
Dhamtari News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आत्महत्या की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले में यह स्थिति एक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संकट का रूप लेती नजर आ रही है। हाल ही में एक ही दिन के भीतर तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तीन युवकों द्वारा अपनी जीवन लीला समाप्त करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता काफी बढ़ गई है।
3 साल 8 महीने में जिला अस्पताल में 500 से ज्यादा सुसाइड केस दर्ज
Dhamtari Suicide Cases: जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार पिछले 3 साल और 8 महीनों के दौरान कुल 1265 पोस्टमार्टम किए गए हैं। इनमें से लगभग 50 प्रतिशत मामले आत्महत्या से जुड़े हुए पाए गए हैं। केवल जिला अस्पताल में ही 500 से अधिक खुदकुशी के केस दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में जान गंवाने वालों में सबसे बड़ी संख्या युवाओं की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पूरे जिले के आंकड़े एकत्र किए जाएं तो यह संख्या और भी अधिक हो सकती है।
एक ही दिन में तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों से आई दुखद खबर
बीते दिनों जिले के तीन अलग-अलग इलाकों में खुदकुशी की घटनाएं दर्ज की गईं। पहली घटना दुगली थाना क्षेत्र के ग्राम गजकन्हार की है, जहां दुर्गेश नेताम नाम के युवक ने घर में जहर खाकर जान दे दी। दूसरी घटना तरसीवा निवासी यशवंत बघेल की है, जिन्होंने भी ऐसा ही कदम उठाया। वहीं तीसरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के जोधापुर वार्ड से सामने आई, जहां राकेश ध्रुव ने अपने घर पर फांसी लगा ली।
तीनों मामलों में वजह स्पष्ट नहीं, पुलिस जांच में जुटी
तीनों ही घटनाओं में आत्महत्या के प्राथमिक कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। संबंधित थाना पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवकों ने किस दबाव में आकर यह कदम उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Dhamtari Mental Health Alert: सूखा नशा और मानसिक तनाव बन रहा मुख्य कारण
चिकित्सकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में खुदकुशी के बढ़ते रुझान के पीछे सूखा नशा और मानसिक तनाव सबसे मुख्य वजहें हैं। नशे की लत के कारण युवा अवसाद का शिकार हो रहे हैं और आवेश में आकर अपनी जान गंवा रहे हैं। इस संकट से निपटने के लिए समाज में युवाओं से संवाद बढ़ाने, उन्हें नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।



