
Chhattisgarh Coal Scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 540 करोड़ रुपये के कोयला घोटाले में राज्य की जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भिलाई से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को नोटिस जारी किया है। इस मामले में उन्हें औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी द्वारा 30 सितंबर 2026 को जारी इस नोटिस के सामने आने के बाद प्रदेश का राजनीतिक पारा चढ़ गया है।
भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज
Coal Scam Case: जांच एजेंसी ने विधायक देवेंद्र सिंह यादव के खिलाफ दर्ज अपराध क्रमांक 03/2024 में विवेचना पूरी कर ली है। जारी नोटिस के अनुसार उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 7A और 12 के साथ-साथ भारतीय दंड विधान की धारा 420, 120-B, 384, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
5 अक्टूबर को विशेष अदालत में पेश होने के निर्देश
EOW Notice to Devendra Yadav: EOW/ACB ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 170 के तहत भिलाई स्थित उनके निवास पते पर यह समन भेजा है। इसमें विधायक देवेंद्र यादव को 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे रायपुर स्थित विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) में उपस्थित रहने को कहा गया है। जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक EOW/ACB रायपुर के अनुसार, अदालत में चार्जशीट पेश की जानी है, इसलिए आरोपी की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।
कोल लेवी घोटाले में सूर्यकांत की डायरी से खुला नाम
Devendra Yadav News: इस पूरे मामले का आधार कोयला घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी के ठिकानों से मिली एक डायरी को बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस डायरी में करोड़ों रुपये के संदेहास्पद लेन-देन का विवरण दर्ज है, जिसमें देवेंद्र यादव का नाम भी शामिल है। इसी सिलसिले में सितंबर के आखिरी हफ्ते में EOW दफ्तर में उनसे दो घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की गई थी। हालांकि, विधायक यादव ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बेबुनियाद बताया है।
रायगढ़ से कोरबा तक 540 करोड़ की अवैध वसूली का आरोप
Chhattisgarh Politics News: जांच एजेंसियों के मुताबिक, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच प्रदेश के कोयला उत्पादक जिलों रायगढ़, कोरबा और सूरजपुर में एक अवैध सिंडिकेट के जरिए प्रति टन कोयले पर अवैध वसूली की जाती थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW का आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए लगभग 540 करोड़ रुपये एकत्रित किए गए। इस राशि का इस्तेमाल राजनीतिक कार्यक्रमों, चुनावी प्रबंधनों और संपत्तियां खरीदने में करने का दावा किया गया है।
दूसरी बार विधायक बने देवेंद्र यादव की राजनीति पर असर
देवेंद्र यादव कांग्रेस के प्रमुख युवा नेताओं में गिने जाते हैं। वे भिलाई नगर सीट से लगातार दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं और दोनों ही बार उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश पांडे को पटखनी दी है। जनवरी 2024 में EOW द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद से ही उन पर कानूनी शिकंजा कस रहा था। इससे पहले भी वे कुछ अन्य मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं, लेकिन अब 5 अक्टूबर को अदालत में होने वाली प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं।
न्यायालय की प्रक्रिया के बाद तय होगी आगे की स्थिति
जांच एजेंसी द्वारा विशेष अदालत में अभियोग पत्र प्रस्तुत किए जाने के बाद अब कानूनी प्रक्रिया का नया चरण शुरू होगा। किसी भी मामले में आरोप तय होना या दोष सिद्ध होना अदालत के विवेक और पेश किए गए सबूतों पर निर्भर करता है। कोर्ट में पेशी के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष के तर्कों के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विधायक को राहत मिलती है या उनकी कानूनी उलझनें और बढ़ेंगी।
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