
नई दिल्ली: पिछले कई दिनों से तकनीकी खराबी और स्टाफ की कमी के कारण इंडिगो एयरलाइंस में उड़ानें रद्द होने और देरी की वजह से परेशानी झेल रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) ने रविवार को जानकारी दी कि एयरलाइन ने अब तक यात्रियों को ₹610 करोड़ रुपये से अधिक का रिफंड प्रोसेस कर दिया है। सरकार ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिए थे कि रद्द उड़ानों के टिकटों का पूरा रिफंड रविवार शाम तक हर हाल में प्रोसेस कर दिया जाए।
यात्रियों के 3000 से ज्यादा बैग डिलीवर
रिफंड के साथ-साथ, सामान खोने या देरी से पहुँचने की समस्या पर भी इंडिगो ने कार्रवाई की है। मंत्रालय ने बताया कि इंडिगो द्वारा 3000 से ज्यादा अलग हुए बैग (Separated Baggage) यात्रियों तक पहुंचाए जा चुके हैं। सरकार ने एयरलाइन को स्पष्ट निर्देश दिया था कि यात्रियों के सामान को 48 घंटे के भीतर डिलीवर किया जाए। रिफंड और री-बुकिंग से संबंधित शिकायतों को तुरंत हल करने के लिए स्पेशल हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं, ताकि यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।
री-बुकिंग पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं
इंडिगो ने यह भी सुनिश्चित किया है कि रद्द हुई उड़ानों के लिए यात्रियों की री-बुकिंग (पुनर्निर्धारित) बिना किसी अतिरिक्त शुल्क (Additional Charge) के की जा रही है। मंत्रालय के अनुसार, परिचालन बाधाओं को दूर करने के लिए त्वरित कदम उठाए गए हैं, और देशभर में हवाई यातायात सामान्य हो रहा है। अन्य घरेलू एयरलाइंस पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, और इंडिगो का प्रदर्शन भी धीरे-धीरे सुधर रहा है।
उड़ानों की संख्या में लगातार सुधार
परिचालन में सुधार के संबंध में मंत्रालय ने आँकड़े साझा किए हैं। शुक्रवार को इंडिगो की 706 उड़ानें संचालित हुईं थीं। शनिवार को यह संख्या बढ़कर 1,565 तक पहुँच गई। मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, रविवार को यह संख्या 1,650 तक पहुँचने की उम्मीद है, जो इस बात का संकेत है कि एयरलाइन अपने परिचालन संकट (Operational Crisis) से तेजी से बाहर निकल रही है।



