
CG Fire Safety Audit: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग के हादसे को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सूबे के भीतर संचालित होने वाले सभी बहुमंजिला आवासीय परिसरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, कोचिंग संस्थानों, होटलों और सिनेमाघरों जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक भवनों का विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोकने के लिए पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना बेहद जरूरी है।
सभी जिला कलेक्टरों और नगर निगम आयुक्तों को आदेश
मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद राज्य के मुख्य सचिव विकास शील ने प्रशासनिक अमले को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने प्रदेश के सभी संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों, नगर निगमों के कमिश्नरों और अग्निशमन विभाग के आला अधिकारियों को एक संयुक्त विशेष निरीक्षण अभियान चलाने का लिखित आदेश जारी किया है। इस सरकारी आदेश के तहत अब हर जिले में प्रशासनिक टीमें गठित की जा रही हैं जो ट्यूशन क्लासेस, निजी लॉज, मॉल और बड़े कमर्शियल कांप्लेक्सों में जाकर औचक जांच करेंगी और सुरक्षा व्यवस्था का पूरा ब्योरा तैयार करेंगी।
फायर एनओसी की वैधता और आपातकालीन निकास द्वारों की जमीनी स्थिति को परखेगा प्रशासन
इस राज्यव्यापी अभियान के दौरान जांच टीमों के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण बिंदु तय किए गए हैं। अधिकारी मुख्य रूप से यह देखेंगे कि संबंधित इमारत के पास अग्निशमन विभाग की वैध एनओसी है या नहीं। इसके साथ ही परिसर के भीतर लगे फायर एक्स्टिंग्विशर और अन्य बचाव उपकरण सही हालत में हैं या सिर्फ दिखावे के लिए टांगे गए हैं। जांच के दायरे में आपातकालीन निकास मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट), बिजली की पुरानी वायरिंग, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) की बुनियादी सुविधाओं को भी शामिल किया गया है।
क्षमता से अधिक भीड़ जुटाने वाले संस्थानों और अवैध पार्किंग के खिलाफ भी होगी सख्त कार्रवाई
अक्सर देखा जाता है कि संकरी गलियों में बने कोचिंग सेंटरों या होटलों में तय क्षमता से कहीं ज्यादा लोगों की भीड़ इकट्ठा हो जाती है, जिससे आपदा के समय भगदड़ मचने का खतरा रहता है। प्रशासन इस बार भवनों की वास्तविक क्षमता के अनुपात में लोगों की मौजूदगी और वहां की पार्किंग व्यवस्था की भी गंभीर समीक्षा करेगा। मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स को हिदायत दी है कि यदि किसी भी नामचीन संस्थान या रसूखदार के व्यावसायिक परिसर में गंभीर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो बिना किसी दवाब के उसे तुरंत सील करने की कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री ने दिए कड़े कानूनी कदम उठाने के संकेत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पूरी कवायद पर जोर देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के नागरिकों, विशेषकर बाहर से आकर पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले और नोटिस के बाद भी कमियां दूर न करने वाले भवन स्वामियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए। सरकार का उद्देश्य डराना नहीं बल्कि सार्वजनिक स्थलों को हर नागरिक के लिए पूरी तरह सुरक्षित और भयमुक्त बनाना है।



