
Chhattisgarh Cyclone Arnab Alert: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के असर को देखते हुए छत्तीसगढ़ में एहतियाती कदम उठाए जाने शुरू हो गए हैं। तूफान के तटीय इलाकों की ओर बढ़ने और भारी बारिश की चेतावनी के बीच दंतेवाड़ा जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 27 अक्टूबर मंगलवार को जिले के सभी शासकीय व अशासकीय स्कूलों में अवकाश घोषित करने का आदेश जारी कर दिया है।
दंतेवाड़ा में मंगलवार को स्कूलों का अवकाश
Cyclone Ornab CG School Holiday: जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक चक्रवाती तूफान के कारण संभावित तेज बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। 27 अक्टूबर को दंतेवाड़ा जिले के सभी प्राथमिक, माध्यमिक, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल बंद रहेंगे। हालांकि, यह अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए लागू होगा। शाला प्रबंधन और विभागीय कार्यों के संपादन के लिए शिक्षकों और कर्मचारियों को विद्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य किया गया है।
मंत्रालय में अपर मुख्य सचिव ने ली उच्चस्तरीय बैठक
Dantewada School Holiday: चक्रवात अर्नब के प्रभाव से निपटने के लिए राज्य शासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में आपात बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 27 से 29 अक्टूबर तक राज्य के विभिन्न जिलों में संभावित आंधी और बारिश से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई।

किसानों के लिए एडवाइजरी और सुरक्षा निर्देश
प्रशासनिक समीक्षा बैठक में किसानों की खड़ी फसलों और पशुधन को नुकसान से बचाने के लिए तुरंत एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। कटाई कर चुके किसानों को अपनी फसल सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखने की सलाह दी गई है। इसके अलावा सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिलों में स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर आंगनबाड़ी केंद्रों और छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए तुरंत आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात
आपदा प्रबंधन को मजबूत रखने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील इलाकों में पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा गया है। बाढ़ या पेड़ गिरने जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक बस्तर संभाग समेत राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।



