
CG Illegal Sand Mining Lease Cancel: छत्तीसगढ़ में अवैध रेत उत्खनन की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए खनिज विभाग ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य में पर्यावरण के नियमों को ताक पर रखकर नदियों का सीना चीरने वाले रेत माफियाओं के खिलाफ अब केवल गाड़ियां जब्त करने जैसी मामूली कार्रवाई नहीं होगी। विभाग ने साफ कर दिया है कि बार-बार नियम तोड़ने वाले ठेकेदारों के खनन पट्टे (लीज) सीधे रद्द किए जाएंगे और उन पर भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। खनिज विभाग और जिला कलेक्ट्रेट की टीमों द्वारा लगातार की जा रही छापों की कार्रवाई के बावजूद रेत का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा था, जिसके बाद यह बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है।
धमतरी जिला अवैध रेत उत्खनन में सबसे आगे, विभाग ने अब तक वसूला 1.16 करोड़ से अधिक का जुर्माना
राज्य सरकार को लगातार मिल रही फीडबैक के अनुसार छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में रेत का अवैध धंधा सबसे ज्यादा फल-फूल रहा है। खनिज विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र में सबसे अधिक दंडात्मक कार्रवाई की गई है। विभाग ने विभिन्न जिलों में सक्रिय रेत माफियाओं के खिलाफ अब तक 400 से अधिक आपराधिक और राजस्व प्रकरण दर्ज किए हैं। इन मामलों में दोषियों से कुल मिलाकर 1.16 करोड़ रुपये से अधिक की जुर्माना राशि वसूली जा चुकी है, लेकिन इसके बाद भी सिंडिकेट नए रास्तों से नदियों से रेत निकालने में लगा हुआ है।
केवल वाहन जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी पुलिसिया कार्रवाई, नियम तोड़ने वाले ठेकेदारों पर दर्ज होगी सीधे एफआईआर
खनिज साधन विभाग के सचिव पी. दयानंद ने नई रणनीति को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि बार-बार समझाइश देने और जुर्माना लगाने के बाद भी जो लोग सुधर नहीं रहे हैं, उनके खिलाफ अब सीधे थानों में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। प्रशासन का मानना है कि केवल ट्रैक्टर या डंपर को कुछ दिनों के लिए थाने में खड़ा कर देने से इस अवैध धंधे पर रोक लगाना मुमकिन नहीं है। जब तक अवैध रूप से रेत निकालने वाले मुख्य सरगनाओं और पट्टाधारकों पर सीधी कानूनी आंच नहीं आएगी, तब तक नदियों के स्वरूप को बचा पाना कठिन होगा।
खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें मैदान में, रायगढ़ में एक हफ्ते के भीतर 34 गाड़ियां की गईं सील
इस अवैध कारोबार की कमर तोड़ने के लिए मैदानी स्तर पर एक विशेष संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसमें खनिज विभाग के अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग के तहसीलदार और स्थानीय पुलिस बल को शामिल किया गया है। यह संयुक्त टीम चौबीसों घंटे संवेदनशील इलाकों पर नजर रख रही है। हाल ही में रायगढ़ जिले में इस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए महज एक सप्ताह के भीतर 34 वाहनों को अवैध रूप से रेत ले जाते हुए पकड़ा है, जिनमें अधिकांश ट्रैक्टर और भारी डंपर शामिल हैं।
राजधानी रायपुर के घाटों पर आधी रात को चली छापेमारी, चैन माउंटेन मशीनें और नावें की गईं प्रशासन द्वारा कुर्क
राजधानी रायपुर के आसपास बहने वाली नदियों के घाटों पर भी रेत माफियाओं का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा था। इसे देखते हुए जिला प्रशासन की विशेष टीम ने आधी रात को कई अवैध उत्खनन स्थलों पर अचानक दबिश दी। इस औचक निरीक्षण के दौरान भारी मात्रा में रेत निकालने के लिए इस्तेमाल की जा रही बड़ी चैन माउंटेन मशीनें, डंपर और नदियों के बीच से रेत निकालने वाली विशेष नावें जब्त की गईं। प्रशासन ने इन सभी कीमती उपकरणों को मौके पर ही सील कर कुर्की की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पिछले विशेष अभियान के दौरान जब्त हुए थे 400 ट्रैक्टर रेत, बिलासपुर संभाग में 85 जगहों पर एक साथ पड़ी थी रेड
प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ यह कोई पहली बड़ी कोशिश नहीं है। इससे पहले राज्य स्तर पर चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान प्रशासन ने एक ही बार में 400 ट्रैक्टर से अधिक अवैध रेत जब्त करने का रिकॉर्ड बनाया था। उस दौरान केवल बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों में 85 अलग-अलग रेत घाटों और स्टॉक केंद्रों पर एक साथ छापेमारी की गई थी। इस औचक कार्रवाई से पूरे रेत सिंडिकेट में हड़कंप मच गया था और बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण का खुलासा हुआ था।
राज्यपाल रमेन डेका की समीक्षा बैठक के बाद बढ़ा प्रशासनिक अमला, नदियों के संरक्षण को लेकर जताई थी गहरी चिंता
दरअसल, इस पूरी प्रशासनिक सख्ती के पीछे राजभवन से मिले कड़े निर्देश हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में खनिज और पर्यावरण विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में उन्होंने प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों में हो रहे अनियंत्रित और अवैध उत्खनन पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। राज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा था कि नदियों के अस्तित्व को संकट में डालने वाले तत्वों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए और बिना किसी राजनीतिक दबाव के कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएं।
अवैध रास्तों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक तकनीक और ड्रोन से रखी जाएगी खदानों की भौगोलिक स्थिति पर नजर
नियमों को पूरी तरह से लागू करने के लिए खनिज विभाग अब पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का भी सहारा ले रहा है। रेत खदानों से निकलने वाले मुख्य मार्गों और संवेदनशील जांच नाकों पर हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा खदानों की तय सीमा से अधिक खुदाई को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों के जरिए समय-समय पर वीडियोग्राफी कराई जाएगी, ताकि यह आसानी से पता चल सके कि ठेकेदार अपनी स्वीकृत सीमा के भीतर ही काम कर रहा है या बाहर जाकर अवैध उत्खनन में लिप्त है।
पर्यावरण को पहुंच रहे भारी नुकसान पर सरकार सख्त, सचिव पी. दयानंद ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
नदियों से बेतरतीब तरीके से रेत निकालने के कारण जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है और आसपास के गांवों में पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। इसी जमीनी हकीकत को देखते हुए खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने सभी जिला कलेक्टरों और जिला खनिज अधिकारियों को पत्र लिखकर नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने को कहा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जो भी अधिकारी इस मामले में ढिलाई बरतेगा, उस पर भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। अब सरकार का पूरा ध्यान पट्टों को निरस्त करने और अवैध खनन को जड़ से खत्म करने पर है।



