CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें नवागांव कॉलेज प्रताड़ना मामला, नदियों को बचाने हाईकोर्ट के निर्देश, धमतरी में खाद की कालाबाजारी पर एक्शन, PWD मंत्री की बड़ी कार्रवाई, बुजुर्ग महिला से धोखाधड़ी, सूबे में रिश्वतखोरी के आंकड़े, बाहरी डॉक्टरों का विरोध, रायपुर के क्लब में नियमों का उल्लंघन, पत्रकारों का प्रदर्शन और दुर्ग में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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कॉलेज प्रोफेसर पर छात्राओं का गुस्सा: महिला आयोग ने दिए जांच के आदेश

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की रायपुर कार्यालय में 396वीं प्रदेश स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान शासकीय नवीन महाविद्यालय नवागांव में सहायक प्राध्यापकों के बीच कार्यस्थल पर प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया। महिला प्रोफेसरों ने एक पुरुष सहकर्मी पर अभद्र व्यवहार करने और धमकियां देने का आरोप लगाया है। छात्राओं ने लिखित शपथ पत्र देकर महिला प्रोफेसरों का समर्थन किया है। छात्राओं का कहना है कि आरोपी प्राध्यापक नंबर काटने की धमकी देकर उन पर दबाव बनाता था। दूसरी तरफ, आरोपी शिक्षक का दावा है कि उसके खिलाफ गुटबाजी की जा रही है। महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक और सदस्य सरला कोसरिया ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग की सहायक संचालिका को जांच टीम में नियुक्त किया है। टीम को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

नदियों को बचाने के लिए हाईकोर्ट सख्त: अब स्कूलों में आयोजित होंगे ‘मेला उत्सव’

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रदेश की प्रमुख नदियों के जल ग्रहण क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने की योजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी जिला कलेक्टरों को हाईकोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। नदियों के संरक्षण के लिए कैम्पा, मनरेगा और डीएमएफ फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, नई पीढ़ी को नदियों के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों में जल संरक्षण पर आधारित प्रतियोगिताएं होंगी। बच्चों को नदियों के उद्गम स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा और वहां ‘मेला उत्सव’ जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नदियों में कचरा और रासायनिक अपशिष्ट डालने वालों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।

खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई: तीन दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड, 1559 बोरी जब्त

धमतरी जिले में खरीफ सीजन के दौरान खाद की कालाबाजारी और तय कीमत से अधिक दाम वसूलने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर कृषि विभाग ने कुरुद, मगरलोड और नगरी क्षेत्र की दुकानों पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। कार्रवाई के दौरान मेसर्स वंदना खाद भण्डार से 859 बोरी रासायनिक खाद जब्त की गई, जहां बिना कैश मेमो के महंगे दामों पर यूरिया और डीएपी बेची जा रही थी। इसके अलावा कुरुद के चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स में स्टॉक बोर्ड और पॉस मशीन के रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर कार्रवाई की गई। नगरी के बेलरगांव में भी बिना अनुमति रखी 700 बोरी जैविक खाद जब्त कर दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है।

बस्तर में PWD मंत्री का एक्शन: दो ठेकेदार ब्लैकलिस्ट, आठ को नोटिस

लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के कड़े तेवरों के बाद विभाग ने बस्तर संभाग में सड़कों और पुलों के निर्माण में लापरवाही बरतने वाले दो बड़े ठेकेदारों का पंजीकरण आगामी दो वर्षों के लिए निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही तय समय सीमा में काम पूरा न करने वाले आठ अन्य ठेकेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने पिछले दिनों बस्तर प्रवास के दौरान लोक निर्माण विभाग के कार्यों की जमीनी स्तर पर समीक्षा की थी। काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य अभियंता ने चार उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण में देरी करने पर मेसर्स गुप्ता कन्सट्रक्शन कंपनी और कांकेर में काम में ढिलाई बरतने पर ठेकेदार निर्भय राम साहू का लाइसेंस दो साल के लिए रद्द कर दिया है।

87 साल की बुजुर्ग ने मांगी इच्छामृत्यु: पंच पर 90 लाख की संपत्ति हड़पने का आरोप

बिलासपुर के बेलगहना इलाके में एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां 87 वर्षीय बुजुर्ग महिला बालकुंवर बसोड़ को न्याय के लिए इच्छामृत्यु की मांग करनी पड़ी। इसके बाद केंदा के पंच फागुन प्रसाद प्रजापति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित महिला के पति और तीन बेटों की मौत हो चुकी है और वह बांस की टोकरी बनाकर अपना गुजारा करती हैं। आरोप है कि पंच ने सहायता करने का झांसा देकर बुजुर्ग के बैंक खाते से 23 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। इसके साथ ही धोखे से 6.34 एकड़ कृषि भूमि, सोने-चांदी के जेवर और दिवंगत बेटे की गाड़ियां भी अपने नाम करवा लीं। बुजुर्ग महिला ने थाने और अधिकारियों के चक्कर काटे लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार आईजी कार्यालय में इच्छामृत्यु का आवेदन देने के बाद एसएसपी के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई।

छत्तीसगढ़ में सुशासन के बीच घूसखोरी: 29 महीनों में 161 अधिकारी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। पिछले 29 महीनों में एसीबी ने 128 ट्रैप कार्रवाइयां करते हुए 161 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों के दौरान कुल 45.38 लाख रुपये से अधिक की राशि जब्त की गई है। सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के मामले राजस्व, शिक्षा, पंचायत, पुलिस और नगरीय प्रशासन विभाग से सामने आए हैं। पकड़े गए लोगों में एसडीएम, तहसीलदार, जिला शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और पुलिस उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। जमीन का नामांतरण, सीमांकन, मुआवजा राशि जारी करने और निर्माण कार्यों के बिल पास कराने के एवज में सबसे ज्यादा रिश्वत मांगी जा रही है।

बाहरी डॉक्टरों को बिना पंजीकरण प्रवेश का विरोध: आंदोलन की तैयारी में स्थानीय चिकित्सक

छत्तीसगढ़ सरकार की हालिया अधिसूचना का प्रदेश के चिकित्सक संगठनों ने पुरजोर विरोध करना शुरू कर दिया है। इस अधिसूचना के तहत बाहरी राज्यों के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मियों को बिना किसी स्थानीय नियामक प्रक्रिया के छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सेवा देने की अनुमति दी गई है। छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने इसे स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय बताया है। चिकित्सक संगठनों का कहना है कि राज्य के युवा डॉक्टर, इंटर्न और मेडिकल छात्र पहले से ही रोजगार के सीमित अवसरों और रिक्त पदों पर भर्ती में देरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में बाहरी डॉक्टरों को बिना रोक-टोक प्रवेश देना स्थानीय चिकित्सा समुदाय के हितों को प्रभावित करेगा। संगठनों ने सरकार से इस फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग करते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

रायपुर के क्लब में नियमों की धज्जियां: रात 2 बजे तक चली शराब और डीजे पार्टी

राजधानी रायपुर में देर रात तक बार और क्लब संचालन पर पुलिस की पाबंदी के दावों के बीच नवा रायपुर स्थित अजुरा क्लब का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में क्लब के भीतर रात दो बजे तक तेज आवाज में म्यूजिक बजता और पार्टी चलती दिखाई दे रही है। यह मामला मंदिर हसौद थाना क्षेत्र का है। हैरानी की बात यह है कि जिस सीबीडी बिल्डिंग में यह क्लब संचालित हो रहा है, उसी परिसर में ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कार्यालय भी है। पुलिस ने सभी बार और क्लबों को रात 12 बजे तक बंद करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन वीडियो में नियमों का सीधा उल्लंघन नजर आ रहा है। मंदिर हसौद थाना प्रभारी ने कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर क्लब को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।

जगदलपुर में पत्रकारों का प्रदर्शन: सुरक्षा कानून को सख्ती से लागू करने की मांग

पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पत्रकार सुरक्षा कानून को जमीनी स्तर पर कड़ाई से लागू करने की मांग को लेकर जिला पत्रकार संघ ने जगदलपुर में प्रदर्शन किया। इस दौरान पत्रकारों ने स्थानीय प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपा और फील्ड में काम करने वाले मीडियाकर्मियों पर बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम करते समय पत्रकारों को अक्सर धमकियों और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि पत्रकारों के खिलाफ दर्ज झूठे मामलों और उत्पीड़न की घटनाओं की त्वरित जांच की जाए और दोषियों को सजा दी जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

दुर्ग में अवैध मदरसे और कब्जे पर चला बुलडोजर: खाली जमीन पर बनेंगे गरीबों के घर

भिलाई नगर निगम ने अयप्पा नगर स्थित आनंद विहार और उल्लास नगर में एक बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब डेढ़ एकड़ सरकारी जमीन को खाली कराया गया। इस जमीन पर पिछले 12 वर्षों से अवैध रूप से मदरसा और कुछ मकान बना रखे थे, जिन्हें बुलडोजर से ढहा दिया गया। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि यह जमीन आनंद विहार और उल्लासनगर कॉलोनी के निर्माण के दौरान गरीब वर्ग के आवासों के लिए आरक्षित की गई थी, लेकिन अवैध कब्जे के कारण यहां प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान नहीं बन पा रहे थे। अब इस मुक्त कराई गई भूमि पर गरीबों के लिए पक्के मकान बनाए जाएंगे। इस पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और किसी भी पक्ष की ओर से कोई विरोध सामने नहीं आया।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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