
PM E-Bus Sewa CG: छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुलभ सफर की व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत महिलाओं के लिए विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और आम महिला यात्रियों को शहरों के भीतर एक सुरक्षित, प्रदूषण रहित और आरामदायक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराना है।
नगरीय प्रशासन विभाग ने की समीक्षा बैठक
योजना को धरातल पर उतारने और इसकी रूपरेखा तय करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राज्य में ई-बस सेवा के संचालन से जुड़ी अब तक की तैयारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की समीक्षा की गई।
महिलाओं की आवाजाही वाले मार्गों को प्राथमिकता
अधिकारियों की बैठक में ई-बसों के परिचालन के लिए रूट चयन पर विस्तार से चर्चा हुई। सरकार का जोर ऐसे मार्गों को प्राथमिकता देने पर है, जहां महिलाओं, स्कूल-कॉलेज की छात्राओं और कामकाजी वर्ग की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। इन बसों की समय सारणी और संचालन व्यवस्था भी यात्रियों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
चार प्रमुख शहरों को मिलीं 240 इलेक्ट्रिक बसें
केंद्र सरकार ने पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख नगर निगमों के लिए कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी प्रदान की है। ये बसें रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा शहरों में चलाई जाएंगी। इन प्रमुख शहरों में ई-बसों का बेड़ा शामिल होने से स्थानीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली मजबूत होगी और नागरिकों को डीजल बसों के धुएं से भी मुक्ति मिलेगी।
डिपो और चार्जिंग स्टेशनों की तैयारी तेज
बैठक में केवल बसों के परिचालन ही नहीं, बल्कि इनके रखरखाव और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ठोस योजना बनी। चारों शहरों में ई-बसों के लिए आधुनिक डिपो, बस स्टॉप और हाई-स्पीड चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगरीय प्रशासन विभाग का कहना है कि आधारभूत ढांचा तैयार होते ही इन शहरों में बसों का परिचालन चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ कर दिया जाएगा।



