
रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के संगठन, दीपक बैज, भूपेश बघेल, E20 ईंधन, जल जीवन मिशन, खाद-बीज, भोरमदेव पूजा और खारून नदी समेत कई मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी।
रायपुर। पूर्व मंत्री एवं विधायक अजय चंद्राकर ने बुधवार को रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, E20 ईंधन, जल जीवन मिशन, खाद-बीज की उपलब्धता, भोरमदेव पूजा और खारून नदी के प्रदूषण जैसे कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
‘कांग्रेस में अब कोई स्पंदन नहीं’
दिल्ली में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस अब अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है।
उन्होंने कहा, “मरुस्थल में हरियाली देखी है आपने? कांग्रेस में अब कोई स्पंदन नहीं है। कहीं-कहीं छिटपुट गतिविधियां हैं, लेकिन उनकी प्रासंगिकता समाप्त हो चुकी है। चार दिन हल्ला करना और अखबारों में छप जाना ही अब कांग्रेस की राजनीति बनकर रह गई है।”
दीपक बैज पर तंज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने की चर्चाओं पर उन्होंने इसे कांग्रेस का अंदरूनी मामला बताया, लेकिन दीपक बैज पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह केवल अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “दीपक बैज जी जान बचाने के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं। डूबता हुआ आदमी जैसे हाथ-पैर फेंकता है, वैसी ही स्थिति उनकी है।”
Gen-Z पर भाजपा को घेरने वाले बयान का जवाब
भूपेश बघेल के इस आरोप पर कि भाजपा अब Gen-Z को टारगेट कर रही है, अजय चंद्राकर ने कहा कि भाजपा किसी वर्ग को निशाना नहीं बना रही, बल्कि युवाओं का सम्मान करती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले राहुल गांधी के पुराने बयान और UPA सरकार के समय आंदोलनकारियों के साथ हुए व्यवहार को याद करना चाहिए। उन्होंने बाबा रामदेव के आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र और आंदोलनों पर नैतिकता का पाठ पढ़ाने का अधिकार नहीं है।
E20 Fuel विवाद पर क्या बोले?
E20 ईंधन को लेकर भूपेश बघेल के बयान पर अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस संसद में जिस मुद्दे को उठाने की तैयारी करती है, उसी को प्रदेश में भी राजनीतिक मुद्दा बनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी वैकल्पिक ईंधन, विदेशी मुद्रा की बचत और आयात पर निर्भरता कम करने जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर काम कर रहे हैं।
“कांग्रेस को राष्ट्रीय महत्व के विषयों से कोई लेना-देना नहीं है। उनका पूरा ध्यान केवल एक परिवार की ताजपोशी पर रहता है।”
भोरमदेव पूजा विवाद पर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उनकी पत्नी की भोरमदेव मंदिर में पूजा को लेकर कांग्रेस की सोशल मीडिया टिप्पणियों पर अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस की सनातन विरोधी मानसिकता पहले से ही स्पष्ट रही है।
उन्होंने कहा, “भोरमदेव में पांच दिनों से पूजा चल रही है। कांग्रेस की टिप्पणियां उनकी छटपटाहट को दिखाती हैं। यह जनहित नहीं, बल्कि सत्ता और एक परिवार की राजनीति की चिंता है।”
खाद-बीज की कमी पर कांग्रेस को याद दिलाया पुराना कार्यकाल
प्रदेश में खाद और बीज की कमी तथा कालाबाजारी के आरोपों पर अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल के नियम और व्यवस्था बतानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियां जनता भूली नहीं है और उसी वजह से आज ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।
जल जीवन मिशन पर कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार
जल जीवन मिशन के तहत ठेकेदारों के लगभग ₹2200 करोड़ के भुगतान लंबित होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब जल जीवन मिशन 2 शुरू किया जा रहा है, जिसमें पहले चरण की कमियों को दूर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं की बात हो रही है, वे कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुई थीं।
“जहां जल स्रोत नहीं था, वहां टंकी और पाइपलाइन बना दी गई। कहीं समूह जल योजना बनी लेकिन पाइपलाइन नहीं बिछी। लागत बढ़ी और काम अधूरे रहे। आज उनकी गंदगी हम साफ कर रहे हैं। यह विष्णुदेव साय का शासन है।”
खारून नदी के प्रदूषण पर जताई चिंता
महादेवघाट के महंत द्वारा श्रद्धालुओं से खारून नदी के जल से अभिषेक नहीं करने की अपील पर अजय चंद्राकर ने कहा कि उन्हें इस बयान की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने स्वयं विधानसभा में खारून नदी के प्रदूषण और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की स्थिति पर चर्चा उठाई थी।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण वैश्विक चिंता का विषय है और रायपुर सहित पूरे प्रदेश में STP व्यवस्था को तेजी से मजबूत करने की जरूरत है।
भाजपा में इस्तीफों पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब
भाजपा सरकार के ढाई साल पूरे होने पर कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे भगदड़ के आरोपों पर अजय चंद्राकर ने कहा कि एक मंडल के कुछ लोगों के इस्तीफे को कांग्रेस बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही है।
उन्होंने कहा, “वह विधानसभा भी नहीं, सिर्फ एक मंडल का मामला है। कांग्रेस के पास मुद्दे नहीं हैं, इसलिए तिल का ताड़ बनाया जा रहा है। अगर कांग्रेस के 100-200 लोग इस्तीफा देते तो मैं उन्हें आत्मचिंतन की सलाह देता। एक मंडल के मुद्दे को प्रदेश की राजनीति बनाना कांग्रेस की स्थिति को दर्शाता है।”
कर्नाटक और तेलंगाना में रोजगार तलाशें कांग्रेस नेता
कांग्रेस की मौजूदा सांगठनिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए चंद्राकर ने कहा कि पार्टी जनकल्याण से पूरी तरह कट चुकी है। उन्होंने तंज कसते हुए सुझाव दिया कि कांग्रेस नेताओं को अब अपने लिए नए ठिकाने ढूंढ लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं बचा है, इसलिए पार्टी नेताओं को तेलंगाना या कर्नाटक जाकर अपने लिए रोजगार तलाशना चाहिए।
आंतरिक पत्र के जरिए नेताओं पर इमरजेंसी लगाने का आरोप
कांग्रेस द्वारा हाल ही में प्रदर्शन और कार्यक्रमों के समन्वय को लेकर जारी किए गए आंतरिक पत्र पर भी भाजपा नेता ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं की अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगा दी है। पार्टी में केवल तीन-चार नेता ही अपना प्रचार करने में लगे हैं, जबकि बाकी कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर दिया गया है।



