
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। कंपनी प्रबंधन ने महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का औपचारिक एलान कर दिया है। इस बड़े फैसले के बाद अब कर्मचारियों को मिलने वाला महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 60 प्रतिशत हो गया है। पावर कंपनी के इस कदम से न केवल वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी बल्कि सेवानिवृत्त हो चुके कर्मियों को भी इसका फायदा मिलेगा।
मई की सैलरी में जुड़कर आएगा पैसा
मुख्य अभियंता (मानव संसाधन) द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। बिजली कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का सीधा लाभ मई 2026 की सैलरी में देखने को मिलेगा। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन के खर्चों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इससे पहले कर्मचारियों को 58 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जा रहा था जिसे अब संशोधित कर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
4 महीनों का एरियर्स किस्तों में होगा भुगतान
यह बढ़ोतरी केवल भविष्य के लिए नहीं है बल्कि इसे पिछली तारीख से प्रभावी किया गया है। कंपनी के आदेशानुसार नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएंगी। इसका अर्थ है कि कर्मचारियों को जनवरी से लेकर अप्रैल तक का बकाया यानी एरियर्स भी दिया जाएगा। प्रबंधन ने तय किया है कि इन चार महीनों के एरियर्स का भुगतान मई से अगस्त के बीच चार बराबर किस्तों में किया जाएगा ताकि कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी राशि का लाभ मिल सके।
रिटायर हो चुके कर्मचारियों को भी बड़ी राहत
महंगाई भत्ते में इस इजाफे का दायरा केवल मौजूदा स्टाफ तक ही सीमित नहीं रखा गया है। कंपनी ने साफ किया है कि 1 जनवरी 2026 के बाद रिटायर हुए कर्मचारियों को भी नियमों के तहत एरियर्स और बढ़े हुए भत्ते का लाभ दिया जाएगा। सेवानिवृत्त कर्मियों के लिए यह फैसला किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है क्योंकि इससे उनकी पेंशन राशि में भी बढ़ोतरी होगी। कर्मचारी संगठनों ने भी कंपनी के इस निर्णय का खुले दिल से स्वागत किया है।
महंगाई के दौर में आर्थिक मोर्चे पर मजबूती
पावर कंपनी के इस फैसले को कर्मचारी कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक कदम के तौर पर देखा जा रहा है। मई के वेतन में होने वाली यह बढ़ोतरी कर्मचारियों को आर्थिक मोर्चे पर काफी मजबूती प्रदान करेगी। प्रशासन का मानना है कि समय पर भत्तों में संशोधन करने से कार्यक्षमता बढ़ती है और कर्मचारियों का मनोबल भी ऊंचा रहता है। अब कर्मचारियों की निगाहें मई महीने की सैलरी स्लिप पर टिकी हैं जिसमें यह बढ़ा हुआ इजाफा साफ दिखाई देगा।



