राष्ट्रीय खेल दिवस पर धमतरी में खेलों की गूंज, खिलाड़ियों का होगा सम्मान

धमतरी: राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर जिले में तीन दिवसीय खेल आयोजनों की शुरुआत हो चुकी है। 29 अगस्त से 31 अगस्त तक चलने वाले इस आयोजन में बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी के लिए कुछ न कुछ रखा गया है। मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हर साल मनाया जाने वाला यह दिन इस बार धमतरी में खेलों के उत्सव में तब्दील हो गया है।

तीन दिन, तीन रंग: हर उम्र के लिए खेल

इस बार का आयोजन “मोर खेल, मोर गौरव” थीम पर आधारित है। जिला प्रशासन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 29 अगस्त से एथलेटिक्स, कुश्ती, कराते, किकबॉक्सिंग, शतरंज, वेटलिफ्टिंग, बैडमिंटन, योग और साइक्लिंग जैसी प्रतियोगिताएं रखी गई हैं।

29 अगस्त: एथलेटिक्स और रस्साकशी से हुआ आगाज़

बाबू पंढरी राव कृदत्त इंडोर स्टेडियम में 100 मीटर, 400 मीटर दौड़ और रिले रेस के साथ रस्साकशी की प्रतियोगिताएं हुईं। इन स्पर्धाओं में 14 से 19 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान उन खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है।

30 अगस्त: मुकाबलों में बढ़ी विविधता

दूसरे दिन कुश्ती, कराते और किकबॉक्सिंग के रोमांचक मुकाबले हुए। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैडमिंटन प्रतियोगिता रखी गई।
शिवसिंह वर्मा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शतरंज, टेबल टेनिस, वाद-विवाद और फिटनेस टॉक जैसे आयोजन हुए।
वहीं नत्थूजी जगताप नगर पालिक निगम स्कूल में वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें युवाओं ने दमखम दिखाया।

31 अगस्त: योग और साइक्लिंग के साथ समापन

तीसरे दिन मकई गार्डन में योग सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें पुरुष, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया।
इसके साथ ही “संडे ऑन सायकल” कार्यक्रम के तहत साइकिल रैली निकाली गई, जो आमातालाब स्थित इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरती हुई वापस स्टेडियम में खत्म हुई। इस रैली का मकसद फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था।

प्रतिभावान खिलाड़ियों का हुआ सम्मान

जिले के उन खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते या जिले का प्रतिनिधित्व किया। यह पहल न सिर्फ उनका मनोबल बढ़ाती है, बल्कि आने वाले खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

खेल अधोसंरचना में नए कदम

छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।

  • क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के तहत खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, उपकरण और आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है।
  • ओलंपिक जैसे आयोजनों में पदक जीतने वालों को 1 से 3 करोड़ रुपये तक की पुरस्कार राशि देने की नीति लागू है।
  • ग्रामीण और शहरी इलाकों में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

धमतरी और कुरूद में इंडोर बैडमिंटन हॉल और मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है, जिससे जिले के खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, जीवन की दिशा

राष्ट्रीय खेल दिवस का उद्देश्य सिर्फ मुकाबले कराना नहीं, बल्कि युवाओं को खेलों से जोड़कर उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना को बढ़ावा देना है।
धमतरी में हुए ये आयोजन साफ संकेत देते हैं कि जिले में खेलों को लेकर उत्साह बढ़ रहा है और सरकार के सहयोग से खेल संस्कृति मजबूत हो रही है।

Also Read:

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button