
Bhilai Steel Plant Scrap Theft Case CBI Probe: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से करोड़ों रुपये मूल्य का लोहा और स्क्रैप चोरी होने का मामला अब केंद्रीय जांच एजेंसी के सुपुर्द कर दिया गया है। राज्य सरकार की सहमति के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजपत्र में अधिसूचना जारी कर दी है। अब इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) करेगी। दुर्ग पुलिस द्वारा दर्ज पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र के इस प्रकरण का दायरा व्यापक होने के कारण केंद्रीय एजेंसी को जांच सौंपने का फैसला लिया गया है।
मई महीने में हथखोज की फैक्ट्री में पुलिस ने मारा था छापा
SP Scrap Case Rikesh Sen Complaint CBI Probe: इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा 26 मई को हुआ था, जब दुर्ग पुलिस की विशेष टीम ने हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित ए.के. ट्रेडर्स नाम की फैक्ट्री में दबिश दी थी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके से लगभग 3 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य के भारी वाहन और करीब 90 लाख रुपये कीमत का 250 टन चोरी का स्क्रैप जब्त किया गया था। इस कार्रवाई के बाद से ही कबाड़ कारोबारियों और प्लांट के सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मच गया था।
मामले में 21 से अधिक गिरफ्तारियां, कई कारोबारी जांच के दायरे में
BSP Scrap Theft Deputy CM Vijay Sharma Statement: भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़े इस स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 21 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपियों में शामिल संजय सिंह समेत 5 लोगों को अदालत से जमानत मिल चुकी है, जबकि 3 बड़े कारोबारियों ने अग्रिम जमानत ली है। सीबीआई के हाथों में जांच कमान आने के बाद अब संयंत्र के अधिकारियों और कई नामी उद्योगपतियों की भूमिका भी जांच के रडार पर आ गई है।

वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन लगातार कर रहे थे सीबीआई जांच की मांग
वैशाली नगर सीट से भाजपा विधायक रिकेश सेन इस मामले में लगातार आवाज उठा रहे थे। उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र जैसी राष्ट्रीय संपत्ति से संगठित रूप से हो रही चोरी को गंभीर मुद्दा बताया था। विधायक ने राज्य शासन और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने का आग्रह किया था। राजपत्र जारी होने के बाद विधायक ने इस कदम को न्याय की दिशा में बड़ा फैसला बताया है।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा बोले, बड़े नेटवर्क के भंडाफोड़ के लिए व्यापक जांच जरूरी
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मामले की सीबीआई जांच पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने शुरुआती चरण में बहुत अच्छा काम करते हुए मुख्य आरोपियों को पकड़ा। हालांकि बीएसपी केंद्र सरकार का उपक्रम है और इसके तार अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। इसी वजह से मामले की गहराई और स्पष्टता के साथ विस्तृत जांच कराने के उद्देश्य से केस सीबीआई को सौंपा गया है।
भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने पिछली सरकार की नीतियों पर दागे सवाल
सीबीआई जांच की अधिसूचना जारी होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने पिछली कांग्रेस सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी शासन में गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने पांच सालों तक राज्य में सीबीआई के प्रवेश को रोक कर रखा था। उनका कहना था कि पारदर्शी व्यवस्था में जांच एजेंसियों का स्वागत किया जाना चाहिए ताकि दोषियों को सजा मिल सके।



