बिलासपुर का युवक रूस में लापता, बहन का आरोप- बंधक बनाकर युद्ध में भेजने का बनाया जा रहा दबाव

Bilaspur Youth Missing In Russia: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। नौकरी की तलाश में रूस गए बिल्हा निवासी विनीत कुमार दुबे पिछले कई दिनों से लापता हैं। विनीत की बहन आशी दुबे ने आरोप लगाया है कि उनके भाई को वहां बंधक बनाकर प्रताड़ित किया जा रहा है और यूक्रेन युद्ध में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। परिजनों ने बिलासपुर कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से मुलाकात कर विदेश मंत्रालय के जरिए युवक की सुरक्षित वापसी कराने की गुहार लगाई है।

Telegram ग्रुप से मिली थी नौकरी

CG Bilha Vineet Dubey News: परिजनों के अनुसार विनीत कुमार दुबे को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के एक ग्रुप के जरिए रूस में नौकरी का विज्ञापन मिला था। बेहतर रोजगार की उम्मीद में वह 1 अक्टूबर 2026 को रूस की राजधानी मॉस्को पहुंचे थे। परिवार का कहना है कि रूस पहुंचते ही परिस्थितियां विपरीत हो गईं। वहां उन्हें भारतीय दूतावास जाने से रोका गया और मॉस्को के एक होटल में ठहराने के बाद जबरन वोल्गोग्राद शहर के एक अपार्टमेंट में शिफ्ट कर दिया गया।

7 अक्टूबर के बाद टूटा संपर्क

Russia War Pressure CG Youth: परिवार से मिली जानकारी के मुताबिक 7 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7 बजे कुछ अज्ञात लोग विनीत को एक कार में बैठाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले गए। उस दिन के बाद से ही विनीत का अपने परिजनों से कोई सीधा संपर्क नहीं हो सका है। 7 अक्टूबर के बाद से मोबाइल बंद आने और कोई संवाद न होने के कारण बिलासपुर में रह रहे परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

युद्ध में शामिल होने का दबाव

Bilaspur Vineet Dubey Missing Update: विनीत की बहन आशी दुबे ने बताया कि उनके भाई पर रूस की नागरिकता (रेजिडेंसी) लेने और सेना की ओर से युद्ध में शामिल होने का भारी दबाव बनाया गया। जब विनीत ने युद्ध में जाने से साफ इनकार कर दिया, तो उनके साथ मारपीट की गई और कई दिनों तक भूखा रखकर प्रताड़ित किया गया। परिजनों ने आशंका जताई है कि फर्जी एग्रीमेंट के जरिए भारतीय युवाओं को वहां की परिस्थितियों में धकेला जा रहा है।

ड्रग्स केस में फंसाने की साजिश

MEA Russian Embassy Bilaspur Police Contact: आशी दुबे ने यह भी दावा किया है कि विनीत को रूस में स्थानीय पुलिस के सहयोग से ड्रग्स से जुड़े एक झूठे मामले में फंसा दिया गया है। इस फर्जी मुकदमे का भय दिखाकर विनीत को स्थानीय गिरोह की बातें मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। हालांकि इन गंभीर आरोपों की स्वतंत्र जांच होना अभी बाकी है, लेकिन परिवार इन खबरों के बाद बेहद डरा हुआ है।

व्हाट्सएप मैसेज से खुली पोल

इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी विनीत के परिजनों को खुद विनीत से नहीं, बल्कि किशोर नाम के एक अन्य भारतीय युवक के जरिए मिली। किशोर ने व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर बिलासपुर में परिवार से संपर्क साधा और बताया कि विनीत वहां गंभीर संकट में हैं। इस संदेश के मिलने के बाद से ही परिजन लगातार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।

कलेक्टर और SSP से लगाई गुहार

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित परिवार ने बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से लिखित शिकायत दर्ज कराई है। बहन आशी दुबे ने मांग की है कि भारत सरकार तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करे, ताकि वोल्गोग्राद या मॉस्को में फंसे विनीत का लोकेशन ट्रेस किया जा सके और उन्हें सकुशल वापस स्वदेश लाया जा सके।

रूसी दूतावास और MEA को पत्र

परिजनों की आधिकारिक शिकायत मिलने के बाद बिलासपुर पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है। बिलासपुर पुलिस कप्तान ने मामले में तत्परता दिखाते हुए विदेश मंत्रालय (MEA) और नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास के साथ पत्राचार किया है। पुलिस अधिकारियों ने पत्राचार के माध्यम से गुमशुदा युवक के सभी दस्तावेज और पासपोर्ट विवरण साझा किए हैं।

दूतावास के जवाब का इंतजार

फिलहाल बिलासपुर पुलिस और विनीत का परिवार विदेश मंत्रालय तथा मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास से आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही दूतावास से विनीत की लोकेशन या स्थिति के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त होती है, तुरंत आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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