CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें करंट से भालू परिवार खत्म, 20 साल का फर्जी वकील गिरफ्तार, शराब ओवररेटिंग पर 7 प्लेसमेंट एजेंसियां तलब, जूनियर डॉक्टरों का कैंडल मार्च, बलौदाबाजार शराब कारोबारी के घर छापा, नीट-यूजी परीक्षा की तैयारियां पूरी, चौथी क्लास का डिजिटल टेस्ट, स्कूलों से किताबें गायब, रेत माफिया बेकाबू और बिलासपुर में 17 करोड़ का फर्जी सर्पदंश घोटाला समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे

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करंट से भालू परिवार खत्म, बिजली और वन विभाग पर भड़के ग्रामीण

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर वन परिक्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां के पार्वतीपुर और झींगरा माड़ा उपका पारा के जंगलों में 11 केवी हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिर गया। इसकी चपेट में आने से दो वयस्क भालू और एक शावक की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फिलहाल भालुओं के शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बिजली विभाग से भी इस तकनीकी खामी को लेकर जवाब मांगा जा रहा है। इस हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि जंगलों के बीच से गुजरने वाले बिजली के तारों की न तो समय पर देखरेख होती है और न ही सुरक्षा जांच की जाती है। कई जगहों पर तार खतरनाक ढंग से झूल रहे हैं और खंभे भी जर्जर हो चुके हैं। वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि अगर दोनों विभाग मिलकर समय पर संवेदनशील इलाकों में इंसुलेटेड तार लगाते, तो इस बेकसूर वन्यजीव परिवार को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती।

रायपुर कोर्ट में पकड़ाया 20 साल का फर्जी वकील, जमानत के नाम पर ठगे 10 हजार

रायपुर। जिला न्यायालय परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब जिला अधिवक्ता संघ ने एक फर्जी वकील को रंगे हाथों पकड़ लिया। यह आरोपी अपना असली नाम मनीष कुर्रे छुपाकर ‘हरीश डहरिया’ नाम से कोर्ट में घूम रहा था। संघ ने आरोपी को पकड़कर सिविल लाइन्स पुलिस के हवाले कर दिया है।अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों को युवक की गतिविधियों पर शक हुआ था। जब उससे दस्तावेज मांगे गए तो उसकी पोल खुल गई। आरोपी अपने विजिटिंग कार्ड और सोशल मीडिया पर खुद को बड़ा वकील दिखाता था। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह बीए, बीकॉम के साथ एलएलबी और एलएलएम की डिग्री ले चुका है, जबकि उसके आधार कार्ड में उम्र महज 20 साल निकली। इतनी कम उम्र में इतनी डिग्रियां होना नामुमकिन था, जिससे उसका झूठ पकड़ा गया। जांच में पता चला कि आरोपी ने एक मुवक्किल से जमानत दिलाने के नाम पर 10 हजार रुपये की ठगी की थी। मनीष ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि कोर्ट परिसर में उसके साथ 5 और लोग भी इस तरह के फर्जीवाड़े में शामिल हैं। अधिवक्ता संघ का कहना है कि दिल्ली की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के कोर्ट में भी फर्जी डिग्री वाले सक्रिय हैं, जो सीधे-साधे लोगों को ठगते हैं। पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।

शराब ओवररेटिंग पर बड़ा एक्शन, 7 प्लेसमेंट कंपनियों के मालिकों को आबकारी कमिश्नर ने किया तलब

रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी शराब दुकानों में तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतों को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। आबकारी विभाग के कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बाद अब छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) ने शराब दुकानों में कर्मचारी सप्लाई करने वाली 7 बड़ी मैनपावर एजेंसियों पर शिकंजा कसा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, आबकारी कमिश्नर सह प्रबंध संचालक की अध्यक्षता में 23 जून 2026 को नवा रायपुर के जीएसटी भवन में दोपहर 3 बजे एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के लिए एक सख्त गाइडलाइन जारी की गई है कि कंपनियों के किसी स्थानीय प्रतिनिधि या मैनेजर को एंट्री नहीं मिलेगी। एजेंसियों के डायरेक्टर्स या सीईओ को खुद इस बैठक में हाजिर होना होगा। जिन कंपनियों को तलब किया गया है उनमें बॉम्बे इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी, एसआईएस कैश सर्विसेज, इनोवसोर्स सर्विसेज, स्पेक्ट्रम टैलेंट मैनेजमेंट, पेरेग्रीन गार्डिंग, इनोविजन लिमिटेड और टीम एचआर जीएसए प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने नए लोगों को रोजगार देने के बजाय पुराने और दागी सेल्समैन को दोबारा काम पर रख लिया, जो ओवररेटिंग के खेल में शामिल हैं।

रायपुर में जूनियर डॉक्टरों का कैंडल मार्च, मांगे पूरी न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

रायपुर। अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के जूनियर डॉक्टरों ने सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन और छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन के बैनर तले आयोजित इस मार्च में इंटर्न, पीजी रेजिडेंट्स और सीनियर रेजिडेंट्स डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। जूनियर डॉक्टरों की तीन मुख्य मांगे हैं। पहली मांग है कि इंटर्न से लेकर सुपरस्पेशलिटी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में सम्मानजनक बढ़ोतरी की जाए। दूसरी मांग है कि राज्य के बाहर से चिकित्सा पेशेवरों की आउटसोर्सिंग के फैसले को तुरंत रद्द किया जाए। तीसरी मांग यह है कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय डॉक्टरों के रोजगार और भविष्य को सुरक्षित किया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में दूसरे राज्यों के डॉक्टरों को बिना स्थानीय पंजीकरण के यहां काम करने की इजाजत दी है, जिससे स्थानीय युवाओं के हक पर डाका पड़ रहा है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो वे आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

5. छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: बलौदाबाजार में कारोबारी के घर एसीबी और ईओडब्ल्यू का छापा

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच की आंच अब जिलों तक पहुंच गई है। शनिवार सुबह एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की एक संयुक्त टीम ने बलौदाबाजार शहर के कान्हा विहार स्थित शराब कारोबारी अहिंदर के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की। जांच एजेंसियों की टीम सुबह-सुबह ही कारोबारी के घर पहुंच गई और पूरे परिसर को अपने घेरे में ले लिया। अधिकारियों ने कारोबारी के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, व्यापारिक रजिस्टरों और प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों की कई घंटों तक गहन पड़ताल की। इस दौरान टीम ने कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिए हैं।सूत्रों के मुताबिक, इस छापेमारी का मुख्य मकसद राज्य के बड़े शराब घोटाले से इस कारोबारी के कनेक्शन का पता लगाना है। हालांकि अभी तक दोनों ही जांच एजेंसियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों का पूरा ध्यान जब्त किए गए दस्तावेजों के विश्लेषण पर है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में नीट परीक्षा की तैयारियां पूरी, 127 केंद्रों पर 45 हजार छात्र देंगे एग्जाम

रायपुर। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और जिला प्रशासन ने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 परीक्षा के लिए अपनी कमर कस ली है। यह परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए पूरे छत्तीसगढ़ में 127 केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 45 हजार से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। अकेले रायपुर जिले में 25 परीक्षा केंद्र तय किए गए हैं। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा, इसके बाद किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। सभी केंद्रों पर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और सीसीटीवी कैमरों से लाइव निगरानी की व्यवस्था की गई है। रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने खुद आमापारा और डीडीयू नगर समेत कई परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश के मौसम को देखते हुए केंद्रों पर वॉटरप्रूफ शेड की व्यवस्था की जाए ताकि छात्रों को परेशानी न हो। एनटीए के नियमों के मुताबिक परीक्षार्थियों को केवल हल्के कपड़े और साधारण चप्पल पहनकर आने की सलाह दी गई है। मोबाइल, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।

सरकारी स्कूलों की चौथी कक्षा के बच्चों का होगा डिजिटल टेस्ट, परखी जाएगी भाषा और गणित

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों की बुनियादी क्षमता को मापने के लिए 23 और 24 जून को एक विशेष मूल्यांकन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत राज्य के 250 चयनित स्कूलों के कक्षा चौथी के करीब 3 हजार छात्रों का रैंडम टेस्ट लिया जाएगा। इस बार शिक्षा विभाग पारंपरिक पेन और कागज के बजाय टैबलेट आधारित डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) इस पूरे टेस्ट की निगरानी कर रहा है। टेस्ट का मुख्य उद्देश्य यह देखना है कि क्या बच्चे अपनी कक्षा के स्तर के हिसाब से पढ़ने, लिखने और सामान्य जोड़-घटाव करने में सक्षम हैं या नहीं। इस परीक्षा के दौरान बच्चों को भाषा टेस्ट में प्रति मिनट 50 से 60 शब्दों की एक छोटी कहानी पढ़नी होगी। वहीं गणित के सेक्शन में उन्हें 1 से 1000 तक की संख्याओं की पहचान, छोटी-बड़ी संख्या का अंतर और तार्किक सवालों के जवाब देने होंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस डिजिटल टेस्ट से जो आंकड़े सामने आएंगे, उनके आधार पर कमजोर बच्चों और स्कूलों के लिए विशेष सुधारात्मक कक्षाएं चलाई जाएंगी।

नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद भी सरकारी स्कूलों से किताबें गायब, पुरानी किताबों से हो रही पढ़ाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाएं पहले ही हफ्ते में बेपटरी हो गई हैं। स्कूलों में बच्चे तो पहुंच गए हैं, लेकिन उनके हाथों में अब तक नई किताबें नहीं पहुंच सकी हैं। अधिकांश जगहों पर शिक्षक बच्चों को केवल नई प्रार्थनाएं याद करवा रहे हैं या पुरानी किताबों से काम चला रहे हैं। रायपुर जिले के धरसींवा, तिल्दा, आरंग और अभनपुर विकासखंडों में किताबों की आपूर्ति बेहद अधूरी है। प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है। पहली से आठवीं तक की किताबें सिर्फ धरसींवा ब्लॉक में ही पहुंच पाई हैं, बाकी जगहों के बच्चे खाली हाथ स्कूल जा रहे हैं। इस देरी के पीछे छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम की एक बड़ी तकनीकी लापरवाही सामने आई है। दरअसल, किताबों के बंडलों पर लगे बार-कोड को स्कैन करने में दिक्कत आ रही है। इस तकनीकी खराबी के चलते डिपो से स्कूल पहुंचने के बाद भी किताबें बक्शों में ही बंद पड़ी हैं। इसके अलावा बच्चों को मिलने वाले यूनिफॉर्म का वितरण भी अभी तक अधूरा है। जानकारों का मानना है कि अब स्कूलों में ठीक से पढ़ाई जुलाई महीने से ही शुरू हो पाएगी।

छत्तीसगढ़ में मानसून प्रतिबंध के बाद भी बेखौफ रेत माफिया, 56 नदियों में अवैध खनन जारी

कोरिया। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (NGT) के नियमों के तहत छत्तीसगढ़ में 10 जून से मानसून को देखते हुए रेत निकालने पर पूरी तरह रोक लग चुकी है। इसके बावजूद प्रदेश के रेत माफिया सिंडिकेट बनाकर 120 से ज्यादा घाटों पर धड़ल्ले से अवैध उत्खनन कर रहे हैं। हाल ही में कोरिया जिले में एक भाजपा नेता की जिंदा जलाकर हुई हत्या के तार भी इसी अवैध रेत कारोबार से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। प्रदेश के लगभग सभी 33 जिलों में रेत का यह काला खेल बेखौफ चल रहा है। महानदी, शिवनाथ, इंद्रावती, खारून, हसदेव और मांड जैसी 56 छोटी-बड़ी नदियों का सीना छलनी किया जा रहा है। जांजगीर-चांपा जिले में तो माफिया ने हसदेव नदी के बीच में मुरुम डालकर अपनी अवैध सड़कें तक बना ली हैं, जहां से रात-दिन ट्रैक्टर और हाइवा गुजर रहे हैं। रायगढ़ जिले में केवल एक रेत खदान वैध है, लेकिन वहां मांड नदी में 10 से ज्यादा अवैध घाट सक्रिय हैं। यही हाल सूरजपुर की महान नदी का है, जहां बिना किसी अनुमति के 50 एकड़ क्षेत्र में खुदाई की जा रही है। इस मामले में खनिज साधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनकी फ्लाइंग स्क्वायड की टीमें सक्रिय हैं और अवैध उत्खनन की सूचना मिलने पर तुरंत जब्ती की कार्रवाई की जा रही है।

बिलासपुर में 17 करोड़ का अनोखा सर्पदंश घोटाला, कागजों पर जिंदा लोगों को मार दर्ज हुईं 14 FIR

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक ऐसा सनसनीखेज घोटाला सामने आया है जिसने प्रशासनिक महकमे को हिलाकर रख दिया है। यहां राजस्व विभाग, डॉक्टरों, वकीलों और तहसील के बिचौलियों ने मिलकर कागजों पर सांप के काटने से 431 फर्जी मौतें दिखा दीं और सरकार की आपदा राहत निधि से 17 करोड़ 24 लाख रुपये का मुआवजा डकार गए। विधानसभा में मामला उठने के बाद पुलिस ने अब तक अलग-अलग थानों में 14 एफआईआर दर्ज की हैं। हैरानी की बात यह है कि छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले को ‘नागलोक’ कहा जाता है, जहां पिछले तीन वर्षों में सर्पदंश से केवल 96 मौतें हुईं। इसके मुकाबले अकेले बिलासपुर जिले में 431 मौतें दिखा दी गईं, जिससे इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ। नियम के मुताबिक सांप काटने से मौत होने पर पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है। आरोपियों ने सामान्य मौत या बीमारी से मरने वाले लोगों के परिवारों से सांठगांठ कर फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पटवारी पंचनामा तैयार करवा लिया। इस मामले में पुलिस ने तहसील कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर गोविंद विश्वकर्मा, वकील खांडेकर और वकील रंजीत चतुर्वेदी समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं बिल्हा क्षेत्र की महिला डॉक्टर प्रियंका सोनी के खिलाफ भी सामान्य मौत को सर्पदंश बताने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा है कि वे इस पुलिसिया जांच से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और इस पूरे रैकेट की उच्च स्तरीय और बारीक जांच होनी चाहिए क्योंकि इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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