CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें बिजली कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ओवररेट शराब बिक्री पर सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड, रायपुर नगर निगम में विकास कार्य ठप होने का खतरा, अल-नीनो के साए में 10 साल का सबसे कमजोर मानसून, अंबिकापुर बैंक घोटाले के 497 किसानों को राहत, जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई में 1 करोड़ की टैक्स चोरी का भंडाफोड़, निजी स्कूलों में किताबों के संकट पर 25 जून को बंद का एलान, मुंगेली में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने पर सियासी बवाल, वक्फ बोर्ड के आदेश पर रोक के बाद धार्मिक आयोजनों में बज सकेगा डीजे और कांकेर के जंगलों से नक्सलियों का हथियारों का जखीरा बरामद समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
छत्तीसगढ़ में गहराया बिजली संकट, संविदा कर्मचारियों ने शुरू की अनिश्चितकालीन हड़ताल
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी बिजली कंपनियों के संविदा कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच हुई बातचीत टूट गई है। इसके तुरंत बाद कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में ‘अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन’ का एलान कर दिया। छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ का कहना है कि जब तक उन्हें नियमित करने का लिखित आदेश नहीं मिलता, कोई भी कर्मचारी काम पर वापस नहीं आएगा। इस फैसले के बाद राज्य में बिजली सप्लाई और खराब लाइनों को सुधारने का काम ठप होने की नौबत आ गई है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 22 जून को बिजली कंपनी के बड़े अफसरों के साथ एक बैठक तय थी। मगर इस बैठक में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा और कर्मचारियों को अपनी बात रखने का मौका भी नहीं मिला। अफसरों के इस रवैये से नाराज होकर कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया। कर्मचारियों का आरोप है कि साल 2007 से 2011 के बीच आए संविदा कर्मियों को महज 2 साल में पक्का कर दिया गया था, लेकिन 2016 और 2018 से काम कर रहे लोगों को 10 साल बाद भी नियमित नहीं किया गया है। जोखिम भरे काम के चलते अब तक 41 कर्मचारियों की जान जा चुकी है, इसलिए यह उनके हक की लड़ाई है।
अंबिकापुर में महंगी शराब बेचने पर आबकारी सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड, दो बड़े अफसरों को नोटिस
अंबिकापुर। शहर की विदेशी कंपोजिट शराब दुकान में तय कीमत से अधिक दाम पर शराब बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। इस लापरवाही पर आबकारी आयुक्त ने सब-इंस्पेक्टर अनिल गुप्ता को तुरंत सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही जिला आबकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत गायकवाड़ और सहायक जिला आबकारी अधिकारी शीला बड़ा को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा गया है। दरअसल, रायपुर से आई आबकारी विभाग की उड़नदस्ता टीम ने बौरीपारा की शराब दुकान पर अचानक छापा मारा था। टीम ने एक फर्जी ग्राहक बनाकर दुकान भेजा, जिसने वहां से व्हिस्की के 20 पाव खरीदे। 120 रुपये प्रति नग के हिसाब से कुल बिल 2400 रुपये होना था, लेकिन सेल्समैन नरेंद्र कुमार यादव ने ग्राहक से 2500 रुपये वसूल लिए। ₹100 ज्यादा लेने की पुष्टि होते ही टीम ने सेल्समैन के खिलाफ केस दर्ज किया और उसकी रिपोर्ट पर आबकारी सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया।
रायपुर नगर निगम में रुक सकते हैं विकास कार्य, ठेकेदारों ने खोला मोर्चा
रायपुर। राजधानी के सभी 70 वार्डों में सड़क, नाली और सफाई जैसे बुनियादी काम आने वाले दिनों में ठप हो सकते हैं। नगर निगम सिविल ठेकेदार संघ ने नए नियमों और कई महीनों से रुके भुगतानों को लेकर नाराजगी जताई है। ठेकेदारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस सिलसिले में रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी से मुलाकात की और अपनी समस्याएं रखीं। ठेकेदार संघ के अध्यक्ष का कहना है कि निगम कमिश्नर उन पर लोक निर्माण विभाग (PWD) के कड़े नियम थोप रहे हैं और नए सिरे से ऑडिट करा रहे हैं। ठेकेदारों के मुताबिक, उन्हें नियमों से दिक्कत नहीं है, लेकिन पीडब्ल्यूडी में जहां काम के लिए एडवांस फंड मिलता है, वहीं निगम में काम पूरा होने के बाद भी एक-एक साल तक बिल पास नहीं होते। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष ने ठेकेदारों का समर्थन किया है और कमिश्नर से मांग की है कि नए नियम लागू करने से पहले ठेकेदारों का पुराना बकाया चुकाया जाए ताकि उनके पास काम करने के लिए पैसे रहें।
छत्तीसगढ़ में अल-नीनो का असर, 10 साल में सबसे कमजोर मानसून से सरकार चिंतित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल अल-नीनो के प्रभाव के कारण सूखा पड़ने का खतरा बढ़ गया है। मानसून की शुरुआत बेहद खराब रही है, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को नुकसान से बचाने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई बैठक में राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस संकट से निपटने का पूरा प्लान साझा किया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 22 जून 2026 तक राज्य में औसतन सिर्फ 30.8 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो पिछले 10 सालों के मुकाबले करीब 58 प्रतिशत कम है। इस साल राज्य में 48 लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर खेती का लक्ष्य था, लेकिन सूखे जैसे हालात के कारण अब तक केवल 2 प्रतिशत हिस्से में ही बोनी हो पाई है। कृषि विभाग अब किसानों को कम समय में तैयार होने वाली धान की किस्में, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और दलहन-तिलहन की फसलें लगाने की सलाह दे रहा है। कम पानी वाली फसलों के बीज बांटने का काम भी तेज कर दिया गया है।
अंबिकापुर सहकारी बैंक घोटाले के पीड़ितों को राहत, 497 किसानों को मिलेगा खाद-बीज
अंबिकापुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अंबिकापुर के तहत आने वाली समितियों में हुए करोड़ों रुपये के घोटाले के बाद संकट में फंसे किसानों के लिए राहत की खबर है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम की पहल पर प्रभावित इलाकों के 497 पीड़ित किसानों को दोबारा खाद और बीज बांटने का काम शुरू कर दिया गया है। शंकरगढ़, कुसमी, रामानुजगंज और रामचंद्रपुर के किसान इस घोटाले के कारण पिछले कई सीजन से लोन और खाद-बीज के लिए परेशान थे। यह पूरा घोटाला साल 2020 से 2024 के बीच हुआ था, जिसमें बैंक के कर्मचारियों ने करोड़ों रुपये की वित्तीय गड़बड़ी की थी। इसके बाद पात्र किसानों को सुविधाएं मिलना बंद हो गई थीं। सरकार ने इस मामले के दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है और कई कर्मचारी सस्पेंड भी हुए हैं। इस समय मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। कृषि मंत्री ने कहा है कि किसानों का पैसा हड़पने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा और पात्र किसानों को उनके हक की सुविधाएं तुरंत दी जाएंगी।
रायपुर में जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई, 1 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी
रायपुर। राज्य के जीएसटी विभाग ने रायपुर के आरंग और अभनपुर इलाके में छापेमारी कर करीब 1 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का भंडाफोड़ किया है। विभाग की टीम ने पिछले एक हफ्ते तक आम नागरिक बनकर इन इलाकों की रेकी की थी, जिसके बाद बिस्किट फैक्ट्री, बेकरी, पोल्ट्री फार्म और पेवर ब्लॉक बनाने वाले उद्योगों पर एक साथ छापा मारा गया। जांच में पता चला कि टैक्स चोरी करने के लिए कारोबारियों ने फैक्ट्रियों के चारों तरफ ऊंची दीवारें बना रखी थीं और खुफिया कैमरे लगाए थे ताकि बाहर किसी को भनक न लगे। फैक्ट्रियों से निकलने वाली गाड़ियों पर कोई नंबर या पहचान नहीं होती थी और बिना पक्के बिल के माल बाजार में बेचा जा रहा था। कई बड़े कारोबारी मोटी कमाई के बावजूद या तो जीएसटी रिटर्न नहीं भर रहे थे या अपना टर्नओवर बहुत कम दिखा रहे थे। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नए नियमों के तहत अब टैक्स चोरी करने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा।
छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों में किताबों का संकट, 25 जून को स्कूल बंद रखने का एलान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नया पढ़ाई का सत्र 16 जून से शुरू हो चुका है, लेकिन अधिकांश प्राइवेट स्कूलों को अब तक पाठ्यपुस्तकें नहीं मिल सकी हैं। इस अव्यवस्था से नाराज छत्तीसगढ़ राज्य अशासकीय विद्यालय संचालक संघ ने 25 जून को प्रदेश के सभी निजी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। उस दिन सभी जिला मुख्यालयों में कलेक्टर दफ्तर के सामने प्रदर्शन भी किया जाएगा। स्कूल संचालकों का कहना है कि पाठ्य पुस्तक निगम ने 21 जुलाई तक किताबें बांटने का भरोसा दिया है, जो कि सत्र शुरू होने के एक महीने बाद की तारीख है। इससे बच्चों की पढ़ाई पिछड़ जाएगी और फरवरी 2027 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए कोर्स समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। पिछले साल भी सितंबर तक किताबें नहीं मिली थीं जिससे पूरी व्यवस्था बिगड़ गई थी। संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
मुंगेली में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरा, बीजेपी-कांग्रेस के बीच सियासी बहस शुरू
मुंगेली। जिले में अमरटापू धाम से भरवागुड़ा को जोड़ने वाले एक निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक गिर गया। पुल पर निर्माण सामग्री से लड़ी एक गाड़ी चढ़ी थी, जिसका वजन स्लैब बर्दाश्त नहीं कर सका और पूरा हिस्सा ढह गया। इस घटना के समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे जो समय रहते पीछे हट गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। विपक्ष का कहना है कि मुंगेली लोक निर्माण विभाग के मंत्री का गृह जिला है और जब यहीं के पुल का यह हाल है, तो बाकी प्रदेश में क्या स्थिति होगी। वहीं दूसरी तरफ, डिप्टी सीएम और पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गाड़ी तय सीमा से ज्यादा आगे चली गई थी जिससे स्लैब पर दबाव बढ़ गया। उन्होंने इसे निर्माण के दौरान हुई एक तकनीकी चूक बताया है और जांच के आदेश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, धार्मिक आयोजनों में बज सकेगा डीजे
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य वक्फ बोर्ड के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें दरगाहों, उर्स और मजहबी जलसों में डीजे और धूमाल बजाने पर पाबंदी लगाई गई थी। वक्फ बोर्ड ने 25 मई 2026 को यह आदेश जारी किया था, जिसमें नियम तोड़ने वालों पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी शामिल था। इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर इसे मनमाना बताया गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस पाबंदी से धार्मिक परंपराओं और लोगों के उत्साह पर असर पड़ रहा है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए वक्फ बोर्ड के आदेश के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसका मतलब यह है कि जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक धार्मिक आयोजनों में पहले की तरह डीजे और धूमाल बजाया जा सकेगा।
कांकेर के जंगलों में सुरक्षाबलों की बड़ी कामयाबी, नक्सलियों का हथियारों का जखीरा बरामद
कांकेर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित कांकेर जिले के आमाटोला जंगल से सुरक्षाबलों ने नक्सलियों का एक बड़ा खुफिया ठिकाना ढूंढ निकाला है। जवानों ने मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक, 4 भरमार बंदूकें, 2 वायरलेस सेट, एक रेडियो और नक्सली वर्दी बरामद की है। यह पूरी कार्रवाई छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में की गई। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, कांकेर पुलिस, बीएसएफ और बम निरोधी दस्ते (BDS) की एक संयुक्त टीम इलाके में सर्चिंग पर निकली थी। गश्त के दौरान जवानों को जंगल के भीतर कुछ संदिग्ध चीजें दिखाई दीं, जिसकी बारीकी से जांच करने पर जमीन में छिपाकर रखा गया नक्सलियों का डंप मिला। इस डंप में हथियारों के अलावा नक्सली साहित्य और दवाइयां भी थीं। सभी सामान को जब्त कर सुरक्षित तरीके से कैंप लाया गया है और इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।



