
CG Farmers Protest: छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल बीजापुर जिले में आम जनता और किसानों की बुनियादी समस्याओं को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की जिला परिषद ने क्षेत्र में लगातार बढ़ती महंगाई और कृषि संकट के विरोध में एक दिवसीय प्रदर्शन किया। आंदोलन के बाद पार्टी पदाधिकारियों ने देश के राष्ट्रपति और राज्य के मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए भाकपा ने क्षेत्र में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति में आ रही लगातार दिक्कतों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार से इन समस्याओं के तुरंत निराकरण की मांग की है।
खेती के सीजन में खाद-बीज और ईंधन के लिए भटक रहे किसान
कम्युनिस्ट पार्टी ने अपने मांग पत्र में मुख्य रूप से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी है। पार्टी का कहना है कि कृषि सीजन की शुरुआत होने के बावजूद अंदरूनी इलाकों के किसानों को धान के बीज, रासायनिक खाद और कृषि ऋण हासिल करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरणों को चलाने के लिए किसानों को सोसायटियों और पेट्रोल पंपों के माध्यम से समय पर पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल उपलब्ध कराया जाए ताकि खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित न हो।
सहकारी बैंकों के अलावा अन्य बैंकों से भी मिले सुविधाएं
भाकपा के जिला सचिव कमलेश झाड़ी ने इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अन्नदाताओं को खेती के लिए जरूरी संसाधन वक्त पर नहीं मिल पा रहे हैं जिससे उनकी लागत लगातार बढ़ रही है। पार्टी ने मांग उठाई है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अलावा क्षेत्र में मौजूद अन्य राष्ट्रीयकृत और व्यावसायिक बैंकों में भी लघु सीमांत किसानों के लिए ऋण और बैंकिंग सेवाओं को बेहद सरल और सुलभ बनाया जाए। झाड़ी ने संकल्प दोहराया कि भाकपा आदिवासियों, किसानों और मजदूरों के अधिकारों के लिए सड़क से लेकर सदन तक अपना संघर्ष जारी रखेगी।



