
CG Prepaid Electricity System: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बिजली विभाग ने शासकीय कार्यालयों के लिए एक नया नियम लागू करने का निर्णय लिया है। 1 अगस्त से जिले के 526 सरकारी दफ्तरों में प्रीपेड बिजली व्यवस्था शुरू की जा रही है। इस व्यवस्था के तहत सभी संबंधित विभागों को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए तीन महीने का अनुमानित बिजली बिल अग्रिम (एडवांस) जमा करना होगा। यदि तय समय सीमा के भीतर एडवांस राशि जमा नहीं की गई, तो संबंधित दफ्तर की बिजली काट दी जाएगी।
526 सरकारी दफ्तर आएंगे दायरे में, जनसुविधाओं को छूट
विद्युत विभाग के सहायक यंत्री भारत लाल सिन्हा ने बताया कि धमतरी शहर के 526 शासकीय कार्यालय इस नई प्रीपेड व्यवस्था के अंतर्गत आएंगे। इसमें नगर निगम के 283 कार्यालय भी शामिल हैं। हालांकि आम जनता से जुड़ी आवश्यक सेवाओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा। नल-जल योजनाओं, स्ट्रीट लाइट और जनहित से जुड़े अन्य बिजली कनेक्शनों को फिलहाल इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है, ताकि आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
ग्रुप बनाकर नियुक्त होगा नोडल अधिकारी
नई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रत्येक शासकीय विभाग के सभी बिजली कनेक्शनों का एक समूह (ग्रुप) बनाया जाएगा। हर विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त होगा जो बिल भुगतान की निगरानी करेगा। विभाग की औसतन मासिक बिजली खपत के आधार पर तीन महीने का अग्रिम शुल्क जमा कराया जाएगा। एडवांस राशि खत्म होने से पहले ही नोडल अधिकारी के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सूचना भेजी जाएगी, ताकि समय रहते अगला भुगतान किया जा सके।
पुराने बकाया बिजली बिलों के लिए मिली राहत
सरकारी विभागों पर लंबे समय से चले आ रहे पुराने बकाया बिलों के भुगतान के लिए विद्युत विभाग ने राहत भरी योजना तैयार की है। इसके तहत जुलाई तक के पुराने बकाया बिल को फ्रीज कर दिया जाएगा और उसे चार समान किश्तों में विभाजित किया जाएगा। विभाग जब भी अपना अगला अग्रिम भुगतान करेगा, उसके साथ पुराने बकाया की एक किश्त जोड़ दी जाएगी। इस व्यवस्था से विभागों पर एक बार में पूरा बजट जारी करने का दबाव नहीं पड़ेगा।
90 बकायेदारों को अंतिम नोटिस जारी
सरकारी कार्यालयों के अलावा धमतरी शहर में 10 हजार रुपये से अधिक का बकाया रखने वाले 90 निजी उपभोक्ताओं को भी विद्युत विभाग ने अंतिम चेतावनी संदेश भेजा है। निर्धारित समय में राशि जमा न करने पर उनके कनेक्शन ऑनलाइन माध्यम से विच्छेदित कर दिए जाएंगे। विभाग का बकाया वसूली अभियान लगातार जारी है। पिछले दो से तीन महीनों में 316 बकायेदारों के कनेक्शन काटे गए थे, जिससे 1.20 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी।
समय पर भुगतान न करने पर खुद बंद होगी बिजली
विद्युत विभाग ने साफ कर दिया है कि नई प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी दफ्तरों को समय पर अपना रिचार्ज या अग्रिम भुगतान सुनिश्चित करना होगा। एडवांस बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति अपने आप बाधित हो जाएगी। बिजली कंपनी का मानना है कि इस कदम से सरकारी महकमों में बिल पेंडिंग रहने की पुरानी समस्या से मुक्ति मिलेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।



