Nepal Flood Tragedy: नेपाल बाढ़ त्रासदी पर सीएम विष्णु देव साय ने जताया दुख, फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

CG Helpline for Nepal Flood: नेपाल में हुई भीषण प्राकृतिक आपदा पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने इस भीषण बाढ़ और भूस्खलन में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरा भारत नेपाल के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री साय ने भगवान पशुपतिनाथ से दिवंगत आत्माओं की शांति और प्रभावित परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की। इसके साथ ही उन्होंने लापता लोगों के सकुशल होने की कामना की है।

नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

Nepal Disaster Alert: नेपाल में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण फंसे छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुरक्षित वापसी और सहायता के लिए राज्य सरकार ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। प्रभावित नागरिक या उनके परिजन किसी भी प्रकार की सहायता और जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन नंबर 1070 तथा टेलीफोन नंबर +91-771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार अपने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

बाढ़ और भूस्खलन से 100 लोगों की मौत

Nepal Landslide News: नेपाल और तिब्बत सीमा पर रसुवा जिले के पास बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में पानी का बेहद तेज बहाव आया, जिससे देखते ही देखते कई रिहायशी इलाके और बाजार बह गए। नेपाल पुलिस की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

133 भारतीयों समेत 300 से अधिक विदेशी पर्यटक लापता

नेपाल के पर्यटन विभाग के अनुसार इस तबाही के बाद से 1000 से अधिक लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिकों समेत 300 से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल हैं। अचानक आए पानी के तेज बहाव के कारण किसी को संभलने का मौका नहीं मिला, जिससे कई लोग बह गए।

दोबारा बाढ़ आने का मंडरा रहा गंभीर खतरा

नेपाली प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी जारी की है कि प्रभावित क्षेत्रों में एक बार फिर बाढ़ का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जिस ग्लेशियल झील के फटने से यह जलप्रलय आया था, वहां अभी भी लगभग 7 मीटर ऊंचा प्राकृतिक डैम बना हुआ है। यदि पानी का दबाव बढ़ा और यह डैम दोबारा टूटा, तो निचले इलाकों में एक बार फिर भारी तबाही मच सकती है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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