CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र में घेराबंदी, पुलिस भर्ती में महिलाओं को बड़ी राहत, नक्सल मुक्त गांवों को 1-1 करोड़, बसों से गुड्स कैरियर विवाद पर हंगामा, सरगुजा केसीसी घोटाला, रमन सिंह की नसीहत, महादेव ऐप में सीबीआई चार्जशीट से बड़े अफसर बाहर, जल जीवन मिशन की सुस्ती, प्राइवेट यूनिवर्सिटी के आसान नियम और कवर्धा में नकली खाद का भंडाफोड़ समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती: गर्भवती होने के कारण शारीरिक परीक्षा से छूटीं महिला अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से राहत

छत्तीसगढ़ पुलिस भर्ती प्रक्रिया में शामिल उन महिला अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है जो गर्भावस्था के कारण शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) में शामिल नहीं हो पाई थीं। बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस मामले में पहले खारिज हो चुकी एक याचिका को दोबारा बहाल कर दिया है। अदालत अब इस विषय पर नए सिरे से सुनवाई करेगी। यह पूरा मामला साल 2018 में शुरू हुई पुलिस भर्ती से जुड़ा है, जिसकी शारीरिक दक्षता परीक्षा काफी लंबे अंतराल के बाद साल 2023 में आयोजित की गई थी। इस लंबे समय के दौरान कई महिला अभ्यर्थी गर्भवती हो गईं और उन्होंने सेहत का हवाला देते हुए कोर्ट से परीक्षा के लिए 6 महीने या कुछ और समय देने की मांग की थी। शुरुआत में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने एक पुराने मामले को आधार मानकर इस याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता रोशनी केरकेट्टा और अन्य महिलाओं ने पुनर्विचार याचिका दायर की। उन्होंने दलील दी कि जिस पुराने फैसले का हवाला दिया गया था वह आरक्षण से जुड़ा था, उसमें गर्भावस्था के कारण परीक्षा टालने पर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं था। इस पर न्यायमूर्ति अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकलपीठ ने पुराना आदेश वापस लेते हुए कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे का स्वतंत्र रूप से कानूनी और तथ्यात्मक परीक्षण जरूरी है।

छग विधानसभा का मानसून सत्र: आज सरकार को घेरने की रणनीति होगी तैयार

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। इस पांच दिवसीय सत्र के दौरान सत्ता पक्ष को घेरने के लिए विपक्ष ने अपनी कमर कस ली है। इसी सिलसिले में रविवार शाम 5 बजे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के सरकारी आवास पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रदेश की वर्तमान कानून-व्यवस्था, नकटी गांव का विवाद, केंद्रीय जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग, किसानों की समस्याओं और बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। विपक्ष इन सभी विषयों को आधार बनाकर सदन में सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। मानसून सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय में अब तक कुल 1033 प्रश्न लगाए जा चुके हैं। खास बात यह है कि सवाल पूछने वाले विधायकों में केवल विपक्षी दल के नेता ही शामिल नहीं हैं, बल्कि सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी अपनी ही सरकार से सवाल पूछे हैं। सत्र की कम अवधि और दोनों पक्षों की तैयारियों को देखते हुए सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार हैं।

बसों से गुड्स कैरियर हटाने के निर्देश पर विवाद: बस ऑपरेटरों ने साय सरकार के फैसले का किया विरोध

छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा बसों के ऊपर से माल ढोने वाले गुड्स कैरियर को हटाने के अचानक जारी किए गए आदेश पर विवाद खड़ा हो गया है। बस ओनर्स फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार से इस आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की है। बस संचालकों का कहना है कि इस फैसले से राज्य की यात्री परिवहन सेवा प्रभावित हो सकती है। फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल पुसदकर के अनुसार, विभाग ने नियम बना दिया है कि जो ऑपरेटर बस से कैरियर नहीं हटाएंगे, उनका टैक्स जमा नहीं किया जाएगा। दिक्कत यह है कि टैक्स भरने की अंतिम तारीख आ चुकी है। अगर टैक्स जमा नहीं हुआ तो बसें सड़क पर नहीं उतर पाएंगी, जिससे आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ऑपरेटरों का तर्क है कि नियमों के तहत यात्री कम होने की स्थिति में प्रति सवारी 75 किलोग्राम तक माल ले जाने की अनुमति होती है। फेडरेशन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी जानबूझकर इस तरह के व्यावहारिक फैसले ले रहे हैं जिससे सरकार की छवि खराब हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो बस सेवाएं ठप हो सकती हैं जिससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान पहुंचेगा।

सरगुजा केसीसी घोटाला: किसानों के नाम पर निकाला फर्जी लोन, बैंक मैनेजर समेत अन्य पर केस दर्ज

सरगुजा जिले के केरजू सहकारी समिति में हुए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) घोटाले की जांच अब एक आत्महत्या के मामले से जुड़ गई है। सीतापुर थाना पुलिस ने जिला सहकारी बैंक पेटला के तत्कालीन शाखा प्रबंधक भूपेंद्र सिंह परिहार और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई केरजू सहकारी समिति के तत्कालीन प्रबंधक दिनेश गुप्ता की आत्महत्या के बाद हुई है। दिनेश गुप्ता ने 25 दिसंबर 2025 को अपने घर पर फांसी लगा ली थी। जांच में पता चला है कि आत्महत्या से पहले समिति में कुछ किसानों ने अपने नाम पर फर्जी लोन स्वीकृत होने को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद से दिनेश गुप्ता काफी तनाव में थे। मृतक की पत्नी सुनीता गुप्ता ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि बैंक के तत्कालीन शाखा प्रभारी भूपेंद्र सिंह परिहार किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन निकालने के खेल में शामिल थे। जब दिनेश गुप्ता ने इस गड़बड़ी का विरोध किया और राशि वापस करने की बात कही, तो उन पर दबाव बनाया गया और नौकरी से हटाने की धमकी दी गई। विभागीय जांच में भी सामने आया था कि समिति के माध्यम से करीब 52 लाख रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा हुआ है और कई किसान बिना कर्ज लिए ही बैंक रिकॉर्ड में कर्जदार बन गए हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।

बीजेपी कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर रमन सिंह का बयान: 40 साल की मेहनत के बाद मिलती है कुर्सी

भारतीय जनता पार्टी के भीतर राजनीतिक और संगठनात्मक पदों को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान और कार्यकर्ताओं की नाराजगी पर पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि संगठन और सरकार में जितने पदों पर नियुक्तियां होनी थीं, वे लगभग पूरी हो चुकी हैं। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनीति में किसी भी पद को हासिल करने में लंबा समय लगता है। कई बार 40 साल तक लगातार मेहनत करने के बाद कोई जिम्मेदारी या कुर्सी मिलती है। इसलिए कार्यकर्ताओं को अब पदों की चिंता छोड़कर जमीन पर काम करना चाहिए और अगले चुनाव की तैयारियों में जुट जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि साय सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो चुका है और बचे हुए ढाई साल संगठन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। कार्यकर्ताओं की मुख्य प्राथमिकता सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने अपनी चार दशक की राजनीतिक यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी पद के लिए दबाव की राजनीति नहीं की, बल्कि पार्टी ने जो भी जिम्मेदारी दी उसे निष्ठा से निभाया।

15 अगस्त को तिरंगा यात्रा, हर गांव को मिलेंगे 1 करोड़ रुपये

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को लेकर कुछ बड़ी घोषणाएं की हैं। सरकार ने फैसला किया है कि जो गांव अब पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो चुके हैं, वहां आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी और ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके साथ ही इन गांवों के विकास के लिए सरकार प्रति गांव 1 करोड़ रुपये की राशि देगी। पहले चरण में इस योजना के लिए कुल 50 गांवों को चुना गया है। इनमें सुकमा जिले के 20 गांव, बीजापुर के 20 गांव और नारायणपुर के 10 गांव शामिल हैं। इसके अलावा, नक्सल हिंसा से प्रभावित प्रमुख जगहों पर सामुदायिक स्मारक बनाए जाएंगे। पीड़ित और पुनर्वासित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के विशेष प्रावधानों के तहत पक्के मकान दिए जाएंगे। गृह विभाग की समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन नक्सली मामलों में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, उनमें जेल में बंद आरोपियों के मामलों की कानूनी समीक्षा कर उन्हें रिहा करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके लिए विधि विभाग की मदद से सरकारी वकीलों की एक टीम बनेगी जो जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हर हफ्ते मामलों की समीक्षा करेगी। साथ ही, आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को एक महीने के भीतर प्रोत्साहन राशि देने और माओवादियों द्वारा लूटे गए हथियारों को बरामद करने के लिए अंतरराज्यीय समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

महादेव सट्टा ऐप मामला: सीबीआई ने कोर्ट में पेश की छह चार्जशीट, बड़े पुलिस अफसरों के नाम गायब

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने अदालत में एक साथ छह आरोप पत्र दाखिल कर दिए हैं। इन चार्जशीट में महादेव ऐप के मुख्य संचालकों सहित कुल 72 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में इस बात का साफ जिक्र किया है कि इस अवैध सट्टा कारोबार को बिना रुकावट चलाने के लिए कुछ पुलिस अधिकारियों को नियमित रूप से प्रोटेक्शन मनी (संरक्षण राशि) दी जाती थी। इसके अलावा, फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल करके सट्टे की करोड़ों रुपये की कमाई को विदेशों में भेजा गया था। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिन पुलिस अधिकारियों को संरक्षण राशि देने का दावा जांच में किया गया है, उनमें से किसी भी बड़े अफसर का नाम इस चार्जशीट में आरोपी के तौर पर शामिल नहीं है। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राज्य की ईओडब्ल्यू की जांच में कई बड़े नेताओं और पुलिस अफसरों के नाम सामने आए थे, जिसके बाद सीबीआई ने आईजी, डीआईजी और एसपी स्तर के अधिकारियों के ठिकानों पर छापे भी मारे थे। चार्जशीट में बड़े नामों के न होने से अब जांच की दिशा पर सवाल उठ रहे हैं।

छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन की सुस्त चाल: 4710 करोड़ का बजट नहीं हुआ खर्च, कई गांवों में सिर्फ पानी की टंकियां खड़ीं

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण इलाकों तक साफ पीने का पानी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया जल जीवन मिशन लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। एक आरटीआई से मिले आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में जिम्मेदार अधिकारी लगभग 4,710 करोड़ रुपये का उपलब्ध बजट खर्च करने में नाकाम रहे, जिसके कारण राज्य के 8.21 लाख से अधिक परिवारों को अब भी नल का शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 511 करोड़ रुपये, वर्ष 2023-24 में 4,143 करोड़ रुपये और वर्ष 2024-25 में 56 करोड़ रुपये का बजट बिना इस्तेमाल किए ही पड़ा रहा। जमीनी हकीकत यह है कि कई गांवों में विभाग ने बड़ी-बड़ी पानी की टंकियां तो खड़ी कर दी हैं, लेकिन घरों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई है। कई जगहों पर पाइपलाइन है तो नल गायब हैं और कहीं-कहीं बोरवेल ही नहीं खोदे गए हैं। इस मामले में बढ़ती शिकायतों को देखते हुए मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। सरकार ने अब इस योजना में सुधार के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए नल-जल योजनाओं का संचालन सीधे ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सौंपने का निर्णय लिया है। साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन कार्यों का सोशल ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

निजी विश्वविद्यालय खोलने के नियम आसान करेगी सरकार: 25 एकड़ जमीन और विन्यास निधि की शर्त हटेगी

छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) (संशोधन) विधेयक, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी दे दी गई है। इस नए संशोधन का उद्देश्य उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना है। नए नियमों के लागू होने के बाद अब नया प्राइवेट विश्वविद्यालय खोलने के लिए पहले से अनिवार्य 25 एकड़ जमीन की शर्त को खत्म कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस बाध्यता के हटने से वे शैक्षणिक संस्थान भी राज्य में आ सकेंगे जो कम जमीन में बेहतर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकते हैं। जमीन के साथ-साथ आर्थिक नियमों में भी ढील दी जा रही है। वर्तमान नियम के अनुसार, सामान्य क्षेत्रों में 5 करोड़ रुपये और अनुसूचित क्षेत्रों में 3 करोड़ रुपये की विन्यास निधि जमा करानी होती थी, जिसे अब रक्षित निधि में बदल दिया जाएगा ताकि छात्रों के हित सुरक्षित रहें। इसके अलावा, अब निजी विश्वविद्यालयों को अपने कुल नामांकित छात्रों की फीस का एक प्रतिशत हिस्सा सरकार के पास जमा करना होगा, जिसका उपयोग नियामक व्यवस्थाओं के लिए किया जाएगा। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में 15 सरकारी विश्वविद्यालयों के मुकाबले 19 निजी विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं।

कवर्धा में नकली पोटाश खाद बेचने वाले केंद्र पर कार्रवाई: लैब जांच में पोटाश की मात्रा मिली शून्य

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में किसानों को नकली पोटाश खाद बेचने के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है। कृषि विभाग की टीम ने बोडला स्थित ‘गोलू कृषि केंद्र’ पर छापेमारी कर पोटाश खाद के सैंपल लिए थे, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। लैब से आई रिपोर्ट बेहद चौंकाने वाली है। जिस खाद की बोरी पर 60 प्रतिशत पोटाश होने का दावा किया गया था, सरकारी लैब की जांच में उसमें पोटाश की मात्रा शून्य प्रतिशत पाई गई। यानी किसानों को पोटाश के नाम पर सिर्फ मिट्टी बेची जा रही थी। रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दुकान और उसके गोदाम को सील कर दिया है और मौके से करीब एक टन नकली खाद जब्त की है। निरीक्षण के दौरान दुकान संचालक खाद की खरीदी-बिक्री से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर या परिवहन के कागज पेश नहीं कर सका। उर्वरक निरीक्षक बीरेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि यह उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 का सीधा उल्लंघन है और संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। इसी तरह की एक अन्य कार्रवाई कोरबा जिले के उरगा में भी हुई है, जहां ‘श्याम ट्रेडर्स’ के एक अघोषित गोदाम से बिना लाइसेंस और बिल के रखी गई 100 बोरी अवैध यूरिया खाद जब्त की गई है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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