
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में हुई महिला की हत्या ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। महामाया मंदिर के पास फुटपाथ पर मिली महिला की लाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्हें सुनकर डॉक्टरों के भी हाथ कांप गए। आरोपी ने न केवल महिला के साथ दुष्कर्म किया, बल्कि उसके साथ वहशीपन की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी की तलाश में जुटी है, जबकि शहर के लोगों में इस जघन्य कांड को लेकर भारी आक्रोश है।
हैवानियत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट: टूटी पसलियों ने फाड़ दिया महिला का दिल
मेडिकल कॉलेज के फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. संतु बाग ने पोस्टमार्टम के बाद जो जानकारी साझा की है, वह विचलित करने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने महिला के सीने पर इतनी बेरहमी से वार किया कि उसकी 12 पसलियां टूट गईं। हड्डियों के टुकड़े होने की वजह से महिला के फेफड़े और दिल बुरी तरह फट गए थे। इसके अलावा सिर पर तीन जगह गंभीर चोटें मिली हैं और खोपड़ी की तीन हड्डियां टूटी हुई पाई गई हैं। डॉक्टर ने यह भी अंदेशा जताया है कि इतनी क्रूरता किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं लगती, इसमें एक से अधिक लोग शामिल हो सकते हैं।
प्राइवेट पार्ट में डाली बोतल: रेप के बाद पत्थर से कुचला चेहरा
घटनास्थल की जांच और मेडिकल रिपोर्ट से साफ हुआ है कि हत्या से पहले महिला के साथ सामूहिक दरिंदगी की गई। हत्यारे ने पहचान छिपाने के लिए पत्थर से महिला का चेहरा बुरी तरह कुचल दिया था। सबसे वीभत्स बात यह रही कि आरोपी ने महिला के प्राइवेट पार्ट में प्लास्टिक की बोतल डाल दी थी। गले पर मिले निशानों से स्पष्ट है कि उसे गला घोंटकर मारने की भी कोशिश की गई। पुलिस ने इस मामले में कबाड़ इकट्ठा करने वाले एक संदिग्ध को मुख्य आरोपी के रूप में चिह्नित किया है।
दो साल से साथ रह रहे थे: कबाड़ बीनने वाले प्रेमी पर हत्या का शक
पुलिस की शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि मृतका और आरोपी मिथुन उर्फ पांडा पिछले दो साल से पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। दोनों शहर में घूम-घूमकर कबाड़ इकट्ठा करने का काम करते थे और रात के समय फुटपाथ पर ही सो जाते थे। शुक्रवार की रात भी दोनों को एक साथ देखा गया था। बताया जा रहा है कि शराब के नशे में विवाद के बाद मिथुन ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। आरोपी और महिला के बीच अक्सर विवाद होने की बात भी सामने आई है।
रेलवे स्टेशन पर दिखा आरोपी: भागने की फिराक में प्लेटफॉर्म पर टहलता मिला
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शहर छोड़कर भागने की कोशिश में है। अंबिकापुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी कैमरों में आरोपी मिथुन उर्फ पांडा को प्लेटफॉर्म पर टहलते हुए देखा गया है। वह ट्रेन पकड़कर पड़ोसी राज्यों या जिलों में छिपने की फिराक में है। सरगुजा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी तेज कर दी है। रेलवे स्टेशन के साथ-साथ बस स्टैंड और शहर के बाहर जाने वाले रास्तों पर चेकिंग बढ़ा दी गई है।

पुलिस की घेराबंदी तेज: परिचितों और पड़ोसी जिलों की मदद ले रही टीम
सरगुजा पुलिस ने आरोपी की धरपकड़ के लिए कई टीमें गठित की हैं। पुलिस मिथुन के उन परिचितों के संपर्क में है, जिनके पास वह पनाह ले सकता है। इसके अलावा जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर जैसे पड़ोसी जिलों की पुलिस को भी आरोपी के हुलिए और सीसीटीवी फुटेज की जानकारी भेज दी गई है। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं और उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
शहर में फूटा आक्रोश: महिला कांग्रेस ने घड़ी चौक पर किया प्रदर्शन
इस दर्दनाक घटना के बाद अंबिकापुर की जनता सड़क पर उतर आई है। शनिवार को महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने शहर के घड़ी चौक पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर पीड़ित परिवार के लिए न्याय और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। महिलाओं ने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर शहर के व्यस्त इलाकों में गश्त होती, तो इतनी बड़ी वारदात को टाला जा सकता था।
सुरक्षा पर उठे सवाल: क्या सड़कों पर सुरक्षित नहीं हैं बेसहारा महिलाएं?
अंबिकापुर की इस घटना ने फुटपाथ पर रहने वाले बेसहारा लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यस्त महामाया गेट के पास इतनी बड़ी दरिंदगी हो जाना और पुलिस को भनक तक न लगना सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नशा करने वाले असामाजिक तत्व रात के समय इन इलाकों में बेखौफ घूमते हैं। नागरिकों ने मांग की है कि शहर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए और अंधेरे रास्तों पर लाइटिंग की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
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