छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग ने रचा इतिहास: पहली बार 9 हजार करोड़ से ज्यादा के कार्यों को मंजूरी

छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो राज्य के इतिहास में दर्ज हो गई है। विभाग ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कुल 993 विकास कार्यों हेतु 9129 करोड़ 18 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की है। यह अब तक की सबसे बड़ी प्रशासकीय स्वीकृति है, जो छत्तीसगढ़ की स्थापना के बाद से किसी भी एक वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक है। इस ऐतिहासिक फैसले से साफ है कि आने वाले समय में प्रदेश की सड़कों और पुलों की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।

पिछले साल के मुकाबले बजट में तीन गुना उछाल

अगर तुलनात्मक आंकड़ों पर नजर डालें, तो विभाग की रफ्तार में जबरदस्त तेजी आई है। साल 2024-25 में जहाँ केवल 436 कार्यों के लिए 2589 करोड़ 89 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, वहीं 2025-26 में यह बजट तीन गुना से भी अधिक बढ़ गया है। स्वीकृत कार्यों की संख्या भी पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुनी से ज्यादा है। इस बड़े वित्तीय प्रावधान से रुके हुए प्रोजेक्ट्स को गति मिलेगी और नए निर्माण कार्य भी समय सीमा के भीतर शुरू हो सकेंगे।

राज्य निर्माण के बाद विकास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

इस बड़ी उपलब्धि के पीछे उप मुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव की सक्रियता अहम मानी जा रही है। उनके निर्देशों पर विभाग ने रिकॉर्ड समय में प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की और उन्हें मंजूरी दिलाई। बजट 2025-26 में 1925 नए कार्यों को शामिल करते हुए 2287 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया गया था। सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर उन प्रोजेक्ट्स को पहले हरी झंडी दी है, जो लंबे समय से लंबित थे।

वनांचल से शहरों तक पहुंचेगी विकास की धारा

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस सफलता पर विभागीय टीम की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य अधोसंरचना विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। इन मंजूरियों के बाद शहरों के साथ-साथ सुदूर वनांचल क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। पक्की सड़कों और पुलों के निर्माण से ग्रामीण इलाकों का जिला मुख्यालयों से संपर्क सुगम होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को नई संजीवनी मिलेगी।

बुनियादी ढांचे में सुधार से आर्थिक प्रगति को मिलेगी गति

PWD का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन न केवल सड़कों का जाल बिछाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। बेहतर परिवहन व्यवस्था से स्थानीय उद्योगों और किसानों को अपने उत्पाद मंडियों तक पहुँचाने में आसानी होगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह बड़ा निवेश आने वाले वर्षों में सामाजिक और आर्थिक प्रगति का आधार बनेगा, जिससे प्रदेश ‘विकसित छत्तीसगढ़’ की संकल्पना को साकार करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाएगा।

Also Read: बस्तर में बदली तस्वीर: अब नक्सलियों को नहीं, देवी-देवताओं को चढ़ रहा फसल का पहला हिस्सा

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button