
CG Swine Flu Surge: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) वायरस का फैलाव तेजी से हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में एक ही दिन में 24 नए मरीजों की पहचान हुई है। इन नए मामलों के सामने आने के साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 108 तक पहुंच गया है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य अमला सतर्क हो गया है। वर्तमान में 87 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है, जबकि 21 मरीजों का डॉक्टरी निगरानी में घर पर ही इलाज चल रहा है।
राजधानी रायपुर बना स्वाइन फ्लू का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट
CG Swine Flu Alert: प्रदेश में स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा मामले राजधानी रायपुर में सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ें बताते हैं कि मंगलवार को रायपुर में 8 नए पॉजिटिव मरीज दर्ज किए गए। अब तक राजधानी में संक्रमितों की कुल संख्या 38 हो चुकी है। इनमें से 36 मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 2 मरीजों का होम आइसोलेशन में रखकर उपचार किया जा रहा है।
दुर्ग, बिलासपुर और राजनांदगांव समेत इन जिलों में बढ़े केस
Swine Flu In Chhattisgarh 2026: स्वाइन फ्लू का संक्रमण केवल राजधानी तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अन्य प्रमुख जिलों में भी इसके मरीज मिले हैं। दुर्ग जिले में अब तक 13 केस दर्ज किए गए हैं। बिलासपुर और राजनांदगांव में 10-10 मरीज संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा महासमुंद में 12, बालोद में 9 और कोरबा में 8 मरीजों की पहचान हुई है। बिलासपुर में 5 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और 5 मरीजों का घर पर इलाज जारी है।
अस्पतालों में बेड आरक्षित करने और जांच बढ़ाने के निर्देश
मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को अलर्ट पर रखा है। संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान के लिए जांच सैंपलों की संख्या बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से आइसोलेशन वार्ड और जरूरी दवाइयों का स्टॉक बनाए रखने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में कराएं जांच
मौसम में बदलाव के बीच स्वाइन फ्लू के लक्षण सामान्य फ्लू से मिलते-जुलते होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी और सांस लेने में कठिनाई इसके मुख्य लक्षण हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि ऐसे लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी या निजी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। शुरुआती स्तर पर सही इलाज मिलने से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।



