकिन अगर गलत या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपात्र अभ्यर्थियों को राज्य की सीटों पर एडमिशन मिलता है, तो इससे छत्तीसगढ़ के योग्य और पात्र मूल निवासी छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रवेश प्रक्रिया में समय रहते राजस्व और सक्षम प्राधिकारियों से दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराकर संशोधित मेरिट लिस्ट जारी नहीं की गई, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।

स्वास्थ्य मंत्री की दो टूक: ‘दिल्ली में बैठे आका भर रहे युवाओं के दिमाग में दिमागी नक्सलवाद’
इस पूरे विवाद और प्रस्तावित घेराव पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि कुछ भ्रमित लोग और दिल्ली में बैठे उनके आका जानबूझकर एडमिशन प्रक्रिया को विवादों में घसीटकर देरी कराना चाहते हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसे लोग युवाओं के दिमाग में दिमागी नक्सलवाद भरने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तो दाखिले की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू भी नहीं हुई है, ऐसे में प्रदर्शन का कोई औचित्य नहीं बनता।
पहली बार राजस्व विभाग करेगा वेरिफिकेशन
स्वास्थ्य मंत्री ने अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए अलर्ट मोड पर है। इस साल इतिहास में पहली बार मेडिकल एडमिशन के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में राजस्व विभाग की विशेष टीम को तैनात किया जा रहा है। मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति और संवर्ग से जुड़े सभी दस्तावेजों का बारीकी से सत्यापन होगा ताकि राज्य की सीटों का लाभ केवल राज्य के वास्तविक पात्र अभ्यर्थियों को ही मिले। गड़बड़ी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।



