
राजनांदगांव: शहर के शासकीय डेंटल कॉलेज की मेस में छात्रों की सेहत के साथ बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। बीती रात जब छात्र भोजन कर रहे थे, तभी एक छात्र की सब्जी की प्लेट में मरा हुआ मेंढक निकला। इसे देखते ही मेस में हड़कंप मच गया और छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए छात्रों ने तुरंत खाने का बहिष्कार कर दिया और मेस प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने मौके पर ही घटना की फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिए, जो अब तेजी से वायरल हो रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि मेस में साफ-सफाई का जरा भी ध्यान नहीं रखा जाता और बार-बार शिकायत के बाद भी सुधार नहीं हुआ।

फूड सेफ्टी विभाग का छापा: किचन में मिली एक्सपायरी मिर्च और मसाले, बिना मानक वाली सामग्री भी बरामद
घटना की सूचना मिलते ही फूड सेफ्टी विभाग की टीम हरकत में आई और कॉलेज परिसर पहुंचकर मेस की सघन जांच की। जब टीम ने स्टोर रूम और किचन की तलाशी ली, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। टीम को वहां भारी मात्रा में एक्सपायरी डेट के मसाले, जीरा और मिर्च पाउडर मिले। इसके अलावा किचन में ऐसी कई प्रतिबंधित सामग्रियां भी पाई गईं जिनका इस्तेमाल कानूनी रूप से गलत है। बिना FSSAI प्रमाणन वाले खाद्य पदार्थों को टीम ने जब्त कर लिया है और जांच के लिए उनके सैंपल लैब भेजे गए हैं। अधिकारियों ने मेस संचालक को मौके पर ही फटकार लगाई और रिकॉर्ड दुरुस्त न होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
प्रतिबंधित सामानों का हो रहा था इस्तेमाल: छात्रों ने कहा- पहले भी की थी शिकायत, मेस ठेकेदार को बदलने की मांग
डेंटल कॉलेज के छात्रों का कहना है कि मेस की खराब गुणवत्ता को लेकर वे लंबे समय से कॉलेज प्रशासन को अवगत करा रहे थे। मेस में घटिया तेल और मिलावटी मसालों के इस्तेमाल की आशंका पहले भी जताई गई थी, लेकिन मेंढक मिलने की घटना ने सभी को डरा दिया है। छात्रों ने अब प्रशासन के सामने स्पष्ट मांग रखी है कि वर्तमान मेस ठेकेदार का टेंडर तत्काल रद्द किया जाए और किसी नई संस्था को जिम्मेदारी दी जाए। छात्रों ने भविष्य में भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच और स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी समिति बनाने की भी मांग की है।

जांच रिपोर्ट के बाद होगा एक्शन, सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर गिरेगी गाज
इस पूरे मामले में कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि वे छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर हैं। फूड सेफ्टी विभाग की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर संबंधित मेस संचालक के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल विभाग ने मेस संचालन पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जो भी कड़ी कार्रवाई संभव होगी, वह की जाएगी ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। तब तक मेस में वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए छात्रों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भविष्य के लिए नई गाइडलाइंस: मेस संचालन में अब होगी नियमित निगरानी, फूड सेफ्टी अधिकारियों ने दी हिदायत
फूड सेफ्टी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में ही मेस प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हो गई है। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए मेस संचालक पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई हो सकती है। कॉलेज प्रबंधन को भी हिदायत दी गई है कि वे मेस के किचन और स्टोर की साप्ताहिक जांच करें। इस घटना के बाद शहर के अन्य हॉस्टलों और कॉलेजों की मेस में भी चेकिंग अभियान चलाने की बात कही जा रही है ताकि भविष्य में किसी अन्य संस्थान में छात्रों की सेहत के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो सके।



