
CG RTE Admission New Rules: छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में होने वाले निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। नए शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए आवेदन प्रक्रिया तय समय से काफी पहले शुरू कर दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत आवेदन प्रक्रिया दिसंबर 2026 से शुरू होगी और 10 फरवरी 2027 तक प्रवेश का काम पूरा कर लिया जाएगा। सरकार का मुख्य मकसद नए सत्र की शुरुआत के साथ ही बच्चों की पढ़ाई शुरू कराना है।
देर से दाखिले और खाली सीटों की वजह से फैसला
Chhattisgarh RTE Admission New Update: शिक्षा विभाग ने यह कदम पिछले सत्र में हजारों सीटें खाली रहने की समस्या को देखते हुए उठाया है। अब तक आरटीई दाखिले की प्रक्रिया महीनों तक खींचती रहती थी, जिससे बच्चों की नियमित कक्षाएं छूट जाती थीं। देर से दाखिला होने के कारण अभिभावक भी असमंजस में रहते थे। प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए पूरा टाइमटेबल बदल दिया गया है।
पिछले सत्र में खाली रह गईं 6,500 से अधिक सीटें
CG School Education Update: आंकड़ों के अनुसार पिछले शैक्षणिक सत्र में प्रदेश भर में आरटीई की 23,097 सीटें निर्धारित की गई थीं। इसके लिए 41,813 बच्चों के आवेदन मिले थे, लेकिन तीन चरणों की लॉटरी के बाद भी केवल 16,535 बच्चों को ही दाखिला मिल सका। प्रक्रिया जटिल और लंबी होने के कारण 6,562 सीटें खाली रह गईं, जबकि 11,754 पात्र बच्चों को सीटें आवंटित ही नहीं हो सकीं।
रायपुर और बिलासपुर में भी स्थिति रही चिंताजनक
Chhattisgarh RTE School New Rule: राजधानी रायपुर में आरटीई की सबसे अधिक सीटें खाली दर्ज की गईं। रायपुर की 3,201 सीटों में से केवल 2,631 बच्चों को प्रवेश मिला और 570 सीटें खाली रह गईं। बिलासपुर जिले में 2,215 सीटों में से 511 सीटें खाली रहीं, जबकि दुर्ग जिले में 1,581 सीटों में से 414 सीटों पर दाखिला नहीं हो सका। बड़े शहरों में हजारों आवेदन आने के बाद भी सीटें खाली रहना चिंता का विषय बना।
बस्तर और दूरस्थ जिलों में भी कम हुए दाखिले
प्रदेश के सुदूर और बस्तर अंचल के जिलों में स्थिति अधिक खराब रही। दंतेवाड़ा जिले में निर्धारित 411 सीटों के मुकाबले केवल 36 बच्चों ने ही दाखिला लिया और 375 सीटें खाली रह गईं। इसी तरह बीजापुर में 320 सीटों में से सिर्फ 23 और सुकमा में 312 सीटों में से केवल 21 बच्चों को ही स्कूल में प्रवेश मिल सका। इन इलाकों में जागरूकता की कमी और देरी से शुरू हुई प्रक्रिया को इसका मुख्य कारण माना गया।
अब दो की जगह एक ही चरण में होगी पूरी प्रक्रिया
नए सत्र 2027-28 से आरटीई दाखिले की प्रक्रिया बार-बार लॉटरी निकालने के बजाय एक ही चरण में संपन्न की जाएगी। घोषित शेड्यूल के मुताबिक 1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा किए जाएंगे। इसके बाद 11 और 12 जनवरी 2027 को कंप्यूटराइज्ड लॉटरी निकाली जाएगी। लॉटरी के तुरंत बाद सीटें आवंटित कर दी जाएंगी ताकि 10 फरवरी 2027 तक सभी बच्चों का स्कूल में दाखिला हो जाए।
जरूरतमंद बच्चों को समय पर मिलेगा शिक्षा का लाभ
प्रदेश के 6,851 निजी स्कूलों को आरटीई व्यवस्था के तहत शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि नए टाइमटेबल से आवेदनों का सत्यापन समय पर पूरा होगा और खाली रहने वाली सीटों की संख्या में बड़ी कमी आएगी। समय पर दाखिला मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से ही समान शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा।



