
Rajnandgaon E-Scooter Blast: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर में एक ई-स्कूटर के जलकर खाक होने का मामला सामने आया है। कमल टॉकीज चौक के पास हुई इस घटना में चार्जिंग से बाहर निकालते ही ई-स्कूटर धू-धू कर जलने लगा। महज 10 मिनट के भीतर पूरी गाड़ी जलकर राख हो गई। घटना के वक्त आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि समय रहते लोग दूर हट गए, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
चार्जिंग से बाहर निकालते ही उठने लगा धुंआ
E-Scooter Catch Fire in Rajnandgaon: जानकारी के अनुसार यह ई-स्कूटर स्थानीय सोनी डेयरी के संचालक महेश सोनी का है। ई-स्कूटी डिस्चार्ज होने के कारण उन्होंने इसे चार्जिंग पर लगाया था। जैसे ही फुल चार्ज होने के बाद गाड़ी का प्लग निकालकर उसे बाहर खड़ा किया गया, उसमें से अचानक तेज और अजीब आवाज आने लगी। कुछ ही सेकेंड के भीतर स्कूटर के निचले हिस्से से घना धुंआ निकलने लगा, जिसे देखकर आसपास खड़े लोग घबराकर दूर हट गए।
10 मिनट में धू-धू कर जला ई-स्कूटर
Rajnandgaon News Update: देखते ही देखते गाड़ी से निकलता धुंआ भयंकर लपटों में बदल गया। आग इतनी तेजी से फैली कि 10 मिनट के अंदर पूरी ई-स्कूटी आग का गोला बन गई। आसपास मौजूद लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन तब तक गाड़ी के फाइबर बॉडी पार्ट्स और बैटरी पूरी तरह जलकर खाक हो चुके थे। मौके पर केवल लोहे का ढांचा ही शेष बचा। अचानक हुए इस घटनाक्रम से सड़क पर आने-जाने वाले लोग सन्न रह गए।
इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा और मैन्युफैक्चरिंग पर उठे सवाल
EV Scooter Fire Accident CG: इस हादसे के बाद एक बार फिर बाजार में बिक रहे इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर ग्राहकों की चिंता बढ़ गई है। आए दिन ई-स्कूटरों और ई-बाइकों में ओवरहीटिंग या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस घटना ने गाड़ियों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली बैटरी क्वालिटी और कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित ने कंपनी को दी सूचना, जांच के बाद साफ होगी वजह
Electric Vehicle Safety Concerns: घटना के बाद वाहन मालिक महेश सोनी ने संबंधित ऑटोमोबाइल कंपनी और डीलरशिप को हादसे की लिखित सूचना दे दी है। आग लगने की वास्तविक वजह बैटरी का ओवरहीट होना था या शॉर्ट सर्किट, यह तो तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल स्थानीय प्रशासन और कंपनी के प्रतिनिधि मामले की पड़ताल में जुट गए हैं।



