
इस बार छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव कुछ खास होंगे। राज्य निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं की सुविधा और मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब 2,828 नए मतदान केंद्र (Polling Booths) बनाए जाएंगे। वर्तमान में राज्य में 24,371 मतदान केंद्र हैं, जो अब बढ़कर 27,199 हो जाएंगे। इसका उद्देश्य है कि हर मतदाता को अपने घर के पास ही वोट डालने की सुविधा मिले।
हर मतदाता तक आसान पहुंच
निर्वाचन विभाग के अनुसार, यह निर्णय विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के मतदाताओं को ध्यान में रखकर लिया गया है। कई इलाकों में लोगों को मतदान केंद्र तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे मतदान प्रतिशत कम रहता था। अब यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी मतदाता अपने घर से दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करे। इसी लक्ष्य के तहत अधिक जनसंख्या वाले और भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में नए बूथ स्थापित किए जा रहे हैं।
कहाँ और क्यों बनाए जा रहे हैं नए मतदान केंद्र
जिन इलाकों में जनसंख्या घनत्व बढ़ा है या जहां प्रति बूथ मतदाताओं की संख्या 1,200 से अधिक हो गई है, वहां नए मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, ऐसे क्षेत्रों में भी नए केंद्र बनाए जा रहे हैं जहाँ पिछले चुनाव में दूरी या असुविधा की वजह से लोग मतदान नहीं कर पाए थे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि इस बार का चुनाव “सुलभ मतदान (Accessible Voting)” की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। हर केंद्र को मतदाताओं की जरूरतों के अनुरूप सुसज्जित किया जाएगा।
दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधा
इस बार के चुनाव में निर्वाचन आयोग ने दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी है। हर नए मतदान केंद्र पर निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होंगी—
- व्हीलचेयर की व्यवस्था
- रैम्प (Ramp) ताकि दिव्यांग और बुजुर्ग आसानी से प्रवेश कर सकें
- पेयजल और शौचालय की सुविधा
- आरामदायक बैठने की व्यवस्था
आयोग को उम्मीद है कि इन सुविधाओं से वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग मतदाता बिना किसी कठिनाई के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
नक्सल प्रभावित जिलों में भी नए केंद्र
निर्वाचन आयोग के अनुसार, कुल नए मतदान केंद्रों में से लगभग 45% ग्रामीण क्षेत्रों में और 25% नक्सल प्रभावित जिलों में बनाए जाएंगे। इन जिलों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की जाएगी ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और सुरक्षित रूप से पूरी की जा सके। इससे नक्सल क्षेत्रों में भी लोकतंत्र का उत्सव बिना किसी बाधा के संपन्न होगा।
2.80 करोड़ मतदाता करेंगे मतदान
राज्य में इस बार कुल 2.80 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 12 लाख युवा ऐसे हैं जो पहली बार वोट डालेंगे। निर्वाचन आयोग का मानना है कि बेहतर सुविधाओं और नए मतदान केंद्रों के कारण इस बार मतदान प्रतिशत में 3 से 4 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है।
आयोग का लक्ष्य – रिकॉर्ड वोटिंग
राज्य निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2025 राज्य के इतिहास में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत वाला चुनाव बने। इसके लिए जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिया गया है कि वे मतदाता जागरूकता अभियान (SVEEP Program) को और तेज करें और ग्रामीण इलाकों में बूथ तक आसान पहुंच सुनिश्चित करें।
लोकतंत्र के उत्सव की तैयारी
गांवों से लेकर नक्सल प्रभावित इलाकों तक लोकतंत्र की तैयारी शुरू हो चुकी है। नए मतदान केंद्रों, बेहतर सुविधाओं और विशेष योजनाओं के साथ छत्तीसगढ़ एक रिकॉर्ड मतदान की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
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